त्रिपुरा सुन्दरी में विशाल धार्मिक अनुष्ठान उत्सव ४ नवम्बर को
31 Oct
2007
ग्यारह सौ पण्डितों द्वारा तप आराधना
गुरुवार को अखण्ड दीप प्रज्वलन, सहस्र दीप दान
बांसवाडा, ३१ अक्टूबर/प्रसिद्ध देवी तीर्थ त्रिपुरा सुन्दरी में आगामी ४ नवम्बर रविवार को धर्म परिषद की ओर से आयोजित होने वाले विशाल धार्मिक अनुष्ठान उत्सव को लेकर इन दिनों व्यापक तैयारियां जारी हैं। यह विराट आयोजन जगविख्यात त्रिकालज्ञ ध्यानयोगी महर्षि उत्तम स्वामीजी महाराज की प्रेरणा से किया जा रहा है।
इसका आयोजन सामाजिक समरसता, राष्ट्रोत्थान, धर्मरक्षा, आसुरी शक्तियों के संहार तथा समृद्ध समाज एवं सुशासन स्थापित करने और भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर आसीन कराने के बहुआयामी उद्देश्यों से किया जा रहा है। इसमें वागड अंचल सहित राजस्थान, गुजरात एवं मध्यप्रदेश आदि के समीपवर्ती हिस्सों से ग्यारह सौ पण्डित हिस्सा लेंगे।
गुरुवार को अखण्ड दीप व सहस्रदीपदान
इस विशाल अनुष्ठान को आशातीत सफलता प्रदान करने तथा सभी विघ्नों के शमन की दृष्टि से एक नवम्बर को गुरुपुष्यामृत योग में महागणपतिपूजन के साथ त्रिपुरा सुन्दरी में अखण्ड दीप प्रज्वलित किया जाएगा। यह दीप अनुष्ठान की समाप्ति तक अहर्निश प्रज्वलित रहेगा। इसके साथ ही रविवार को होने जा रहे महानुष्ठान के अंगीभूत रूप में गुरुवार को पुष्यामृत सिद्धि योग में मंत्रेच्चारपूर्वक सहस्र दीपदान अनुष्ठान भी होगा।
ध्वजारोहण शुक्रवार को
विशाल अनुष्ठानोत्सव के संयोजक ब्रह्मर्षि पं. दिव्यभारत पण्ड्या ने बताया कि चार नवम्बर के महानुष्ठान उत्सव से पूर्व ३ नवम्बर, शनिवार को त्रिपुरा सुन्दरी तीर्थ में विधि-विधानपूर्वक ध्वजारोहण होगा। अनुष्ठान की शुरूआत ४ नवम्बर, रविवार को प्रातः १० बजे होगी तथा यह दोपहर बाद २ बजे पूर्ण होगा। इसम पण्डित विभिन्न प्रकार के पाठ, जप, स्तवन आदि करेंगे।
व्यापक तैयारियां जारी
अनुष्ठानोत्सव को लेकर क्षेत्र भर में प्रचार अभियान,ग्राम वार बैठकों आदि का दौर जारी है। चार तारीख को होने वाले अनुष्ठानोत्सव को लेकर क्षेत्र भर के पण्डितों में खासा उत्साह है।
अब तक बांसवाडा एवं डूंगरपुर शहर, तलवाडा, सरेडी बडी, खेडा, परतापुर, बोरी, आंजना, अरथुना, पालोदा, खोडन, लोहारिया, गनोडा, मोटागांव, चिडयावासा, सेमलिया, घाटोल, ठीकरिया, नवागांव, छींच, बागीदौरा, पिण्डारमा, नौगामा, चौखला, बडोदिया, सुरवानिया, कूंपडा, सुन्दनपुर, भीलूडा, जेठाणा, सरोदा, सागवाडा, गोवाडी, टामटिया, प्रतापगढ, चित्तौडगढ, सलूम्बर, उदयपुर आदि क्षेत्रें में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है तथा अनेक स्थानों पर बैठकों का आयोजन कर संभागियों की संख्या का निर्धारण कर लिया गया है।
बिना दक्षिणा के होगा स्वैच्छिक अनुष्ठान
इस विराट अनुष्ठानोत्सव में ब्राह्मणों द्वारा किसी भी प्रकार की दक्षिणा के बगैर स्वेच्छा से भगवत्प्रीत्यर्थ अनुष्ठान किया जाएगा। अनुष्ठान अवसर पर महाप्रसादम भी होगा।
सभी समाजों के ब्राह्मण लेंगे हिस्सा
अनुष्ठान में सहस्र औदीच्य, भट्टमेवाडा, चौबीसा, त्रिवेदी मेवाडा, मोड, श्रीगौड, गुर्जरगौड, मेवाडा, वैष्णव, सारस्वत, सनाढ्य आदि सभी वर्गों विप्रवर हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही सभी प्रदोष मण्डल एवं परिषदें, शिव-शक्ति मण्डल, गायत्री मण्डल सहित तमाम धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं और संगठनों के साधकगण हिस्सा लेंगे।
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