बीकानेर। जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने ग्रामीण क्षेत्रा की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण के लिए चिकित्सकों को संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिये है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बोल रही थी। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा की और कहा कि नसबंदी कार्यक्रम में राजस्थान में बीकानेर का स्थान 8वां है। अतः इसे कायम रखते हुए जिले को नम्बर एक पर लाने के प्रयास किये जाये। उन्होंने कार्यक्रम में आशा सहयोगिनी की भूमिका की जानकारी ली और निर्देश दिये कि जो लक्ष्य में सहयोग नहीं कर रही है,उन्हे नोटिस जारी किये जाये। साथ ही ऐसी आशाओं को हटाने की कार्यवाही भी करें जो एक भी नसबंदी केस नहीं दे रही है। श्रीडूंगरगढ में सुलभ इंटरनेशनल की सफाई व्यवस्था की अंसतोषजनक रिपोर्ट मिलने पर उसे नोटिस जारी करने और गजनेर सीएचसी भवन को हैण्डओवर करवाये जाने के निर्देश दिये। बैठक में खाजूवाला अस्पताल में वैस्टमेटीरियल के निस्तारण,हरित राजस्थान अभियान के तहत रोपित पौधों की संभाल करने के निर्देश दिये गये। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.सी.बी.धानावत ने ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबन्धक नीलू मेघवाल ने जननी सुरक्षा योजना,एन.आर.एच.एम.के तहत नसबंदी, टीकाकरण,विभिन्न कार्यो के निर्माण तथा आर.सी.एच.ओ.डा.सोहन लाल गोदारा ने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण एवं आशा सहयोगिनी के प्रशिक्षणों की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.नवल गुप्ता, पीएमओ जिला अस्पताल डा.एल.डी.यादव, डा.एस.एन.भार्गव तथा डा.अनिल वर्मा सहित चिकित्सक उपस्थित थे।