डूंगरपुर ३१ दिसंबर/ राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नन्दलाल मीणा ने कहा कि जनजाति क्षेत्र के आधारभूत विकास से जुडी समस्त समस्याओं का समाधान प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा और क्षेत्रीय विकास में धन की कमी किसी भी रूप में आडे नहीं आएगी।
मीणा ने यह विचार सोमवार को सागवाडा व डूंगरपुर में मीडियाकर्मियों से संवाद करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं को समझने और जनभावनाओं से रू-ब-रू होने के लिए ही वे जनजाति क्षेत्र की यात्र पर है और इसमें जनभावनाओं को देखकर, समस्याओं को चिन्हित करते हुए राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले विशेष शिविर में ही विकास कार्यों की स्वीकृतियां निकाली जाएंगी। उन्होंने इस संबंध में राज्य स्तर पर विभागीय अधिकारियों
की एक विशेष बैठक के आयोजन के बारे में भी बताया। भीखाभाई सागवाडा नहर के विस्तार कार्य के बारे मे मीणा ने बतााया कि इस कार्य को भी आवश्यकतानुसार राशि स्वीकृत करते हुए पूरा करवाया जाएगा। उन्होंने जनजाति सलाहकार समिति को पुनः स्थापित करने की बात कहते हुए बताया कि इस माध्यम से जिला स्तर पर प्रधान से लेकर समस्त जनप्रतिधियों को राजनैतिक भेदभाव को भुलाते हुए बुलाया जाएगा और क्षेत्रीय विकास के प्रस्तावों के बारे में सुझाव प्राप्त किए जायेंगे। उन्होंने जनजाति क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई और कहा कि इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जायेंगे।
डूंगरपुर में आयोजित प्रेस वार्ता दौरान समाजसेवी गजेन्द्रसिंह चौहान व चौरासी विधायक सुशील कटारा भी मौजूद थे।
इससे पूर्व मीणा ने सागवाडा डाक बंगला परिसर में जनसमस्याओं को भी सुना और निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किए। इस मौके पर आसपुर विधायक राईया मीणा, प्रधान आशा डेण्डोर, हेमन्त पाठक, नारायणलाल दर्जी, बद्रीनारायण शर्मा, मुरलीधर कोरानी, सत्यनारायण सोनी, अशोक पटेल, तखतसिंह सोलंकी, गौतमलाल बुनकर, जवाहर भाटिया, नरेन्द्र पण्ड्या, नरेन्द्र भगत, नानालाल दर्जी, नीरज पंचाल, अंकित देसाई सहित कई विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।