बीकानेर नव वर्ष 2010 का आगाज आज मध्य रात्रि को चन्द्र ग्रहण से होगा। करीब 42 वर्षो के बाद ग्रहों का ऐसा मेल हो रहा है। ग्रहों के इस मेल में चन्द्रमा पर बुध, शुऋ, राहु, गुरू व शनि सहित छह ग्रहों की दृष्टि पडेगी। पौष शुक्ला पूर्णिमा को चन्द्रग्रहण योग हो रहा है।यह चन्द्र ग्रहण रात्रि बेला की मिथुन लग्न में पड रहा है। इस ग्रहण के भारत में दुष्प्रभाव देखे जाएंगे। इसके प्रभाव से लोग द्वेष भावना, चिंता जैसी समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं। पंडित राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि चन्द्रमा मन का कारक है। इसलिए इस ग्रहण का जीवात्मा के मन पर प्रभाव पडेगा। ज्योतिष के मुताबिक चन्द्रग्रहण पर एक साथ छह ग्रहों की दृष्टि नुकसानदायक होगी। ग्रहण मध्य रात्रि 12 बजकर 22 मिनट से एक बजकर 49 मिनट तक रहेगा। इसलिए ग्रहण का सूतक 3 बजकर 22 मिनट से प्रारम्भ हो जाएगा।ज्योतिषियों के अनुसार नव वर्ष की शुरूआत चन्द्रग्रहण के होने से नव वर्ष सही नहीं रहेगा। इसमें अर्थ लाभ ज्यादा नहीं हो पाएगा। क्योंकि जनवरी में ही दूसरा ग्रहण पडेगा।ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए मनुष्य को सफेद वस्तु का दान करना चाहिए। इसके साथ ही महामृत्युंजय जप व शिव आराधना व चिरंजीवी कवच के पाठ लाभकारी रहेंगे। पंडित मनू महाराज ने बताया कि सूतक प्रारंभ हो जाने के कारण मंदिरों में गुरूवार को भजन संध्या व शयन की आरती नहीं होगी तथा कपाट भी बंद रहेंगे। ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सूतक से पूर्व खाद्य पदार्थों में कुर्शा रखनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दर्शन नहीं करने चाहिए। ज्योतिषियों का कहना है कि चन्द्रग्रहण मेष, सिंह, कन्या, मकर राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा, अन्य रात्रि के जातकों को अशुभ फलदायी होगा। वृषभ राशि के लिए क्षति, मिथुर के लिए घात, कर्क के लिए हानि, तुला के मानहानि, वृश्चिक के लिए मृत्यु तुल्य कष्ट, धनु के लिये स्त्री कष्ट, मकर के लिये सौख्य, कुंभ के लिये चिंता व मीन राशि वालों को व्यथा देने वाला होगा।