डगरपुर,३१ अक्टूबर/जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने कहा है कि अनपढ होना मानव जीवन का सबसे बडा कलंक है और प्रत्येक मनुष्य को चाहिए कि वह पढ लिखकर अपने मानव जीवन को सार्थक करें।
कलक्टर पवन मंगलवार रात्रि जिले के थाणा गांव में संपूर्ण साक्षरता अभियान के तहत आयोजित मशाल रैली के समापन पर आयोजित सभा में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कई लाख योनियों में भटकने के उपरान्त मानव जीवन प्राप्त होता है और इस पर भी यदि कोई अनपढ रहता है तो वह भगवान के दिए हुए जीवन का का अपमान है। उन्होंने जिले में चल रहे साक्षरता महाअभियान से जुडने की अपील की और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पढे और अन्य को पढाकर विकास के सहभागी बनें। उन्होंने युवाओं को साक्षरता अभियान में अपना पूरा-पूरा सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया और कहा कि एक नवंबर से जिले भर में प्रारंभ होने वाली साक्षरता कक्षाओं में अधिकाधिक निरक्षरों को लाने को प्रेरित करें व पढावें।
इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को हाथ उठवाकर साक्षरता अभियान से जुडने और गांव के १५ से ३५ उम्र के किसी भी व्यक्ति को निरक्षर नहीं रहने देने के लिए प्रयास करने की शपथ दिलवाई। आरंभ में जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी सरला खियाणी ने ग्राम पंचायत में निरक्षरों के सर्वे की स्थिति को प्रस्तत किया। समारोह में थाणा गांव में पहली साक्षरता कक्षा का भी शुभारंभ करने की घोषणा की गई। जिला कलक्टर पवन ने वाग्देवी सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्चलन का कक्षा का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर कलक्टर ने चिन्हित निरक्षरों से संवाद कर अभियान से जुडने के लिए बधाई दी और कक्षा में नियमित आने का आग्रह किया। उन्हने मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों को भी साक्षरता अभियान में सहयोग देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर एडीएम सोहनलाल पालीवाल, उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रसिंह राठौड, जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर, जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी सरला खियाणी, सहायक परियोजना अधिकारी प्रभुलाल कटारा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी योगेशचंद्र द्विवेदी, ब्लॉक समन्वयक देवीलाल पाटीदार व कांतिलाल रोत, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महिपालसिंह चौहान, ग्राम पंचायत के सरपंच कमलेश मनात और बडी तादाद में ग्रामीण मौजूद थे। कलक्टर ने ली पहली साक्षरता कक्षा
थाणा गांव में पहली साक्षरता कक्षा का शुभारंभ करने के उपरान्त जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने पहली कक्षा लेकर निरक्षरों को साक्षर होने का अनूठा प्रोत्साहन दिया। कलक्टर पवन आखरदूत भारती व निरक्षरों के साथ स्वयं जाजम पर बैठे और निरक्षरों को पढाना शुरू किया। कलक्टर को बैठते देख अन्य सभी अधिकारी और कर्मचारी भी जाजम पर बैठ गए और एक-एक निरक्षर को पढाना प्रारंभ किया। जिला साक्षरता अधिकारी सरला खियाणी ने निरक्षरों को लड्डू से प्रारंभ कर दराती बनवाते हुए ट अक्षर बनाना सिखाया। पहली आखरदूत बनी भारती थाणा गांव में पहली आखरदूत के रूप में भारती को जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने नियुक्त करने की घोषणा की और कहा कि छात्र भारती को नियुक्त किया गया है । उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्रतिनिधि के रूप में भारती थाणा गांव की साक्षरता कक्षा में अध्यापन करायेगी। कलक्टर ने भारती को नियमित कक्षाओं के संचालन और निरक्षरों को पूरी आत्मीयता से पढाने के भी निर्देश दिए। बबली को मिली पहली स्लेट थाणा में साक्षरता अभियान की प्रथम कक्षा का शुभारंभ करते हुए कलक्टर नीरज के.पवन ने गांव की बबली देवी को स्लेट व पेंसिल प्रदान की। इसके बाद उन्हने गांव की ही कमला, शांति, हाकर, मणा और सविता को स्लेट पेसिंल प्रदान कर साक्षर होने का आह्वान किया।
...और मणा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा संपूर्ण साक्षरता अभियान के तहत साक्षरता कक्षा में बतौर निरक्षर पढने पहुंचे थाणा गांव के मणा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब वह चन्द मिनटों में ही स्लेट पर अपना नाम लिखना सीख गया। एडीएम एसएल पालीवाल ने मणा को उसका नाम लिखना सिखाया और कुछ ही मिनटों के अंतराल में उसने अपना नाम लिखना सीख लिया। मणा ने कलक्टर पवन को भी स्लेट पर अपना नाम लिखकर बताया तो कलक्टर ने ताली बजाकर तथा उससे हाथ मिलाकर उसको बधाई दी।