विशेष श्रेणी के निःशक्त जनों को कियोस्क व मोबाईल कियोस्क उपलब्ध होंगे
31 Oct
2006
हनुमानगढ , ३१ अक्टूबर। राज्य सरकार ने नियति के क्रूर न्याय को झेल कर रोजगार के अभाव में विपरित व विषम परिस्थतियों में जीवन यापन करने वाले विशेष श्रेणी के निःशक्त जनों को सम्बल प्रदान करने के लिए कियोस्क व मोबाईल कियोस्क उपलब्ध कराने की योजना प्रारम्भ की है । निःशक्त जनों के सम्मुख रोजगार की समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार ने अपने बजट वर्ष २००६ -२००७ के अन्तर्गत उनके लिए स्वरोजगार की स्थापना कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना में कियोस्क एवं मोबाईल कियोस्क उपलब्ध करवाने का निर्णय किया है। जिला कलक्टर श्री टी.रविकान्त ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे विशेष श्रेणी के निःशक्तजन जिनके दोनो हाथ, दोनो पैर अथवा दोनो आंखे नही है, उन्हें लाभान्वित करना हैं । उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को रोजगार या स्वरोजगार में विशेष कठिनाईयों का सामना करना पडता है , अतः उन्हें स्वयं अपने आश्रित या परिवार के नामांकित सदस्य के सहयोग से लघु व्यवसाय स्थापित कर जीवन यापन हेतु सम्बल प्रदान किया जाएगा। आश्रित या नामांकित व्यक्ति का नाम निःशक्त के परिवार के सदस्यों में से होना आवश्यक है तथा यह नाम राशन कार्ड में भी दर्ज होना चाहिए। इस योजना के तहत स्थापित किए जाने वाले कियोस्क में मोबाईल एस.टी.डी./पी.सी.ओ., बिजली का समान , चाय, पान ,फल, फूल व सब्जी की दुकान स्टेशनरी, किताबें , मैगजीन व अखबार की दुकान तथा अन्य कोई भी व्यवसाय निःशक्तजन अपनी सुविधानुसार या विकलांग व्यवसायिक पुनवार्स केन्द्र जयपुर के मार्गदर्शन के अनुरूप चयन कर सकते है। इस योजना के तहत पात्रा आवेदकों को अपना आवेदन पत्रा जिला समाज कल्याण को प्रस्तुत करना होगा। योजना में लाभान्वित होने के लिए निःशक्तजनों को निःशक्तता प्रमाण पत्रा विधि द्वारा मान्य चिकित्सा अधिकारियों के बोर्ड से प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा । साथ ही राशन कार्ड व मूल निवास प्रमाण पत्रा भी देने होंगे। आवेदक के लिए राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य होगा। ऐसे आवेदक ही इसमें लाभान्वित होने के पात्रा होंगे जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय १ लाख २० हजार रूपए से अधिक नही हो तथा आवेदक, उसकी पत्नि या पति कोई भी सरकारी कर्मचारी नही हो। जिला कलक्टर ने बताया कि जिस निःशक्त को कियोस्क आवंटित किया जाएगा, उसे व्यवसाय स्थापित करने में जिला समाज कल्याण अधिकरी तथा राजस्थान अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम प्ररियोजना प्रबन्धक ‘‘ विस्वास‘‘ योजना के तहत बैंकों से ऋण स्वीकृत करवाने में एवं चयन में प्राथमिकता देकर व्यवसाय आरम्भ करने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। इसके साथ ही बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, मुख्य बाजार, राजकीय उपक्रम आदि स्थानों पर कियोस्क खडे करने के लिए भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री अशोक जांगिड ने बताया कि यह योजना विशेष श्रेणी के निःशक्तजनों के लिए ही लागू होगी, न कि सामान्य श्रेणी के निःशक्तजनों के लिए। उन्होंने बताया कि इस योजना में दोनो हाथ, दोनो पैर या दोनो ऑखें, दोनो हाथ व पैर, दोनो पैर एवं दोने आंखों से निःशक्त व्यक्ति ही लाभन्वित होंगे। इस बारे में अन्य जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय में सम्फ किया जा सकता है।
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