KhbarExpresswww.khabarexpress.com

Post Your Trade Lead free at leading online business place - rajb2b.com

Welcome Guest Sign In New user! Sign Up Now
Search Photo  
RSS Sunday, February 12, 2012




Politics

हाजी मकसूद अहमद के नाम खुला पत्र

सम्मानीय हाजी मकसूद जी, सादर प्रणाम  आपको राजस्थान सरकार ने बीकानेर नगर विकास न्यास का अध्यक्ष नियुक्त किया है, इस हेतु मैं आपको हार्दिक बधाई देता ह। इस सरकार के गठन के बाद बीकानेर के लोगों को काफी इंतजार था कि कौन इस पद पर बैठेगा। मकसूद जी अब चूंकि आपकी नियुक्ति इस पद पर हो चुकी है अतः वह इंतजार तो अब समाप्त...

नहीं रहे बाबोसा

राजस्थान की राजनीति के लौह स्तम्भ माने जाने वाले और भारतीय राजनीतिक पटल पर अपना विशिष्ट स्थान रखने वाले बडे राजनैतिक व्यक्तित्व के धनी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत के पूर्व उप राष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत का आज निधन हो गया। पूरी जनता के बीच में बाबोसा के नाम से पहचाने जाने वाले भैरोंसिह शेखावत परम्परागत राजनीति की अंतिम कडी थे। वर्तमान में राजनीति में ऐसे लोगों का अभाव है जो पक्ष विपक्ष की राजनीति को व्यक्तिगत संबंधों पर हावी होने नहीं देते, शेखावत इसी तरह की राजनीति...

क्या है चौथे मोर्चे का मकसद!

आखिरकार यूपीए बिखर ही गया और मोर्चे बनने के दौर में एक और मोर्चा बन ही गया। उ.प्र. में कांग्रेस से हनीमून खत्म होने के बाद मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी, लालू प्रसाद प्रसाद यादव के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनता दल और रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली लोकजनशक्ति पार्टी ने एक मंच पर आकर यूपीए से इतर अपना मोर्चा बनाने की घोषणा की है। यूं तो चुनावी मौसम में रोज ही मोर्चे बन बिगड रहे हैं लेकिन उ.प्र. बिहार की क्रान्तिधर्मी धरती पर इस मोर्चे का अपना अलग ही महत्व है। हालांकि इस...

क्या कल्याण को माफी जायज है?

भदोही उपचुनाव में बसपा के खाते से सीट झटककर समाजवादी पार्टी गदगद है और उसके बडे नेता अब फतवा जारी कर रहे हैं कि प्रदेश की जनता बसपा से छुटकारे के लिए सपा को वोट करेगी और कल्याण सिंह से दोस्ती का मुसलमान वोट पर कोई असर नहीं पडा है।  एकबारगी तो लगता है कि सपा का सोचना सही है। लेकिन इतिहास बताता है कि राजनीति के सवाल उतने सीधे होते नहीं जितने दिखाई देते हैं। अगर भदोही का उपचुनाव बैरोमीटर है तो बलिया संसदीय उपचुनाव बैरोमीटर साबित क्यों नहीं हुआ? बलिया चुनाव के बाद प्रदेश...

डा. कल्ला के नाम और काम मिलेगी बीकानेर को सौगात

बी जी बिस्सा बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में चुनाव अब अपनी रंगत पर आ गया है। चुनाव के पहले दौर मे कॉग्रेस प्रत्याशि डा बीडी कल्ला जहां सघन जनसम्प र्क के दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधा सम्प र्क साध रहे थे वहीं अब बदली हुई रंगत में वे मौहल्ला स्तर पर नुक्कड सभाएं आयोजित कर अपने लिए समर्थन जुटाते हुए दिखई दे रहे है। Dr BD Kalla - Former Rajasthan PCC Chief and Congress Candidate...</div><br><div class='normtxtb'><p class='heading2'><a href='/Obama-and-Mayawati-a-Comparison-in-Contrast.-article_474.html'>Obama and Mayawati: a Comparison in Contrast</a></p>It will be apt to mention in the beginning that a comparison between Obama and Mayawati (Dalit woman Chief Minister of UP state in India) is not very appropriate because there is a world of difference between their personalities and deeds. But some over enthusiastic followers of Mayawati have started comparing them and are spreading the dictum that "if Obama can do it why cannot she?" They have started projecting her as the future Prime Minister of India. As such it becomes necessary to make an attempt to make a comparison between Obama and Mayawati.
<font face=

सूरतगढ विधानसभा चूनावी चौसर - एक नजर

- विकास यादव सूरतगढ, एक महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने  की प्रक्रिया एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगी, लेकिन  दोनों प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कि है। टिकट को लेकर दोनों दलों में जहां पशो-पेश की स्थिति दिखाई दे रही है, वहीं टिकटार्थियों ने भी सिर-धड की बाजी लगा दी है। हालांकि अगले दो-तीन दिनों में टिकट को लेकर उपजी संशय की स्थिति समाप्त हो जाएगी पर टिकट के महासंग्राम का विजेता कौन होगा? इसे लेकर हर जुबान पर चर्चा सुनी जा सकती है। राज्य के काफी बडे...

