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मानसून की पहली बारिश ने समूची धर्मधरा को तरबतर कर दिया
6 Jul 2010

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बीकानेर मानसून की दस्तक के बाद बीकानेर शहर में आज रिमझिम बौछारों के रूप में चार घंटे के अंतराल में दो बार हुई बारिश ने समूची धर्मधरा तरबतर कर दिया, बारिश के बाद गर्मी का प्रकोप पूरी तरह काफूर हो गया है। मौसम सुहावना होने से जनमानस के चेहरे खिले हुए है और लोग बरसाती मौसम का जमकर लुत्फ उठा रहे है। पशु पक्षियों की व्याकुलता भी अब नजर नहीं आ रही है। हालांकि बीकानेर में बारिश के आसार सोमवार से ही प्रभावी थे मगर जिले के नोखा, लूणकरणसर, छत्तरगढ़ समेत गंगाशहर क्षेत्र में तो अच्छी बरसात हुई मगर शहर में एक बूंद भी पानी नहीं बरसा, लेकिन आसमान में गहराई काली घटाओं के कारण मौसम सुकुनदायी रहा। बीती रात भी आसमान बादलों से आच्छादित रहा और बिजलियां कड़कती रही। आज सुबह मेहरबान हुए मानसून के कारण रिमझिम बौछारों का दौर दस मिनट तक चला। इसके बाद 11 बजे के करीब हुई बारिश के दौरान 2 मिमी पानी बरसा। मानसूनी बरसात के बाद समूची धर्मधरा नहायी हुई सी नजर आई। पेडों और हवेलियों पर छाई गर्द साफ हो गई। पेडों की हर पत्ती खिलखिला उठी। कपोतों ने भी पंख फैला लिए। आसमान से बरसे अमृत का रसपान करने को मरूधरा का जर्रा-जर्रा बेताब दिखा। बच्चे क्या बुजुर्ग, महिला हो या पुरूष हर कोई बारिश में नहाने को लालायित लगा। गृहिणियों ने हाथों में झाडू थाम छत-आंगन की सुध ली। इस बरसात से मौसम में जबरदस्त परिवर्तन आया। तापमान में करीब सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। उधर,पहली बारिश ने शहर में गंदे पानी की निकासी की पोल खोल दी। सकडी नालियां और अवरूद्ध नालों के कारण गंदा पानी सडकों पर किसी बडे खुले नाले की तरह बह निकला। इससे लोगों को आवागमन में खासी परेशानी का सामना करना पडा। गंदे पानी के साथ बहते कचरे से जगह-जगह कीचड हो गया। प्रात: देरी से बाजार खुले। दोपहर बाद सूर्य देव ने दर्शन दिए। इससे थोडी उमस हो गई। आज सुबह से ही आसमान में काली घटाएं छा रही थी। पानी भरे बादल उमड-घुमड रहे थे। हवा थमी हुई थी। कई दिनों से मानसून की बरसात की बाट जोह रहे लोग आज आसमान में बादलों की हलचल देख प्रसन्न थे। उन्हें लगने लगा था कि इन्द्रदेव आज जरूर मेहरबान होंगे। लोगों की मुराद पूरी भी हुई। एकाएक बूंदा-बांदी शुरू हुई और फिर अविरल अमृत बरसने लगा। वर्षा ने एक बार जोर पकडते हुए शहर की गलियों को तरबतर कर दिया। नालियां उफनकर सडकों पर बहने लगी। सुबह तकरीबन 6 बजे शुरू हुआ बरसात का सिलसिला करीब आधे घंटे तक चलता रहा। इससे तापमान में खासी गिरावट आई। वातावरण खुशनुमा हो गया। गर्मी और उमस की चिपचिपाहट से निजात मिली। मौसम विभाग के अनुसार आज का अधिकतम तापमान 33.8 व न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफाई की खुली पोल मानसून सत्र की पहली बारिश ने शहर में गंदे पानी की निकासी की पोल खोल कर रख दी। स्थानीय रेलवे स्टेशन चौराहा बरसात के पानी से लबालब हो गया। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को गंदे पानी में से गुजरना पडा। सब्जी मण्डी, गिन्नानी सहित अनेक निचली बस्तियां बरसात के पानी से तरबतर हो गई। सब्जी मण्डी में इतना दलदल हो गया कि आम आदमी का यहां से निकलना मुश्किल हो गया।

 




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