बी.पी.एल. परिवारों के लिए पन्नाधाय जीवन अमृत योजना
हनुमानगढ ३१ अक्टूबर। राज्य सरकार ने बी.पी.एल. परिवारों के कल्याण के लिए पन्नाधाय जीवन अमृत योजना के रुप में एक अभिनव योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया है। जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बी.एल. मेहरडा ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की सूची में उल्लेखित परिवार का मुखिया जिसकी आयु १८ से ५९ वर्ष के बीच की हो को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। परिवार के मुखिया की आयु ५९ वर्ष से अधिक होने की स्थिति में उसके परिवार कार्ड में उल्लेखित सबसे बडा व्यक्ति पात्रा माना जाएगा। उन्होने बतायाकि मुखिया को यह विकल्प होगा कि यह चाहे तो मुख्य आजीविका करने वाले का बीमा कराए , इसके लिए उसे बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर उसकी पत्नी बीमा राशि का भुगतान प्राप्त करने के लिए मनोनीत मानी जाएगी। बीमित व्यक्ति की पत्नी जीवित नहीं होने पर सबसे बडी सन्तान मनोनीत मानी जाएगी। इसके अलावा बीमित व्यक्ति की पत्नी या किसी बच्चे के जीवित नहीं होने की स्थिति में बीपीएल परिवार की सूची में अंकित परिवार के सबसे बडे सदस्य के नोमिनेशन का स्वतः प्रावधान इस योजना में किया गया है।
श्री मेहरडा ने बताया कि इस योजना में बीमित व्यक्ति के नामित सदस्य को भुगतान भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा किया जाएगा। सामान्य मृत्यु होने की दशा में ३० हजार रूपए , दुर्घटना से मृत्यु होने की स्थिति में ७५ हजार, स्थाई पूर्ण शारीरिक अपंगता होने पर ७५ हजार, दोनो आंख या दोनो हाथ या पैर और एक आंख , एक हाथ पैर की क्षति होने पर ७५ हजार रूपए तथा एक आंख या एक हाथ या पैर की क्षति होने पर ३७ हजार ५०० रूपए के भुगतान का प्रावधान इस योजना में बीमित व्यक्ति को किया जाएगा। उन्हाने बताया कि इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति के प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में इस योजना के तहत दावा भारतीय जीवन बीमा निगम के पेंशन एवं समूह योजना जयपुर कार्यालय में मृत्यु की तिथि से ६ माह की अवधि में प्रस्तुत करना होगा।
इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति के परिवार को लाभ दिलाने के सम्बन्ध में आवश्यक दावा या छात्रावृत्ति आवेदन पत्रा सूचनाएं भारतीय जीवन बीमा निगम को प्रषित करने की व्यवस्था ग्राम सेवक तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा की जाएगी। योजना की एक और विशेषता यह है कि इसके अन्तर्गत बीमित सदस्यों को अपने बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्रा में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘ शिक्षा सहयोग योजना ‘‘ का लाभ भी दिया जाएगा। छात्रावृत्ति बीमित सदस्य के ९ वीं से १२ वीं कक्षा में अध्ययनरत अधिकतम दो बच्चों को देय होगी , अभिभावक का इस योजना के अधीन बीमित होना आवश्यक है, छात्रा अनुत्तीर्ण होने की दशा में छात्रावृत्ति का भुगतान देय नहीं होगा । राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के स्थान पर भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से लागू की गई इस योजना के तहत सम्बन्धित बी.पी.एल. परिवार को कोई प्रीमियम राशि चुकाने की आवश्यकता नही है।
बी.पी.एल. परिवार के बीमित व्यक्ति (मुखिया) की मृत्यु हो जाने पर भुगतान दावा पत्रा ग्रामीण क्षेत्रा में ग्राम पंचायत के सचिव तथा शहरी क्षेत्रा में स्थानीय निकायो के अधिकारियों द्वारा जीवन बीमा निगम, पेंशन एवं सामूहिक बीमा इकाई कार्यालय, भवानी सिंह मार्ग, जयपुर को प्रेषित किया जायेगा । जहंा से भुगतान राशि का चैक दावा पत्रा में अंकित बैंक को नामित व्यक्ति के नाम पर भुगतान के लिए भिजवाया जायेगा।