ये किसने सजोये रखे है मुक्ताकण ! आसमां से उतरी थी जल बूंदे तो थी जल कण, धरा पर आकर मिला सहारा तो बन गई मुक्ताकण, डुंगरपुर में गत दिनों कि रिमझिम के बाद आसमां से उतरे जल कणों को जब पेड - पौघो की पतियों को आश्रय मिला तो इन्होंने मुक्ताकणो का रूप प्राप्त कर लिया! एक पोधे की पत्तियों पर थमी जलबूदों का एक नजारा!
फोटो - कमलेश शर्मा.......
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