मानसागर झील के निखरे स्वरूप से झील विशेषज्ञ अभिभूत
31 Oct
2007
बारहवें विश्व झील सम्मेलन-२००७ के तीसरे दिन बुधवार को देश-विदेश से आए झील विशेषज्ञों ने यहां मान सागर झील का अवलोकन किया।
जयपुर, ३१ अक्टूबर। बारहवें विश्व झील सम्मेलन-२००७ के तीसरे दिन बुधवार को देश-विदेश से आए झील विशेषज्ञों ने यहां मान सागर झील का अवलोकन किया। वे झील के जीर्णोंद्धार के बाद निखरे रूप को देखकर अभिभूत हो गए। उन्होंने लगभग दो घण्टे तक झील का अवलोकन किया तथा यहां के प्राकृतिक स्वरूप को अपने कैमरे में कैद किया।
जयपुर विकास प्राधिकरण के निदेशक निर्माण श्री एस.सी. सोनी ने पर्यटकों को मानसागर झील के जीर्णोंद्धार के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इस झील का कैचमेन्ट एरिया २३.५० वर्ग किलोमीटर है तथा इसका निर्माण सन् १७३२ में हुआ था। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में लगभग ३५ करोड रुपये से ज्यादा खर्च होंगे तथा झील के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल करने के लिए लगभग १५ झील विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।
विशेषज्ञों ने इस अवसर पर मानसागर झील के जीर्णोंद्धार कार्य का वीडियो प्रस्तुतीकरण भी देखा। उन्हें बताया गया कि इस झील में लगभग १५० प्रवासी पक्षी आया करते थे परन्तु झील के उत्तरी और पूर्वी किनारों में विदेशी पक्षियों को आकर्षित करने के लिए अन्य झीलों से वनस्पतियां यहां लाकर लगाई गई है जिससे शीघ्र ही प्रवासी पक्षी पुनः यहां आने लगेंगे।
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