जजा क्षेत्रीय विकास मंत्री ने रामकुण्ड में दर्शन किये
31 Dec
2007 जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नन्दलाल मीणा ने सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी एवं क्षेत्रीय सांसद धनसिंह रावत के साथ प्रसिद्ध एवं प्राचीन नैसर्गिक स्थल रामकुण्ड धाम पहुंचकर देव प्रतिमाओं के दर्शन किए।
बांसवाडा,३१ दिसम्बर/ जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नन्दलाल मीणा ने सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी एवं क्षेत्रीय सांसद धनसिंह रावत के साथ प्रसिद्ध एवं प्राचीन नैसर्गिक स्थल रामकुण्ड धाम पहुंचकर देव प्रतिमाओं के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि रामकुण्ड धाम को प्राकृतिक दर्शनीय स्थल के साथ ही श्रद्वा का प्रमुख केन्द्र बताया और कहा कि यहो आकर असीम शान्ति और सुकून का अनुभव होता है। कथा श्रवण की जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी, क्षेत्रीय सांसद धनसिंह रावत एवं समाजसेवी ओम पालीवाल आदि ने अन्य जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ रामकुण्ड धाम में चल रही राम कथा के अन्तर्गत प्रसिद्ध संत नन्दू महाराज के श्रीमुख से राम कथा तथा भजन सुने। नन्दू महाराज ने अपने विशिष्ट अंदाज में कथा व भजनों का रसास्वादन कराया। नन्दू महाराज ने दोन मंत्रियों व सांसद को आशीर्वाद प्रदान किया। जोशी ने किया जलाभिषेक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री भवानी जोशी ने रामकुण्ड गुफा स्थल पर पहुंच कर शिव ताण्डव स्तोत्र तथा शैव मंत्रें से पूजा-अर्चना की और वैदिक ऋचाओं के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
इससे पूर्व रामकुण्ड धाम पहुंचने पर रामकुण्ड धाम की ओर से अतिथियों का तिलक व पुष्पहारों से स्वागत किया गया।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा ने सोमवार को त्रिपुरा सुन्दरी देवी तीर्थ पहुँचकर त्रिपुरासुन्दरी मैया की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। पूजा अर्चना त्रिपुरा सुन्दरी तीर्थ पुरोहित पं. निकुंजमोहन पण्ड्या द्वारा विधिविधान से पूजा-अर्चना करवायी।
इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी भवानीसिंह पालावत, बांसवाडा तहसीलदार चन्द्रशेखर परमार, उमराई सरपंच लालाभाई, समाजसेवी हरेन्द्र निनामा, तलवाडा सरपंच रूपजी भाई आदि उपस्थित थे।
पूजा के बाद जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा ने त्रिपुरा सुन्दरी तीर्थ क्षेत्र में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की मंशा के अनुसार हुए विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान् उन्होंने विश्राम गृह, उद्यान, फव्वारे, परिसर तथा हेलीपेड देखा और कहा कि अब यह क्षेत्र पर्यटन व अध्यात्म की दृष्टि से प्रमुख श्रद्वा केन्द्र बन गया है।