Monday, 23 September 2019
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये उपयुक्त पुस्तकों का चुनाव जरूरी


 विभिन्न भर्ती मण्डलों तथा आयोगों द्वारा ली जाने वाली लिखित परीक्षाओं में सफलता पाना ही काफी कठिन कार्य है। इन परीक्षाअेा को पास करने के लिये सही व प्रामाणिक जानकारियां होनी नितान्त जरूरी है। ये जानकारियां पत्र-पत्रिकाओं तथा अच्छी व प्रमाणिक पुस्तकों के माध्यम से ही मिल सकती है। बेरोजगारों की बढ़ती भीड़ तथा लिखित परीक्षाओं में बैठने वाले प्रार्थियों की बढ़ती  संख्या ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने वाली पत्र-पत्रिकाओं तथा पुस्तकों के प्रकाशन के व्यवसाय को बहुततेजी से बढ़ाया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये उपयोगी होने का दावा करने वाली सैकड़ों पत्रिकाएं तथा हजारों गाइडें व पुस्तकें आज बाजार में उपलब्ध है तथा ये निरन्तर धडल्ले से बिक रही है। इन प्रकशनों की भीड़ से प्रायः यह देखने वाला कोई नहीं कि इन पत्रिकाओं तथा गाइडों में दी गई सामग्री सही व प्रामाणिक है या नहीं ? यदि बेरोजगारों हेतु प्रकाशित इन प्रकाशनों पर दृष्टि डालें तो हम पाएंगे कि इनमें से अधिकांश प्रकाशन घटिया स्तर के है। इनमें प्रकाशित सामग्री सही व प्रामाणिक नहीं है। जगह-जगह प्रूफ की गलतियां है, आंकड़ों व तथ्यों को तोड़-मरो़ड़कर प्रस्तुत किया गया है। इन प्रकाशनों से प्राप्त अधकचरे ज्ञान से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की आशा करना बेमानी सा ही लगता है। जहां योग्यता सूची में एक-एक अंक महत्वपूर्ण होता है वहां इन प्रकाशनों की सामग्री के आधार पर दिए गए उत्तर प्रार्थी को काफी पीछे छोड़ देते है। प्रार्थी समझ ही नहीं पाता कि उसकी जानकारी के अनुसार तथा प्रकाशनों में दी गई जानकारी के अनुसार सही उत्तर देने के पश्चातृ भी वे लिखित परीक्षा में सफलता क्यों नहीं प्राप्त कर सके।
वास्तव में प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिये श्रेष्ठ पुस्तकों व पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन जरूरी होता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में प्रामाणिक सामग्री का विशेष महत्व होता है। प्रमाणिक सामग्री रेडियो, दूरदर्शन द्वारा प्रसारित समाचारों व कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रकाशनों तथा अच्छी पुस्तको के माध्यम से ही हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षा में प्रविष्ट होने वाले प्रार्थी को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उसे किस विषय की सामग्री की आवश्यकता है। विषय की जानकारी के पश्चात् उस विषय की अच्छी पत्रि-पत्रिकाओं तथा सरकारी प्रकाशनों की जानकारी प्राप्त करके उन्हें मंगवा कर संबंधित तथ्यों की जानकारी नोट करनी चाहिए। उदाहरण के लिये यदि प्रार्थी को देश की अर्थव्यवस्था के विविध आयामों की जानकारी चाहिए कि सरकार द्वारा प्रतिवर्ष की जाने वाली आर्थिक समीक्षा एक उपयुक्त तथा प्रमाणिक माध्यम है। इसमें दी गई सूचनाएं सरकारी स्रोतों पर आधारित होने के कारण प्रामाणिक मानी जाती है। इसी प्रकार योजना, कुरूक्षेत्र, उद्योग व्यापार पत्रिका जैसी पत्रिकाएं भी अर्थव्यवस्था के विभ्न्नि आयामों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम हो सकती है।
सरकार के साथ-साथ शिक्षा मण्डल, पाठ्यपुस्तक, एन.सी.आर.टी. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, विभिन्न शोध संस्थाएं अपनी-अपनी पत्रिकाएं, पुस्तकें तथा अन्य प्रकाशन प्रकाशित करती रहती है। इनमें दी गई सूचनाएं तथा जानकारियां प्रामाणित होती है जो प्रतियोगी परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में सहायक होती है। कई निजी प्रकाशक भी अच्छी व वित्तीय पुस्तकों व पत्रिकाओं का प्रकाशन करते है। उनकी सहायता लेकर भी प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते है। कई भ्र्ती मण्डल भी आदर्श प्रश्न पत्र, पुराने प्रश्न पत्र, माॅडल उत्तर आदि प्रकाशित करते हैं उनका अध्ययन करना प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की दृष्टि से सहायक होता है।
आप जिस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उसके लिये उपयेागी पुस्तकों की आॅन लाईन सर्च करें। आजकल बहुत ही सी आॅन लाईन शाॅपिंग वेबसाईट प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये उपयोगी पुस्तकों, गाइडों, नोटस, वर्क बुक्स आदि का विक्रय करती है। कई वेबसाईटें आॅन लाईन टैस्ट सीरिज भी उपलब्ध कराती है। माॅक टेस्ट भी लती है। इन सभी की सहायता लेना प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की दृष्टि से उपयोगी रहता है।
                                                                                                                       - डाॅ. अजय जोशी