बीकानेर। राजस्थान हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं की हडताल व धरना आज 15 वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को इस आंदोलन के तहत अधिवक्ताओं ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। जिला बार एसोसिएशन के सात अधिवक्ता जिनमें घनश्याम ओझा, हरिनारायण सारस्वत, किशोर सिंह शेखावत, संजीव राजवंशी, दीपक अरोडा, बालकिशन शर्मा व आलोक राजवंशी क्रमिक अनशन पर बैठे जिन्हें वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भवानीशंकर शर्मा, पूर्व न्यास अध्यक्ष सोमचंद सिंघवी ने अधिवक्ताओं को माल्यार्पण कर क्रमिक अनशन शुरू करवाया। इन अधिवक्ताओं की मांग को लेकर चल रहे समर्थन का सिलसिला जारी है। नॉर्थ वेस्ट रेलवे एम्पलाइज यूनियन संघ के रतनसिंह शेखावत, देहात भाजपा अध्यक्ष जालमसिंह, बीकानेर देहात सेवादल के विमल भाटी, विद्युत वितरण निगम के हनुमानदास बोहरा आदि संस्थाओं ने इस मांग को जायज बताते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया है। इस संबंध में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने बताया कि इस क्रमिक अनशन में सात अधिवक्ता 24 घंटे अनशन पर बैठेंगे जिनका समय प्रातः 11 बजे से रात्रि 11 बजे तक रहेगा। इस बारे में अधिवक्ताओं ने बताया कि राजस्थान देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बडा राज्य है और इस प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच मात्र दो हैं जो एक जयपुर तथा दूसरा जोधपुर होने से प्रदेश में इन महानगरों से दूर रहने वाले पक्षकारों को भारी असुविधा और महंगा न्याय बमुश्किल मिल पाता है इस समस्या के समाधान के लिए उदयपुर में पहले से ही मांग चल रही है वहीं दूसरी ओर बीकानेर संभाग के अधिवक्ताओं के साथ आमजन ही इस आंदोलन की राह पर निकल पडे हैं। अधिवक्ता ओमप्रकाश भादाणी ने बताया कि सन् 1922 बीकानेर में हाईकोर्ट स्थापित था जो कि रियासतों का विलीनीकरण तक था जोधपुर हाईकोर्ट में बीकानेर के 56 हजार मामले विचाराधीन हैं जबकि अन्य किसी संभाग में मुकदमों की संख्या इतनी नहीं है। संभागीय स्तर पर स्थापित की जानी चाहिए तो बीकानेर का पहला हक बनता है क्योंकि यहां सबसे अधिक मुकदमे विचाराधीन हैं पक्षकारों को जोधपुर जाने के लिए सैकडों किमी की यात्रा करनी पडती है अगर राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट बैंच की स्थापना बीकानेर में की जाती है तो यहां पहले से भव्य इमारत उपलब्ध है तथा इसके लिए कोई अतिरिक्त व्यय नहीं करना पडेगा। हाईकोर्ट की स्थापना को लेकर किये जा रहे संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए ओम भादाणी ने बताया कि पूरे संभाग में अधिवक्ताओं की हडताल जारी है जबकि बीकानेर में पिछले15 दिनों से न्यायिक कार्य ठप है ऐसी स्थिति सभी संभाग व अन्य जिलों में बनी हुई है। दिन प्रतिदिन आंदोलन जोर पकडता जा रहा है यह मांग केवल अधिवक्तओं की नहीं बल्कि सभी संगठनों व दलों व आमजन की है। अगर हाईकोर्ट बैंच की स्थापना हो जाए तो यहां की जनता को सस्ता व सुलभ न्याय मिलेगा।