संगरिया तहसील मुख्यालयं पर विशेष राजस्व समाधान शिविर बुधवार को
31 Oct
2006
हनुमानगढ, 31 अक्टूबर । जिले में विभिन्न उपखण्डों में लोगों की विभिन्न राजस्व व अन्य समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए नवम्बर माह में तहसील मुख्यालयों पर आयाजित किए जाने वाले सात विशेष राजस्व समाधान शिविरों के तहतं पहला विशेष राजस्व समाधान शिविर बुधवार को संगरिया में आयोजित किया जाएगा। जिला कलक्टर श्री टी.रविकान्त ने बताया कि इन शिविरों का आयोजन विशेष प्रकृति की राजस्व समस्याओं में कमी लाने तथा आम जन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा हैं । उन्होंने बताया कि संगरिया के बाद टिब्बी में ६ नवम्बर, हनुमानगढ में १० नवम्बर, पीलीबंगा में १५ नवम्बर, नोहर में १८ नवम्बर, भादरा में २३ नवम्बर तथा रावतसर में २७ नवम्बर को ये विशेष शिविर आयोजित किए जाऐंगे। जिला कलक्टर ने बताया कि इन विशेष राजस्व समाधान शिविरों से पूर्व तहसील मुख्यालयों पर लम्बित कार्यो की समीक्षा कर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिला स्तर से तीन कार्मिकों का एक दल अग्रिम कार्यवाही के लिए गठित किया गया है। उन्हने बताया कि यह दल सम्बंधित तहसील के कार्मिक के साथ शिविर आयोजन से दो दिन पूर्व बैठकर वहां आयोजित होने समाधान शिविरों के बारे में समीक्षात्मक रिपोर्ट तथा कार्य का आधार तैयार करेंगे। जिला स्तर से अग्रिम कार्यवाही के लिए जाने वाले तीनों कार्मिकों को अलग -अलग एजेंडा बनाकर दिया गया है जिसके आधार पर वे समीक्षात्मक रिपोर्ट बनाएंगे । प्रथम कार्मिक टीआरए शाखा का विस्तृत निरीक्षण कर खातेदारी के बकाया मामलों की सूची तैयार करने , सनद दुरस्ती के बकाया प्रकरण, एलआर व , पीडीआर एक्ट के बकाया प्रकरण तथा उनमें की जा रही कार्यवाही, एजी व अन्य बकाया पैराज की स्थिति तथा पालना नही किए जाने का विस्तृत कारण, भू-राजस्व वसूली, कुर्की वारंटों की तामील, मद ०० ७५ की वसूली हेतु टीआरए के प्रयास , भूमि आवंटन मामलों में किश्तबन्दी का निर्धारण , लीज राशि तथा रूपान्तरण के प्रकरणों में रखे जाने वाले अभिलेखों की स्थिति के बारें में रिपोर्ट तैयार करेगा। इसी प्रकार द्वितीय कार्मिक द्वारा अतिक्रमण के दायरा रजिस्टर, नक्शे , बकाया मामलों की प्त्रावली निर्णित ामलों की नत्राावली, इजराय की पत्राावली व उनकी स्थिति, फसल नीलामी, कुर्की व तावान की वसूली सम्बन्धी कार्यवाही, प्रकरणों के दर्ज हन ेका समय , नोटिस तामील प्रक्रिया आदि की विस्तृत जांचए १८३ बी के दर्ज प्रकरणों अपनाए जाने वाली प्रक्रिया, रिसीवरी सम्बन्धित मामलों में कब्जा लने, स्थगन, नीलामी, नीलामी की राशि जमा होने आदि की विस्तृत रिपोर्ट तथा विभिन्न विचाराधीन रिटों, अपीलों , दावों में तहसील स्तर पर की जा रही कार्यवाही, विधान सभा प्रश्न , सीएम सैल , समाधान, डीएमएस के प्रकरणों की सूचना आदि के बारे में की जा रही कार्यवाही, नियमों , परिपत्राों की पत्राावली के संधारण की स्थिति के अलावा जिला कार्यालय को मासिक, द्विमासिक, त्रौमासिक मानचित्राों के भिजवाने जाने की स्थिति व चैक रजिस्टर की जांच की अग्रिम समीक्षा करेगा। साथ ही तीसरे कार्मिक को भू-अभिलेख शाखा में जमाबन्दी की तैयारी , नक्शे नामान्तरण, नियन्त्राण रजिस्टर, नामान्तरण अपडेशन का कार्य,, वसीयत रिमांड प्रकरणों का ब्यौरा, खाता विभाजन नियमन प्रकरण, जिला व तहसील कार्यालय में भू-अभिलेख जमा होने की स्थिति, पटवारियों का मासिक विवरण, भू- अभिलेख निरीक्षण, नायब तहसीलदार, व तहसीलदार, आईएलआर, पटवारीयान के वेतन भत्ते, वेतन निर्धारण, ऐरियर, सेवा सत्यापन, एसीआर , अनुशासनात्मक कार्यवाही, सूचनाओं के नियन्त्राण रजिस्टर का संधारण आदि की समीक्षा का कार्य सुपर्द किया गया है। जिला कलक्टर ने बताया कि इन शिविरों में सामान्यतः नामान्तरकरण निस्तारण, स्मॉलपैंच , टीसी आवंटन, खातेदारी सनद जारी करने , खाता विभाजन, भूमि रूपान्तरण, पासबुक आदिनांक तथा १८३ बी के प्रकरणों में कार्यवाही के प्रकरणों का मौके पर समाधान करने के लिए सभी उपखण्ड अधिकारियों को एजेंडा बनाकर दिया गया है । इसके साथ ही टिब्बी में सीलिंग सरप्लस भूमि का मिलान व कब्जे की कार्यवाही, संगरिया में जमाबंदी की दुरूस्ती के मामले हनुमानगढ व पीलीबंगा में १५ एएए की खातेदारी तथा जमाबंदी दुरस्ती, नोहर व भादरा में चकबन्दी कार्य व अभिलेख लेखन के साथ राजस्व गांवों के नक्शे तहरीर करना तथा रावतसर में भी राजस्व ग्राम के नक्शे तहरीर करने के कार्य संभावित एजेंडे में शामिल करके उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। उन्हने बताया कि इनके अलावा भी उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्रा से सम्बन्धित किसी भी विशेष राजस्व समस्या का समाधान करेंगे तथा उन्हें शिविरों के माध्यम से आमजन को राहत प्रदान करने के लिए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश प्रदान किए गए हैं।
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