जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज प्रातः यहां विधानसभा में रेजीडेन्ट डॉक्टर्स द्वारा सामूहिक रूप से अवकाश पर चले जाने पर उत्पन्न स्थिति एवं स्वाइन फ्लू रोग से बचाव एवं उपचार के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की और विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। मुख्यमंत्री को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री एमादुद्दीन अहमद खान (दुर्रू मियां) ने बताया कि विभाग द्वारा रेजीडेन्ट डॉक्टरों को जन हित में काम पर लौट आने की अपील की है लेकिन उनके द्वारा अनुचित दबाव बनाने की चेष्टा की जा रही है। विभाग द्वारा उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के लिये 7 अगस्त तक कोई निर्णय लिये जाने का लिखित आश्वासन भी 25 जुलाई को ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद भी रेजीडेन्ट डॉक्टर्स सामूहिक रूप से अवकाश पर चले गये हैं। चिकित्सा मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि अन्य राज्यों द्वारा रेजीडेंट डॉक्टर्स को दिये जा रहे स्टाइपेण्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त कर परीक्षण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रेजीडेन्ट डॉक्टर्स की वाजिब मांगों के प्रति संवेदनशील है और शीघ्र ही कोई हल निकालने का प्रयास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने रेजीडेन्ट डॉक्टर्स से अपील की है कि वे जनहित एवं रोगियों के हित में अपने कार्य पर लौट आयें, इसके उपरान्त भी यदि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की बाधा डालने का प्रयास किया गया तो सरकार ऐसे लोगों से सख्ती से निपटेगी।
श्री खान ने मुख्यमंत्री को राज्य में चल रहे स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्वाइन फ्लू के सम्भावित रोगियों के उपचार के लिये व्यापक रूप से प्रबन्ध कर लिये गये हैं। सम्भावित रोगियों के सैम्पल लेकर जांच के लिये भिजवा दिये गये हैं। अब तक कुल 21 सम्भावित रोगियों को भर्ती कर उनके सैम्पल जांच हेतु दिल्ली भिजवाये गये हैं जिनमें से केवल 4 रोगी पॉजिटिव पाये गये हैं, शेष सभी की रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि सवाई मानसिंह चिकित्सालय में भर्ती 3 रोगियों की रिपोर्ट आना बाकी है। समीक्षा बैठक में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा श्री ललित कोठारी, प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री आर.के. मीणा साहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।