डूंगरपुर, राज्य के आदिवासी बहुल इलाकों सहित पिछडे क्षेत्रों में आजादी के बासठ साल बाद भी शिक्षा के लिए समान अवसर नहीं है। पिछडे तबके से आने वाले बच्चों को न तो पढने के बराबर अवसर मिल पाते हैं और न ही उन्हें तरक्की की राह मिल पाती है। नतीजा यह है कि पीढी-दर-पीढी यह तबका विकास के मापदंडों से पिछडता चला जा रहा है। असमानता की तस्वीर को दुनिया के सामने लाने और हर वर्ग को शिक्षा व समानता का अवसर सुनिश्चित करने के लिए सार्थक और रचनात्मक पत्रकारिता करने वाले मीडियाकर्मियों को समान बचपन अभियान ने पत्रकारिता पुरस्कार-2009 देने का फैसला किया है। इसके तहत राज्य स्तर पर प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए अलग-अलग पुरस्कार दिए जाएंगे, जबकि उदयपुर, प्रतापगढ, राजसमंद, बांसवाडा, सिरोही तथा डूंगरपुर के मीडियाकर्मियों को विशेष पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
समान बचपन अभियान का मानना है कि मीडिया ने बच्चों के शैक्षणिक समानता के मुद्दे को प्रभावी तरीके से शासन-प्रशासन तथा नीति-निर्माताओं के सामने रखा है। समान बचपन के लिए सामूहिक आवाज उठाने के कारण ही अब इस विषय पर बात होने लगी है। पिछडे तबके के बच्चों को शिक्षा का संवैधानिक अधिकार और समान अवसर मुहैया करवाने के मुद्दे को अपनी लेखनी या अन्य माध्यम से पुरजोर मंच देने वाले मीडियाकर्मी पत्रकारिता पुरस्कार के लिए 18 नवंबर तक अपनी प्रविष्ठियां दे सकते हैं।
राज्य स्तरीय पत्रकारिता पुरस्कारः राज्य स्तरीय पत्रकारिता पुरस्कार दो श्रेणियों प्रिंट तथा इलेक्ट्रोनिक मीडिया के लिए दिए जाएंगे। इसके तहत आवेदन के लिए वे मीडियाकर्मी पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने 1 जनवरी से 15 नवंबर 2009 तक प्रिंट या इलेक्ट्रोनिक मीडिया में बच्चों को शिक्षा के दौरान समान अवसर मिल रहे हैँ या नहीं, विषय से जुडे पहलुओं पर खोजपरक तथा रचनात्मक पत्रकारिता की है। प्रत्येक श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रविष्ठि देने वाले मीडियाकर्मी को पचास-पचास हजार रुपए का पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। प्रिंट मीडिया पुरस्कार के लिए मीडियाकर्मियों को पुरस्कार की थीम पर प्रकाशित खबरों या आलेखों की प्रतिलिपियां पेश करनी होंगी। इलेक्ट्रोनिक मीडिया पुरस्कार के लिए न्यूज चैनल, रेडियो, न्यूज पोर्टल या स्वतंत्र मीडियाकर्मी को पुरस्कार की थीम पर प्रसारित न्यूज, डोक्यूमेंट्री या इस विषय पर दिए गए योगदान का पूर्ण विवरण देना होगा। कम से कम एक न्यूज का नमूना भिजवाना होगा। यह सीडी या अन्य प्रारूप में हो सकता है।
विशेष पत्रकारिता पुरस्कार इसी तरह उदयपुर, प्रतापगढ, राजसमंद, बांसवाडा, सिरोही तथा डूंगरपुर के मीडियाकर्मियों को विशेष पत्रकारिता पुरस्कार दिया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए इन छह जिलों के एक-एक मीडियाकर्मी का चयन किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक को बीस हजार रुपए की राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। यहां के मीडियाकर्मी 1 जनवरी से 15 नवंबर 9 तक प्रकाशित उन खबरों या आलेखों की प्रतिलिपियों के साथ प्रविष्ठि दे सकेंगे, जो उनके जिले की स्कूलों में शैक्षणिक सुविधाओं, हालात और बच्चों की सामाजिक पृष्ठभूमि को उजागर करती है। दोनों तरह के पुरस्कारों के लिए आवेदन करने वालों को प्रविष्ठि के साथ अपना बायोडेटा भिजवाना होगा। साथ में उनके स्वलिखित या स्वरचित होने का शपथ पत्र भी होना चाहिए। मीडिया पुरस्कार के लिए शीर्षक से प्रविष्ठियां समान बचपन अभियान, 128 टेक्नोक्रेट सोसायटी, बेदला रोड, उदयपुर के पते पर 18 नवंबर तक भिजवाई जा सकती है। पुरस्कार के पात्र मीडियाकर्मियों की घोषणा दिसंबर के पहले हफ्ते में की जाएगी।