बीकानेर, सरकार की कथनी एवं करनी में अन्तर को उजागर करते हुए राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेशमंत्री रवि आचार्य एवं उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर हर्ष ने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि शिक्षामंत्री ने पदभार ग्रहण करते ही राहत प्रदान करते हुए। व्यापक दृष्टिकोण एवं चिन्तन कर जो वादा एवं घोषणा की थी वह केवल घोषणा बन कर रह गयी है। आचार्य ने समानीकरण पर नित नये बयान जारी कर शिक्षकों को भयभीत कर शिक्षा सत्र को प्रभावीत कर रहे है। सरकार के विरोध में शिक्षकों की न्यायोचित मॉगों को लेकर शिक्षक संगठन लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष नही कर सके, सरकार के शिक्षक विरोधी कदमो का विरोध न हो तथा शिक्षकों में स्थानान्तरण के नाम पर भय का वातावरण बने इसलिए संगठन से जुडे पदाधिकारियों व सम्बद्ध प्रतितिधियों के बदले की भावना व द्वेषपूर्ण तरीके से जिलो में पद रिक्त होते हुए भी सीमावर्ती व दूरस्थ जिलों में स्थानान्तरण कर रही है। पर्याप्त समय मिलने पर भी डीपीसी.की प्रकि्रया पर गम्भीरतापूर्वक कदम नही उठाकर पातेय वेतन पर पदस्थापन जैसी अवैधानिक प्रकि्रया को अपनाया गया। पातेय वेतन पर उच्च पद पर कार्य करने की एवज में अंडरटेकिंग लेने जैसे अमर्यादित एवं अवैधानिक आदेश जारी किये गये। प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर हर्ष ने कहा कि लगभग एक वर्ष के बाद भी सरकार प्रभावी शिक्षक संगठन से सवांदहिनता बनाये हुई है। प्रभावी शिक्षक संगठन की राय को दरकिनार करते हुए सकुचित सोच के आधार पर शिक्षक संगठन विरोधी निर्णय की कि्रयान्विति कर रही है। स्थानान्तरण के दौर में कई शिक्षकों को एक सप्ताह में एक से अधिक बार मनमाने तरीके से स्थानान्तरित कर रही है बार बार स्थानान्तरण करने की भूमिका के चलते भष्ट्राचार की बू नजर आने लगी है। जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश बिशनोई व जिलामंत्री श्रीवल्लभ पुरोहित ने कहा कि सरकार शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। शिक्षक संगठनो के धैर्य को कमजोरी मानते हुए नित नये आदेश जारी कर प्रताडत कर रही है। जिसे सहन नहीं किया जायेगा। शिक्षक पदाधिकारियों ने सरकार की कथनी व करनी में आ रहे अन्तर, सरकार के हठिले एवं अवैधानिक व शिक्षक विरोधी कदमों पर अकुंश लगाने के लिए शिक्षक संघ राष्ट्रीय निवास के आगे धरना लगाकर विरोध प्रर्दशन करेगा। शिक्षक नेता कन्हैयालाल छींपा व राजेश जोशी भी उपस्थित थे।