प्रकृति के पालने मे पलते परिवर्तनों कि धारा का नाम ही जीवन है केवल एक जैविक घटना है वरन् जगत के कारण काया श्रंखला की लम्बी कहानी भी है जीवन का विस्तार उससे जुडे विविध पक्षो व समय की मांग के अनुसार होता जा रहा है|
हम एक ऐसे समय में जी रहे जो इतिहास में अपने तीवतम परिवर्तनों के कारण विशेष महत्व रखता है| एक अनुमान के अनुसार हर चार वर्ष मे ज्ञान दो गुणा होने की गति से बढता जा रहा है| कम्प्यूटर व इससे जुडे क्षेत्रों में तो यह समय अवधि और भी कम है| भाषाशासित्रयों के एक समूह की राय है कि भाषा के पिछले पचास वर्षों अपनी उर्जा प्रोग्रामिंग एवं कम्प्यूटर से जुडे विविध क्षेत्रों के विकास मे लगाइ है आज।
कम्प्यूटर हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा हो गया है| एक अनुमान के अनुसार आज धरती पर हर पच्चीसवां व्यकित किसी न किसी रूप में कम्प्यूटर से जुडा है| इंटरनेट ज्ञान के अथाह समुद्र के रूप में सामने आ रहा है| सूचनाओं का सैलाब ज्ञान विधि का स्थाई अक्षय कोक्ष बनता जा रहा है|
यह होने का नही लगने का समय है, यह करने का नही कहने का समय है| यह सुनने का नही बोलने का समय है| ऐसे विकट समय में जब हर चीज एक् उत्पाद बनती जा रही है मूल्यों, विश्वास और भावनाओं का अंत अत्यन्त ही निकट जान पडता हैं तब हम एक छोटे से शहर जिसे वैश्वीकरन की दीपावली में एक छोटा गांव ही कहेंगे में इंटरनेट के माध्यम से हमारे समय के संगत असंगत पक्षो पर संवेदना की भाषा के माध्यम से अनुभव के उन अगले अक्ष को तलाश कर तराशने की कोशिश में है जिसमें मनुष्यता अपने संपूर्ण रूप में विध्यमान हो।
हम जानते है कि यह् कठिन है, मंजिल के और छोर का पता नहीं है पर इतना अवश्य ही मालूम है कि हमें अपने नगर अपने परिवेश्, अपने राष्ट की छवि को अपनी कलम, अपनी संवेदना से एक नया जीवन् एक् नया जीवन एक नया रूप देना है।पत्रकारिता के क्षेत्र में पेशे की नैतिकता को रखते हुऐ स्वस्थ और मन को छु जाने वाले शब्द संसार की श्रूस्टि हमारा लक्ष्य है। हम हमारे ही नही वरन पाठक समाज के उन सपनों को साकार करने की कोशिश करेंगे जो सच्चाई के रूप में सामने हो सकें।
नगर की वैशिवक छवि बने, नगर विकास की रूपरेखा प्रवासियो को देते रहे साथ ही हमारी लोक परम्परा एंव संस्क्रति के समस्त अवयव हमारे अपने व प्रवासी भी प्रात्त कर सकें, एसी हमारी कोशिश रहेगी।
आज मीडिया के महासागर में हमारी उपस्थिति बस उपस्थिति भर ही है पर हम इस सच से भी वाकिफ है कि अगर व्यकित्व छोटा प्रयास सही दिशा और दशा में तो उसकी स्थिती और गति स्वयं ही महासागरों के संसार किसी प्रमुख सागर से कम नही होगी।
सहयोग की आशा और विश्वास के साथ शुभकामना
डाँ. ब्रजरतन जोशी