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27 Dec 2006 Add comment Mail
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नामुमकिन को मुमकिन किया शेन वार्ने ने
मनीष कुमार जोशी
कि्रकेट के इतिहास में २६ दिसम्बर २००६ का दिन मील का पत्थर बन गया क्योंकि इस दिन मेलबोर्न के* ग्राउण्ड में शेन वार्ने ईग्लैण्ड के स्ट्रासउस को क्लीन बोल्ड करके कि्रकेट की दुनिया में ७००वॉ विकेट लेने वाला गेदबाज बन गया। १९९१’९२ में ईग्लैण्ड के माईक गैटिंग के विरूद्ध २०वीं शताब्दी की सर्वश्रेष्ठ गेंद फेकने वाले वार्ने ने मात्र १४३ टेस्ट मैचो में ७०० विकेट का जादुई आंकडा छु लिया। श्ेान वार्ने ने अपनी अंगुलियो के जादु से टेस्ट कि्रकेट के उस मुकाम को छु लिया जिसके बारे में कि्रकेट में सोचना भी संभव नहीं था। कपिलदेव ने जब रिचर्ड हेडली का सर्वाधिक ४२५ टेस्ट विकेटो का रिकार्ड तोडा था तो ५०० विकेट का आंकडा भी नामुमकिन माना जा रहा था परन्तु वार्ने ने अपनी स्पिन गेंदबाजी के जादु से इसे मुमकीन बना दिया। कि्रकेट इतिहास में इस बात को पुख्ता कर दिया कि कि्रकट में कोई भी ऊंचाई नामुमकिन नहीं है।
* * *आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर में जन्मे श्ेान कीथ वार्ने कि्रकेट जगत का अजुबा खिलाडी है। यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि आस्ट्रेलिया में जन्म लेकर शेन वार्ने ने स्पिन गेंदबाजी के जरिये कि्रकेट जगत की ऊॅचाईयां हासिल की। आस्ट्रेलिया की विकेटे तेज गेदबाजो के अनुकूल मानी जाती है परन्तु वार्ने ने स्पिन गेंदबाजी को नये ढंग से विकसित कर तेज विकेटो पर स्पिन गेदबाजी को काम्याब बनाया । वार्ने के कैरियर के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि उसने स्पिन गेंदबाजी के अनूकूल भारतीय उपमहाद्वीप के विकेटो पर ७०० मेंसे मात्र १२७ विकेट लिये । १९९३ में जब ईग्लैण्ड में* उसने ऐशेज सीरीज में ईग्लैण्ड के माईक गेटिंग को आउट किया तो उसे शताब्दी की सर्वश्रेष्ठ गेंद माना गया। इस गेंद के साथ ही कि्रकेट विज्ञो ने आकलन कर लिया था कि यह गेंदबाज कि्रकेट की दुनिया का सफलतम गेंदबाज बनेगा। तेज गेंदबाजी के दौर में वार्ने ने स्पिन गेदबाजी को नई पहचान दी। यह उल्लेखनीय है कि १९९१-९२ में तेज गेंदबाजी के आगे स्पिन गेंदबाजी दम तोड रही थी ऐसे में वार्ने ने स्पिन गेंदबाजी को नया जीवन दिया। उसकी गेंदबाजी के बारे में कहा जाता है कि उसके बार में पता करना मुश्किल होता है कि गेंद किस तरफ स्पिन करेगी। आस्ट्रेलिया ने ऐशेज सीरीज में पिछले एक दशक में जो भी सफलता प्राप्त की है उसका सारा श्रेय शेन वार्ने को है। वार्ने जब भी टीम से बाहर हुआ है आस्ट्रेलिया को ऐशेज में मात खानी पडी है। वार्ने द्वारा खेले गये १४३ मैचो में आस्ट्रेलिया ने ९० टेस्ट मैचो में जीत दर्ज की है। इसके अलावा उसने अपने देश के बाहर ७०० में से ३६२ विकेट झटके है। उसकी गेंदबाजी से ईग्लैण्ड और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज आज भी खौफ खाते है।
* * *दुनिया का यह महान गेंदबाज अपने व्यवहार के कारण भी चर्चित रहा हे। सैक्सी कांड और मैच फिक्सिंग के मामले में उसकी आलोचना हो चुकी है। इस कारण उस पर दो वर्ष का प्रतिबंध भी लग चुका है। कुछ समय पहले भी उस पर सैक्स को लेकर आरोप लगाये गये थे। वार्ने इन सबका असर अपने खेल पर नहीं होने देता है। उसने हर बार धमाकेदार वापसी की है। आस्ट्रेलिया के कई पूर्व कि्रकेटर तो उसे आस्ट्रेलिया टीम के कप्तान के रूप में देखना चाहते थे। अल्हड स्वभाव का वार्ने अपने खेल के प्रति पूरी तरह गंभीर है और उसने अपने कैरियर के चरमोत्कर्ष पर सन्यास की घोषण की है। ऐसी हिम्मम बहुत कम खिलाडी कर पाते हे। अभी वह दो साल और कि्रकेट खेल सकता है परन्तु वह अपने कैरियर की ऊचाई पर कि्रकेट को अलविदा कहना चाहता है।
* * ेक्रकेट की दुनिया के इस महान गेदबाज के लिए यह बात हमेशा सालती रहेगी वह अपने समकालीन महान बल्लेबाजो के विरूद्ध कभी नहीं चल पाया । वह सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा के सामने बिलकुल नहीं चल पाया। वह भारत और वेस्टइंडीज में अपेक्षाकृत कम सफल रहा है। दुनिया के बल्लेबाजो को भयभीत करने वाले वार्ने स्वंय तेंदुलकर से खौफ खाते है। वे आज भी सचिन के सामने गेंद फेकने से कतराते है। वह भारतीय उपमहाद्वीप में मात्र १२७ विकेट ले पाया है। उसके अधिकांश विकेट ईग्लैण्ड और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजो के विरूद्ध लिये है जो स्पिन गेंदबाजी खेलने में कमजोर माने जाते है। शेन वार्ने ने ईग्लैण्ड, न्यूजीलैण्ड और दक्षिण अफ्रीका के विरूद्ध अपने कुल ७०० टेस्ट विकेट में से ४८९ विकेट लिये है। जो यह बताता है कि वार्ने की अंगुलियो का जादु सिर्फ स्पिन गेदबाजी खेलने से कमजोर माने जाने वाले बल्लेबाजो के विरूद्ध ही चला है। भारतीय उपमहाद्वीप और वेस्टइंडीज के बल्लेबाजो के विरूद्ध असफल रहने का दर्द उसे हमेशा सालता रहेगा। परन्तु इस कारण उसकी महानता कम नहीं हो सकती है। वार्ने ने आस्ट्रेलिया को प्रतिष्ठित ऐशेज सीरीज में बार बार सफलता दिलाई है। उसने स्पिन गेंदबाजी को नये आयाम दिये र्है। उसने कि्रकेट में वो कारनामा कर दिखाया है जो कि अब तक कल्पना से भी परे था। उसने कि्रकेट को नई ऊंचाईयां दी है। कि्रकेट वार्ने का हमेशा ऋणी रहेगा और अब कि्रकेट के बाद कामेण्ट्री बॉक्स में वे कामेण्ट्री को नई ऊंचाईयों देग |
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