कि्रकेट की बादशाहत के लिए महाजंग शुरू हो रही है। सभी टीमें दम ठोककर मैदान में उतरी है। वर्ष २००६ के उत्तरार्द्व में कमजोर रहने वाली भारतीय टीम इस विश्वकप की मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। भारतीय टीम अपना विश्वकप अभियान १७ मार्च को बांग्लादेश के विरूद्ध मैच खेलकर करेंगी। हाल ही में भारतीय टीम के प्रदर्शन ने भारतीय कि्रकेट प्रेमियो की उम्मीदे बढा दी है। विश्वकप में भाग लेने वाली सभी टीमो के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारत एक मजबूत दोवदार के रूप में सामने आया है। भारत को मजबूत दावेदार मानने के पीछे ठोस कारण है और भारतीय खिलाडयों ने अपनी शानदार फार्म से इस दावे को पुख्ता किया है। * * *वर्तमान में विश्वकप की प्रमुख दोवदार टीमो में भारतीय टीम सबसे संतुलित नजर आ रही है। सभी खिलाडी पूरी तरह से फार्म मे है । सबसे बडी बात भारतीय खिलाडयों की बॉडी लेंग्वेज में एक दृढता नजर आ रही है। सचिन और सौरव के खेल में विश्वकप जीतने के प्रति पूरा समर्पण और दृढता नजर आ रही है। वे कप्तान राहुल द्रविड को पूरा सहयोग कर रहे है। इस समय टीम के लिए विशेष बात यह है कि टीम पूरी तरह से लय में है। भारतीय टीम का बल्लेबाजी का यदि उच्चक्रम असफल होता है तो मध्यमक्र्रम उसे संभाल लेता है। यदि मध्यमक्रम असफल होता है तो निम्नक्रम बल्लेबाजी को सभाल लेता है। युवराजसिंह और महेन्द्रसिंह धोनी भारतीय बल्लेबाजी के पिंच हिटर के रूप में है। गेंदबाजी में जहीर खान,मुनाफ पटेल,श्रीसंत और अनिल कुम्बले शानदार फार्म में है। कुल मिलाकर टीम पूरी तरह से संतुलित है और विश्वकप से पूर्व वेस्टइंडीज और श्रीलंका के विरूद्ध श्रंखला में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। टीम का यही प्रदर्शन उसे मजबूत दावेदार बनाता है। * * *भारत का मजबूत दावेदार के रूप में उभरने का एक प्रमुख कारण अन्य दावेदारो की कमजोर स्थिति है। विश्वकप से पूर्व प्रबल दावेदार आस्ट्रेलिया लगातार ५ एकदिवसीय मैचो में पूरी तरह से पराजित हो चुका है। पाकिस्तान के प्रमुख खिलाडी शोएब और आसिफ इस विश्वकप में नहीं खेल रहे है। दक्षिण अफ्रीका विश्वकप के अभ्यास मैच में आयरलैंड जैसी कमजोर टीम के सामने लडखडा गया। श्रींलका के मुख्य खिलाडी मुरलीधरन और वास को विश्वकप से पूर्व ज्यादा कि्रकेट खेलने के अवसर नहीं मिले है। इससे श्रीलंका खेमे में चिंता का विषय है। इस तरह भारत के अलावा अन्य दावेदार विश्वकप से पूर्व बुरी स्थिति का सामना कर रहे है। जिसका प्रभाव उनके मनोबल पर पडा है। आस्ट्रेलिया को लगाातर तीन मैच हराने वाली न्यूजीलैंण्ड भी विश्वकप अभ्यास मैच में बांग्लादेश से पराजित हो गई । इससे उलट भारत को ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड रहा है। ये सभी स्थितियॉ भारत के अनूकूल है और भारत को विश्वकप २००७ का मजबूत दावेदार बनाती है। * * *इसके अलावा भारत को अन्य बाते भी विश्वकप २००७ का दावेदार बनाती है। भारतीय टीम विवादो से पूरी तरह उबर चूकी है। भारतीय टीम के सभी खिलाडयों का ध्यान पूरी तरह से खेल पर है। सभी का आपस में तालमेल नजर आ रहा है जो किसी भी टीम के लिए सबसे सबल पक्ष है। इसके अलावा सबसे खास बात यह है कि भारतीय कप्तान राहुल द्रविड पूरी तरह से आक्रमक नजर आ रहे है। विश्वकप जैसी प्रतियोगिता में कप्तान के लिए आक्रमक रूख अपनाना जरूरी होता है। इससे पूर्व कहा जा रहा था कि राहुल द्रविड आक्रमक नहीं है। परन्तु उसने टीम चयन से लेकर मैदानमें अपने निर्णयो तक आक्रमकता दिखाई है। इससे भारतीय टीम की संभावनाऐं बढी है। भारतीय कप्तान में आस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग जैसी आक्रमकता नजर आ रही है। * * *कुल मिलाकर परिस्थितियॉ भारत के अनूकल होती जा रही है। पूरा देश भारत के विश्वकप जीतने की कामनाऐ कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऐसालग रहा है कि देशवासियों की शुभकामनाऐं अपना असर दिखा रही है। भारतीय टीम के लिए सब कछ सकारात्मक नजर आ रहा है। हम सभी उम्मीदो के साथ टीम का उत्सावर्द्धन कर सकते है -हु-हा‘ इंडिया !
मनीष कुमार जोशी, सीताराम गेट के सामने, बीकानेर