बीकानेर, नगर विकास न्यास सचिव सुदर्शन भयाना और अधिशाषी अभियंता भंवरु खा के अपमान जनक व्यवहार से आहत संयुक्त संघर्ष समिति का आंदोलन सामवार को भी जारी रहा। धरनास्थल पर शहर के विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है साथ ही सांसद ने भी आकर अपना समर्थन दिया है।
समिति के बैनर तले अधिकारियों को पद से हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे पत्रकारों ने कलैक्ट्रेट में धरना देकर चेतावनी दी थी कि अगर सोमवार तक दोनों अधिकारियों को पद से नहीं हटाया गया तो धरना और विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन तेज किया जाएगा। इस बीच आंदोलन में शामिल वरिष्ठ पत्रकारों को बीकानेर के कुछ बदमाशों भूमाफियाओं ने आंदोलन खत्म करने के लिये जानलेवा हमलों की धमकियां दी है। इससे आंदोलनकारी पत्रकारों का आक्रोश ज्यादा गहरा गया है। जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
इस बीच जिला कलैक्टर ने सुबह पत्रकारों के शिष्टमंडल से वार्ता कर आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों तक कार्यवाही के लिये पत्र भिजवा दिया गया है।
वरिष्ठ पत्रकार के.के. गौड़, के.डी. हर्ष, बाबूसिंह कच्छावा, मो.अली पठान, अपर्णेश गोस्वामी, श्याम मारू, लक्ष्मण राघव, भवानीशंकर जोशी, नीरज जोशी, विमल छंगाणी, शिवकुमार भादाणी, नासिर जैदी, जय भगवान उपाध्याय, के.के. शर्मा, हेमंत उज्जवल, मो.रमजान मुगल, मुकेश पूनिया, सुरेश बोड़ा, विक्रम जागरवाल, अरविन्द व्यास, जयनारायण बिस्सा, राजेन्द्र सैन, रामस्वरूप भाटी, के.के.सिंह, तेजकरण हर्ष, रवि विश्नोई, आदर्श शर्मा, मुकेश आचार्य, ओम दैया, बृजमोहन रामावत, सुजानसिंह, नरेश मारू, आर.सी. सिरोही,रफीक, उमाशंकर आचार्य, मोहम्मद अयूब, श्रीगोपाल व्यास, दिनेश गुप्ता, आनंद जोशी, विनोद जोशी, विजय कल्ला, पवन भोजक, रोहित शर्मा समेत बड़ी तादाद में स्थानीय पत्रकार शामिल थे।
सांसद ने दिया समर्थन
स्वाभिमान के लिये संघर्ष कर रहे स्थानीय पत्रकारों का समर्थन करने आज भाजपा सांसद अर्जुनराम मेघवाल भी धरना स्थल पर पहुंचे। इस मौके पर सांसद ने पत्रकारों के आंदोलन में साथ देने का वादा करते हुए शांतिपूर्वक अपनी मांग रखने वाले पत्रकारों के साथ अपमानजनक रवैया निंदनीय है और प्रशासन को दोषी अधिकारियों के खिलाफ पत्रकारों की मांग के अनुरूप कार्यवाही करनी चाहिए। सांसद ने इस संबंध में मुख्य सचिव से वार्ता करने का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ जब ऐसा हो सकता है तो आम जनता के साथ इस सरकार में कैसा व्यवहार होगा। उन्होंने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल कार्यवाही करने की बात कही।
सांसद अर्जुनराम ने की निंदा
आंदोलन कर रहे पत्रकारों को मिल रही धमकियों की सांसद अर्जुनराम ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन और पुलिस को उन तत्वों का पता लगाकर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जो पत्रकारों को धमिकयां दे रहे है। मेघवाल ने कहा कि पत्रकारों को धरने पर न बैठने की असामाजिक तत्वों द्वारा दी गयी धमकियां भी निंदनीय है। |