गीताप्रेस गोरखपुर कर रहा है देवी देवताओं के गलत चित्रों का प्रकाशनः रामदास महाराज 31 Oct
2007
पिछले पैंतीस सालों से गीताप्रेस गोरखपुर भी मूर्तियों के गलत चित्र प्रकाशित कर रहा है। गलत स्वरूप की मूर्ति की पूजा करने से उसके नकारात्मक परिणाम आते हैं और मूर्ति पूजा सफल नहीं होती। बीकानेर जिले के प्रसिद्ध पूनरासर गांव में जो हनुमान जी की मूर्ति है वो सही नहीं है।
मूर्तियों की पूजा हम सब करते हैं। हिन्दूधर्म में मूर्ति पूजा करने का विधान है और साकार ब्रह्म की उपासना का यह सर्वाधिक प्रचलित रूप है। जय सियाराम सेवा समिति के आचार्य रामदास जी महाराज का कहना है कि पिछले कुछ सालों से मूर्तियों की पूजा करने की इस रूप में थोडा परिवर्तन आया है और इसी परिवर्तन ने समूची मानव जाति चिंता व रोग से ग्रस्त कर दिया है।
रामदास जी महाराज का कहना है कि पिछले पैंतीस सालों से गीताप्रेस गोरखपुर भी मूर्तियों के गलत चित्र प्रकाशित कर रहा है। रामदास जी महाराज का कहना है कि प्रत्येक मूर्ति का खूद का एक स्वरूप होता है और उसी स्वरूप के अनुसार मूर्ति का निर्माण किया जाना चाहिए। गलत स्वरूप की मूर्ति की पूजा करने से उसके नकारात्मक परिणाम आते हैं और मूर्ति पूजा सफल नहीं होती। रामदास जी महाराज ने बताया कि हमारे वेदो, पुराणों, शास्त्रों व विभिन्न धर्मग्रंथों में यह बताया गया है कि किस मूर्ति का स्वरूप कैसा हो। इनके अनुसार देवी की मूर्ति का दायां भाग सकारात्मक होता है और देवताओं की मूर्तियों का बायां भाग सकारात्मक होता है। इस प्रकार देवताओं की मूर्तियों के बायें भाग में शस्त्र होने चाहिए और दांये भाग में कल्याणकारी वस्तु होनी चाहिए। इसी प्रकार देवी की मूर्ति के बांये भाग में कल्याणकारी वस्तु और दांये भाग में शस्त्र होना चाहिए और ऐसा होने पर ही मूर्ति अपना प्रभाव बताती है और इसके सकारात्मक परिणाम आते ह। रामदास जी महारज ने कहा कि बीकानेर जिले के प्रसिद्ध पूनरासर गांव में जो हनुमान जी की मूर्ति है वो सही नहीं है। महाराज के अनुसार हनुमान जी के बांये हाथ में शस्त्र होना चाहिए लेकिन पूनरासर हनुमान मंदिर में दांये हाथ में गदा है जो शास्त्रोक्त नहीं है। रामदास जी महाराज ने बताया कि इसी प्रकार पिछले कुछ सालों से प्रसिद्ध सालासर हनुमान मंदिर में भी यह दोष पुजारियों की गलती से हो गया है। महाराज ने जोर देकर कहा कि गीताप्रेस गोरखपुर के पैंतीस साल पुरानी किताबों में तो चित्र सही आते थे लेकिन पिछले पैंतीस सालों से इनमें भी काफी दोष आ रहा है। महाराज ने बताया यह सारी जानकारी संबंधित पूजारियों व प्रबंधकों को दे दी गई है और कुछ मंदिरों में इसके सुधार भी हुए हैं।
अयोध्या में प्रसिद्ध रामंदिर के निर्माण कार्य में आ रही बाधा के लिए भी रामदास महाराज ने कहा कि राम का काई भी कार्य बिना हनमान के पूरा नहीं हो सकता और अयोध्या राममंदिर निर्माण में किसी हनुमान मंदिर निर्माण की बात नहीं कही गई है और यही कारण है कि वहां विघ्न आ रहा है।
रामदास महाराज का दावा है कि अगर सारे लोग इन दोषों को दूर कर शास्त्रोक्त विधि से मूर्तियों का निर्माण करे और उनकी पूजा करें तो सबका भला हो सकता है।
इस संदर्भ में एक वेबसाइट का निर्माण भी किया गया है। इस वेबसाइट का लोकार्पण बीकानेर के पारीक चौक स्थित पारीक ज्ञानोदय भवन में ३१ अक्टूबर २००७ को रखा गया है। लोकार्पण कार्यक्रम का समय सुबह ग्याहर बजकर तीस मिनट रखा गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर शहर जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जनार्दन कल्ला होंगे और कार्यक्रम की अध्यक्षता बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रो एम पी पूनिया करेंगे। इस वेबसाइट का नाम www.religionwithconcept.com रखा गया है।
Nice nd intresting article.And indeed point should be noticed which is said by Ramdas ji.Thanks to giving us the information of this site., Rani (01/11/2007 21:36:57)
Thanks for providing good knowledge about photos , manojkumar (04/12/2007 13:07:43)