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जैसलमेर बन रहा है देशी-विदेशी सैलानियों की पहली पसन्द

12 Dec 2007      Add comment     Mail     Print     Write to Editor     

विश्व पर्यटन मानचित्रा पर विशिष्ट स्थान अर्जित कर चुके ऐतिहासिक जैसलमेर नगर के प्रति देशी-विदेशी सैलानियों का आकर्षण निरन्तर बढता जा रहा है। भारत भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी पर्यटक जहां मरुस्थलीय जिले के जन-जीवन तथा विख्यात पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए हमेशा इच्छुक रहते हैं। वहीं देश के कोने-कोने से वर्ष पर्यन्त सैलानियों की स्वर्ण नगरी में आवक बनी रहती है।
 प्रारम्भ में विदेशी पर्यटकों में  मुख्यतया फ्रेंन्च पर्यटकों की बहुतायात रहती थी ,किन्तु अब फ्रांस के साथ ही अन्य देशों से इटेलियन, जर्मन, आस्ट्रेलियन, स्विस, अमेरिकन, ब्रिटिश, कोरियन  पर्यटकों के साथ ही श्री लंका एवं पूर्वी एशियाई देशों के पर्यटक भी अच्छी संख्या में यहां पहुंच रहे है। इसी प्रकार देशी सैलानियों में आज भी गुजराती एवं बंगाली सैलानियों की संख्या अधिक रहती है। वर्तमान में अन्य प्रदेशों से भी सैलानी स्वर्ण नगरी की पहुंच रहे हैं।
 जैसलमेर नगर में पर्यटकों की लगातार बढती जा रही संख्या को दृष्टिगत रखते हुए होटल एवं पर्यटन व्यवसाय का निरन्तर विस्तार हो रहा है। नगर में होटलों, धर्मशालाओं, सरकारी विश्राम गृहों तथा पेईंग गेस्ट हाऊस की संख्या जहां बढकर १४२ तक हो गई है। इनके २११५ कमरों में ५८०७ शैय्याओं की क्षमता उपलब्ध है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटलों की संख्या में भी लगातार बढोतरी होती जा रही है। जैसलमेर नगर के साथ ही ग्रामीण अंचलों में भी अच्छे स्तर की होटलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, रेतीले लहरदार सम के टीलों में स्विस टैन्ट, नोरमल टैंट एवं रिसोर्ट की संख्या भी निरन्तर बढती जा रही है।
 स्वर्ण नगरी की सैर के लिये आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों की संख्या उत्तरोतर बढती जा रही है। वर्ष २००४ में देश के कौने-कौने से जहां एक लाख ८२ हजार सैलानी जैसलमेर पहुंचे वहीं सात समुन्दर पार से यहां पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या ८१ हजार १५ रही। इस प्रकार वर्ष २००४ में २ लाख ६३ हजार २२९ सैलानी जैसलमेर भ्रमण हेतु पहुंचे। इसी क्रम में वर्ष २००५ में १ लाख ७७ हजार ३६० देशी तथा ९८ हजार ८७१ विदेशी सैलानी मरूस्थलीय जिले के भ्रमण के लिये आए। इनकी कुल मिला कर संख्या २ लाख ७६ हजार २३१ रही। वर्ष २००६ में २ लाख ४ हजार ९११ देशी तथा एक लाख १७ हजार ३६४ विदेशी पर्यटकों सहित कुल ३ लाख २२ हजार २७५ तथा वर्ष २००७ में जनवरी से अक्टूबर तक १ लाख ४१ हजार ७४५ देशी व ९४ हजार ७१३ विदेशी पर्यटक इस प्रकार कुल २ लाख ३६ हजार ४५८ सैलानी संसार के सुन्दरतम नगरों में से एक स्वर्ण नगरी के भ्रमण के लिये पहुंचे।
 भारत सरकार के पर्यटन मंत्राालय द्वारा पर्यटन स्थली जैसलमेर के  विकास एवं यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित करने हेतु टूरिस्ट डेस्टीनेशन विकास योजना के अन्तर्गत ३ करोड १५ लाख ४५ हजार रुपये लागत के कार्य स्वीकृत किये गये है। इन कार्यों में नगरपालिका के माध्यम से निर्माणाधीन सिटी पार्क के लिये जहां एक करोड ४ लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं नगर में अन्य पर्यटन विकास कार्य करवाए जाने की योजना तैयार की गई है । अन्य कार्यों में मुख्य रूप से विभिन्न स्थानों पर ओवरहेड साईनेज बोर्ड लगाने का कार्य प्रगति पर है, जिन पर २७ लाख ५५ हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसी प्रकार नगर में ४ थीम वाटिकाओं के निर्माण के लिये २० लाख, देदानसर मैदान को विकसित करने की योजना के अन्तर्गत टॉयलेट ब्लौक पवेलियन, बैठक व्यवस्था, छतरियों, एप्रोच रोड, चार दिवारी, केमल रेस मैदान तैयार करवाने के लिये ९३ लाख ७६ हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रति वर्ष माघ शुक्ला त्रायोदशी से पूर्णिमा तक की अवधि में आयोजनीय मरु मेले में आज पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसी प्रकार यहां के लोक कलाकारों ने थार संगीत की मिठास से देश-विदेश में दर्शकों को भाव विभोर सा कर दिया है। जिला वासियों के लिये पर्यटन आजीविका का प्रमुख स्त्राौत बनता जा रहा है तथा कृषि एवं पशुपालन के बाद पर्यटन जिलावासियों का मुख्य व्यवसाय बनता जा रहा है।




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