जिलास्तर पर खेल छात्रवास की व्यवस्था जरूरी
31 Dec
2007 जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री नंदलाल मीणा ने कहा है कि खेल व्यक्तित्व विकास और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए नितान्त जरूरी हैं।
जयपुर, ३१ दिसम्बर। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री नंदलाल मीणा ने कहा है कि खेल व्यक्तित्व विकास और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए नितान्त जरूरी हैं। उन्हने खेलों को जीवन का अंग बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि खेल क्षेत्र के विकास और खिलाडयों को प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर सार्थक प्रयास करेगी।
श्री मीणा रविवार को बांसवाडा जिले के गनोडा में सत्रहवीं संभागस्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतिस्पर्द्धाओंे के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में विभिन्न मैचों को देखा तथा खिलाडयों का उत्साहवर्द्धन करते हुए विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया।
इस अवसर पर अतिथियों के रूप में घाटोल के विधायक श्री नवनीतलाल निनामा व प्रधान श्री मानशंकर निनामा, पीपलखूंट के प्रधान श्री नगजी भाई एवं समाजसेवी श्री गुलाबजी राठौड आदि ने शिरकत की।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री ने अपने उद्बोधन में खेल विकास के लिए खेल छात्रवासों को जरूरी बताया और कहा कि जनजाति क्षेत्रें में प्रत्येक जिले में एक खेल छात्रवास की व्यवस्था के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करेंगे। इसके अन्तर्गत सभी जनजाति जिलों में लडकियों के खेल छात्रवास स्थापित किए जाएंगे जबकि जिन जिलों में अभी लडकों के लिए खेल छात्रवास नहीं हैं, वहां इनकी व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने गनोडा के राजकीय संस्कृत कालेज के विद्यार्थियों के लिए जनजाति छात्रवास की घोषणा की और कहा कि इस छात्रवास के बनने तक सभी जनजाति छात्रें के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
बांसवाडा जिले में शानदार स्वागत
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री नंदलाल मीणा का रविवार को बांसवाडा आगमन पर जिले में सभी जगह भव्य स्वागत हुआ। प्रतापगढ से बांसवाडा जिले में प्रवेश करने पर जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर एवं ढोल बाजे से उनका भव्य स्वागत किया गया।
क्षेत्रीय विधायक श्री नवनीतलाल निनामा, घाटोल के प्रधान श्री मानशंकर निनामा, उपखंड अधिकारी एवं कार्यवाहक परियोजना अधिकारी (जनजाति क्षेत्रीय विकास) श्री भवानीसिंह पालावत, और अन्य अधिकारियों ने उनकी अगवानी की।
श्री मीणा को ग्राम पंचायत सोडलपुर में खडे ग्रामीणों ने पुष्पहारों से लाद दिया और ढोल बाजों के साथ स्वागत किया। इसी प्रकार पीपलखूंट, खमेरा एवं घाटोल में स्वागत द्वार बनाकर ढोल ढमाकों के साथ श्री मीणा का स्वागत किया गया। पीपलखूंट में मुख्य मार्ग पर बनाए गए स्वागत द्वार पर जमा सैकडों ग्रामीणों ने आतिशबाजी और लोक वाद्यों की धुनों पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री का भावपूर्ण स्वागत किया।