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बीकानेर में इन दिनों पाकिस्तान के डेरा गाजी खां में रहने वाले हजरत पीर गुलाम अल्लाह बक्श तौशवी सुलेमानी आए हुए हैं। पीर साहब एक माह के दौरे पर भारत आए हैं और इस तेईस जनवरी को दिल्ली होते हुए वापस पाकिस्तान लौट जाएंगे। बीकानेर आने से पहले पीर साहब अजमेर में ख्वाजा मईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गए थे और वहां अपनी मन्नत पूरी होने पर चादर चढाई। खबरएक्सप्रेस के साथ विशेष भेंटवार्ता में पीर साहब ने बताया कि यह चादर बनाने में डेढ साल लगे और दो लाख रूपये का खर्चा हुआ। पीर साहब के काफी मुरीद बीकानेर में भी मौजूद हैं और उन्हीं के विशेष आग्रह पर पीर साहब बीकानेर आए हैं। बीकानेर आने के लिए पीर साहब को गृह मंत्रालय भारत सरकार से विशेष अनुमति लेनी पडी ।
आज बीकानेर के मौहल्ला व्यापारियान में स्थित मस्जिद में पीर साहब से अनेकों मुरीदों ने भेंट की। बीकानेर नगर परिषद के सभापति हाजी मकसूद अहमद सुलेमानी ने पीर साहब का माला पहनाकर अभिनंदन किया। पीर साहब से जब खबर एक्सप्रेस ने भारत में रह रहे मुसलमानों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि भारत आने पर यहां के लोगेां से काफी मुहब्बत मिली और वे सबके आबाद रहने की कामना करते है। खुशमिजाज दिखने वाले पीर साहब से जब दोनों देशों के सियासी संबंधों के बारे में पूछताछ की तो उनका कहना था कि भारत और पाकिस्तान की आम आवाम शांति चाहती है लेकिन सियासत के खेल ने लोगों के मन में जहर घोल दिया है। दोनों देशों के भविष्य के बारे में पुछने पर पीर साहब कहते हैं कि अगर गरीब नवाज का आशीर्वाद मिला तो आने वाले दिनों मे ंभारत और पाकिस्तान के संबंधों में काफी सुधार आएगा और अमन - चैन कायम होगा। पीर साहब ने कहा कि उनकी दिल से इच्छा है कि यहां के रास्ते आम रास्तों की तरह खुले और पूर्व की भांति अमन चैन कायम हो। पीर साहब ने कहा कि दुनिया का कोई भी धर्म लडना नहीं सीखाता और सारे धर्म अमन चैन की ही सलाह देते हैं।
बीकानेर के साथ उनके संबधों के बारे में पूछने पर वे कहते हैं कि उनके पर दादा हजरत ख्वाजा मौहम्मद मेहमूद साहब किसी जमाने में बीकानेर आए थे और तीन पीढी बाद हजरत पीर गुलाम अल्लाह बक्श तौशवी सुलेमानी साहब बीकानेर आए हैं। पीर साहब ने बताया कि वैसे तो छह साल पहले भी बीकानेर आना हुआ था और इस बार जब मौका मिला तो अपने को रोक नहीं पाए। नगर के साम्प्रदायिक सदभाव के बारे में उनका कहना था कि यह खुशी की बात है कि बीकानेर में जैन धर्म का मर्यादा महोत्सव चल रहा है और आने वाले दिनों में लक्ष चंडी महायज्ञ होने जा रह है। पीर साहब ने दुआ की है कि बीकानेर का अमन चैन इसी तरह कायम रहे।
पीर साहब ने अपने दादा और पिता हजरत ख्वाजा गुलाम मईनुद्दीन खान साहब को याद करते हुए कहा कि अगर मौका मिला तो वे बीकानेर आना फिर पंसद करेंगे। इस यात्रा में उनके साथ पीर साहब के साथ उनके दो खादिम फैज मौहम्मद और हक नवाज भी आए हैं। उन्होंने खबरएक्सप्रेस के जरिये में अपील की कि सारे जंहा में अमन चैन कायम हो और सद्भाव का वातावरण बने । उन्होंने खबरएक्सप्रेस के उतरोतर उज्ज्वल भविष्य की खुदा से दुआ की ।
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