डूंगरपुर ३१ अक्टूबर/ग्रामीणों से रू-ब-रू होकर समस्याओं के प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से प्रारंभ की गई जिला कलक्टर नीरज के.पवन की रात्रि चौपालों की श्रृंखला में जिले के थाणा गांव में मंगलवार रात्रि आयोजित हुई चौपाल में बडी तादाद में ग्रामीण उमडे। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर के समक्ष आधारभूत सुविधाओं से जुडी समस्याओं को रखा जिसका कलक्टर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देश देकर समाधान करवाया।
देर सायं जिला कलक्टर के गांव में पहुंचने पर ग्राम पंचायत के सरपंच कमलेश मनात और अन्य ग्रामीणों ने पुष्पहार पहना कर स्वागत किया। आरंभ में चिकित्सा विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। कलक्टर ने ग्राम पंचायत क्षेत्र की समस्त एएनएम को मौके पर बुलाकर ग्रामीणों से उनके गांव में आने और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के बारे में जानकारी ली। इस पर सामीतेड के एक ग्रामीण ने एएनएम जसोदा कलासुआ के गांव में नहीं आने और चिकित्सा सेवाओं में लापरवाही बरतने की शिकायत की। कलक्टर ने सामीतेड के दो अन्य ग्रामीणों से भी एएनएम के कार्य व्यवहार के बारे में जानकारी ली तो उन्होंने भी शिकायत की पुष्टि की। इस पर कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में शिथिलता बरतने के लिए एएनएम के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार उन्होंने ग्राम पंचायत क्षेत्र में संस्थागत प्रसव की स्थिति के बारे में जानकारी ली तो पाया कि गांव में ३३ डिलेवरी घर पर ही हुई है। इस पर उन्होंने मौजूद एएनएम को जमकर फटकार लगाई और पाबन्द किया कि शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव करावें।
कलक्टर पवन ने ग्रामीणों से भी आह्वान किया कि वे राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई जननी सुरक्षा योजना का लाभ उठावें और मातृ व शिशु मृत्यु दर को रोकने में सहयोग करें। उन्होंने ग्रामीणों को योजना के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
रसद विभागीय समीक्षा दौरान जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर ने ग्राम पंचायत क्षेत्र के राशन डिलरों, खाद्यान्न आवंटन और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में बताया। कलक्टर ने उपभोक्ताओं से आवंटित एपीएल गेह को प्राप्त करने का आह्वान किया । मौके पर बीपीएल व अन्नपूर्णा योजना के लाभान्वितों से राशन प्राप्त होने की पुष्टि भी की गई। चौपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। कलक्टर ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों व सात केन्द्रों पर पोषाहार उपलब्धता व किशोरियों व बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्हने चौपाल में मौजूद किशोरियों से विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले सत्तु के प्राप्त होने के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आंगनवाडी कार्यकर्त्ताओं व आशा सहयोगिनियों को तलब कर संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विद्युत विभागीय समीक्षा दौरान कलक्टर ने विभाग के कनिष्ठ अभियंता से विभागीय गतिविधियों के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने बिजली की अनियमित व कम वोल्टेज से आपूर्ति की शिकायत की। गांव के कन्हैयालाल ने बिजली की अनियमित आपूर्ति से विद्यार्थियों के अध्ययन में आने वाली समस्याओं के बारे में बताया। इस पर कलक्टर ने सहायक अभियंता को परीक्षा अवधि में नियमित बिजली की आपूर्ति के निर्देश दिए। अभियंता ने बताया कि फिडर रिनोवेशन कार्य जारी है और वर्ष भर में यह पूर्ण होने पर गांव में विद्युत संबंधी परेशानी नहीं रहेगी।
शिक्षा विभागीय समीक्षा दौरान प्रधानाध्यापक रामलाल डामोर ने विद्यालय के परीक्षा परिणाम के बारे में जानकारी दी। कलक्टर ने शिक्षकों को सैकण्डरी कक्षाओं का रिजल्ट शत प्रतिशत रखने और प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में गुणवत्तायुक्त शिक्षण कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव में सडक निर्माण की मांग की इस पर कलक्टर ने लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता डूंगरलाल ननोमा को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। चौपाल में विद्यालय भूमि के सीमांकन करने की मांग पर पटवारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन, सहकारिता, राजस्व, पंचायती राज के कार्यों की भी समीक्षा कर दिशा निर्देश प्रदान किए गए । चौपाल में एडीएम सोहनलाल पालीवाल, उपखण्ड अधिकारी गजेन्द्रंसह राठौड, जिला रसद अधिकारी गोपाल मोहन माथुर, ईजीएस कार्यक्रम अधिकारी, विकास अधिकारी वेलाराम मीणा, जिला साक्षरता अधिकारी सरला खियाणी, नायब तहसीलदार नीता वसीटा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी योगेशचंद्र द्विवेदी तथा बडी तादाद में अधिकारी-कर्मचारी व ग्रामीणजन मौजूद थे। संचालन मनोज पण्ड्या ने किया।