Home > Article >> Short Stories | अकबर और उनकी बेगम
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07 Sep 2008 Add comment Mail
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बादशाह अकबर और उनकी बेगम का अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा हो जाता था। एक दिन ऐसे ही दोनों आपस में झगड़ रहे थे तो बेगम बोली, ‘‘आपको सबूत देना होगा कि मुझे वास्तव में प्रेम करते हैं आप। इसके लिए जैसा मैं कहती हूं, वैसा ही करिए। बीरबल को उसके ओहदे से हटाकर मेरे भाई शेरखान को रखें।’’
बादशाह ने अपनी बेगम को समझाने की बहुतेरी कोशिश करी कि बीरबल को ऐसे ही अकारण नहीं हटाया जा सकता। लेकिन बेगम ने एक न सुनी। तब अकबर बोले, ‘‘तुम खुद ही बीरबल से बात कर लो।’’
बादशाह की यह बात सुन बेगम के दिमाग में एक योजना जन्मी।
बेगम खुश होते हुए बोली, ‘‘मेरे पास एक तरीका है। कल हम दोनों यूं ही आपस में झगड़ने लगेंगे। तब आप बीरबल से कहेंगे कि यदि बेगम ने आप से माफी नहीं मांगी तो उसे उसके पद से हटा दिया जाएगा। इस तरह आप पर कोई इल्जाम भी नहीं आएगा।’’
अगले दिन योजना के अनुसार बादशाह और उनकी बेगम आपस में झगड़ पड़े। इससे नाराज होकर नकली गुस्से से भरे अकबर दूसरे महल में जाकर रहने लगे।
बीरबल को भी इस झगड़े की खबर लगी।
जब बीरबल बादशाह से मिलने गया तो वह बोले, ‘‘बीरबल ! बेगम को मुझसे माफी मांगनी ही होगी। वरना तुम्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना होगा।’’
एकबारगी तो बीरबल यह समझ ही न पाया कि बेगम यदि माफी नहीं मांगती तो उसका क्या दोष है ?
बीरबल वहां से बाहर निकला और एक सैनिक को पास बुलाकर उसके कान में कुछ फुसफुसाया। फिर वह बेगम से बात करने जा पहुंचा। उसने ऐसा आभास दिया कि जैसे उनके झगड़े के बारे में कुछ जानता ही नहीं।
कुछ देर बाद बीरबल की योजनानुसार वह सैनिक भीतर प्रविष्ट होता हुआ बोला, ‘‘हुजूर ! बादशाह सलामत का कहना है कि सब कुछ आपकी योजनानुसार ही चल रहा है। बादशाह इस समय बेहद बेचैन हैं और चाहते हैं कि आप तुरंत उसे लेकर उनके पास पहुंचें।’’
सुनते ही बीरबल तुरंत जाने के लिए खड़ा हो गया।
तब बेगम ने पूछा, ‘‘बीरबल ! माजरा क्या है ? हमें भी तो कुछ पता चले।’’
‘‘माफी चाहूंगा बेगम साहिबा।’’ बीरबल बोला, ‘‘लेकिन मैं ‘उस’ व्यक्ति के बारे में आपको बता नहीं सकता।’’ कहकर वह चला गया।
अब तो बेगम बहुत ही बेचैन और परेशान हो गई। उनके मन में बुरे-बुरे विचार आने लगे। उन्हें लगा कि जरूर कुछ गलत होने जा रहा है। उन्होंने सोचा, ‘हो न हो जरूर वह कोई दूसरी औरत ही होगी। बादशाह शायद उससे शादी करने वाले हैं। या खुदा ! अपने भाई को वजीर बनाने की चाहत तो मेरा ही घर बर्बाद करने पर तुली है।’
वह तुरंत बादशाह के पास पहुंची और घुटनों के बल बैठ कर रोने लगी। बादशाह बोले, ‘‘क्या बात है ? तुम इस तरह रो क्यों रही हो ?’’
आंखों में आँसू भरकर बेगम बोली, ‘‘मुझे माफ कर दें। मैं गलती पर थी। लेकिन दोबारा शादी न करें।’’
बादशाह यह सुनकर हैरान रह गए। वह बोले, ‘‘तुमसे किसने कहा कि मैं दूसरी शादी करने जा रहा हूं ?’’
तब बेगम ने वह सब दोहरा दिया जो बीरबल ने कहा था। यह सुनकर अकबर जोर से ठहाका लगाकर हंसते हुए बोले, ‘‘बीरबल ने तुम्हें बुद्धू बनाया है। चतुराई में उसे हराना असंभव है-यह तो अब तुम अच्छी तरह समझ ही गई होगी।’’
‘हां’ कहती हुई बेगम मुस्करा दी। |
| | | Comments to this Article | | THIS IS THE BEST STORY I LIKE THIS SANTENCE , MANOJ KUMAR SHARMA LAIDI (2010-01-18 11:12:43) | | | beautiful, dinesh (2010-01-16 19:22:24) | | | Good Joks I Like very much thanks, Madan tiwari (2010-01-23 11:37:14) | | | khanae bhut aache the, shahzad (2010-05-08 19:51:57) | | | this is a good story , rakesh bhatt (2010-10-11 07:51:48) | | | BAHOT ACHHA HAI, PREETI (2010-10-12 03:52:18) | | | excellent , Saleem Malik (2010-11-28 10:33:28) | | | good story and best joks., Kamal Goswami (2011-10-15 02:19:18) | |
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