जयपुर, । गृह एवं संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधानमंडलों के कार्य सत्र को बढाये जाने सम्बंधी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि सदन की कार्यवाही को बाधा पहुंचाने वाले सदस्यों के खिलाफ उचित कार्यवाही के लिए सख्त नियम बनने चाहिए। धारीवाल सोमवार को नई दिल्ली की पार्लियामेंट-एनेक्सी में लोकसभाध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के संसदीय कार्य मंत्रियों के सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सदन को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सभी सदस्यों की ‘सामुहिक जिम्मेदारी’ है। सदन में जनता की समस्याओं के साथ-साथ विकास और जनहित के कल्याणकारी कार्यक्रमों आदि पर सार्थक बहस होनी चाहिए। धारीवाल ने विधानमंडलों की कार्यवाही में बार-बार विध्न डालने की प्रवृत्ति पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह चिन्ता का विषय है। सदन का आंखो देखा हाल देखने वाली जनता के मन मस्तिष्क में भी अपने चुने हुए प्रतिनिधि के लिए छवि और राय बने, सदन में ऐसा व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही निर्विध्न चले इस पर सभी दलों के सदस्यों को गहन विचार विमर्श कर उसे मूर्त रूप देने का प्रयास करना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो संविधान में भी संशोधन पर विचार कर सदन की कार्यवाही में विध्न डालने वाले सदस्यों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्यवाही पर विचार करना होगा। धारीवाल ने बताया कि संसद सदस्यों और विधायकों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध करवाने में राजस्थान अग्रणी प्रदेशों में है।