Whither The Light Of Democracy

Deepawali is the festival of lights which is celebrated all over India . It marks the advent of the winter season and signifies peace and prosperity and the victory of truth over evil. This year's Diwali (it falls on 28th October) is a bleak one indeed. As I peer hard through the darkness of hatred and violence, I struggle to find a single ray of bright hope. The atrocities committed by the British Raj on the Indian citizens during its rule in India are now being re enacted by another Raj - the megalomaniac,...

बहुत कठिन है डगर पनघट की

राजस्थान में आने वाले नवम्बर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और भारतीय जनता पार्टी व काँग्रेस सहित प्रमुख दलों ने अपने आप को इन चुनावों की तैयारी में झोंक दिया है। वर्तमान परिस्थितियों पर गौर किया जाए तो यह लगता है कि वर्तमान भाजपा शासित वसुंधरा सरकार ने राजस्थान के विकास को नए आयाम दिए हैं। वसुधरा सरकार पूरी तरह से यह प्रचार प्रसार करने में लगी है कि राजस्थान की जय हो गयी है और...

संकट में भारत का विश्व विख्यात महानगर मुम्बई

मुम्बई भारत की उस महानगरी का नाम है जिसे कि देश की आर्थिक राजधानी के रूप में भी देखा जाता है। भारत के महाराष्ट्र राज्य की यह राजधानी तीन दिशाओं से अरब सागर से घिरी हुई है। इस प्राकृतिक संरचना के कारण मुम्बई में देश का सबसे बडा व आधुनिक बंदरगाह भी मौजूद है। समुद्री मार्ग से आने वाले बडे से बडे जलपोत मुम्बई बंदरगाह पर आयातित माल उतारते...

भाजपा को धत्ता बता व्यापारी अग्रवाल ने बीकानेर न्यास अध्यक्ष पद ग्रहण किया

जब से वसु सरकार बनी है तब से कयास लगाए जा रहे थे कि बीकानेर में नगर सुधार न्यास का अध्यक्ष कौन होगा। समय समय पर इस पद के लिए नेपथ्य से आवाजे आती रही और बीकानेर से करीब छप्पन नेताओं व कार्यकत्ताओं ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी जताई। इन नेताओं ने जयपुर से लेकर दिल्ली तक दौड लगाई और आस भी लगाई कि अध्यक्ष पद मिल जाए लेकिन हुआ वही जो राजनीति में होता है। एक बार फिर आर्थिक ताकतों के सामने जमीन से जुडा कार्यकर्ता धुल चाटता...

महात्मा गाँधी के संसदीय लोकतंत्र सम्बन्धी विचारों की वर्तमान में प्रासंगिकता

यह आम धारणा है कि विश्व में सर्वप्रथम राजतंत्र का जन्म हुआ है और उसका विकसित रूप लोकतंत्र है। किन्तु भारतीय साहित्य और राजनीति में इसके विपरीत प्रमाण मिलते हैं, जिसके अनुसार भारत में सर्वप्रथम लोकतंत्र का जन्म हुआ और राजतंत्र उसका विकृत रूप है। भारत में राजनीतिक विचारधारा देशकाल से प्रभावित होकर पाश्चात्य विचारधारा से बहुत कुछ भिन्न रही है। यद्यपि भारतीय साहित्य में लोकतंत्र में रूचि नहीं रखते थे। वास्तव में उनकी दृष्टि से लोकतंत्र और धर्म मर्यादित राजतंत्र में अधिक अन्तर नहीं था। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में...

घडसाना एक तस्वीर

घडसाना आन्दोलन में जहां किसान पानी की लडाई लड रहा है वहीं राजनैतिक पार्टीयाँ अपने वजूद की लडाई लड रही हैं। पानी में लगी इस आग में हर कोई अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकने में लगा है। ऐसा नही है कि जनता की किसी को कोई चिन्ता नहीं है लेकिन यह अवश्य है कि चिन्ता करने वाले नेता इस बार खुद चिन्ता मे फंसे हैं। मौका है अपने को जनता के ज्यादा करीब दिखाने का क्योंकि जो जनता से जुडा है वहीं तो नेता है। आईये देखते हैं घडसाना आन्दोलन का...

गुटनिरपेक्ष आन्दोलन : पगडंडी का सच

गुटनिरपेक्षता का उद्भव अन्तर राष्ट्रीय समाज की यथार्थताओं से हुआ है। द्वितीय महायुद्ध के पश्चात गुटीय राजनीति से स्वयं को दुर रखने के लिए एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के स्वतन्त्र राज्यों ने गुटनिरपेक्षता की नीति का अनुसरण करना उचित समझा जिसका मुख्य उद्देश्य साम्राज्यवाद, उपनिवेशवाद, शोषण, रंगभेद और जातिभेद को दुर कर विकसित और विकासशील देशों की भिन्नता को दुर करना था। गुटनिरपेक्षता की नीति शक्ति गुटों से अलग रहने और शांतिपुर्ण सहअस्तित्व की स्वतंत्र नीति हैं। जो राष्ट्रों के मध्य सहयोग पर आधारित हैं। प्रतिद्वन्द्विता पर नहीं। यह एक...

राष्ट्रीय राजनीति में क्षेत्रीय दल

लोकतंत्रात्मक पद्धति दलीय व्यवस्था पर आधारित है। इंग्लैड सहित विश्व के कुछ देशों ने जहाँ द्विदलीय लोकतन्त्रात्मक पद्धति को आपनाया हुआ है वहीं भारत जैसे विश्व के सबसे बडे लोकतन्त्रात्मक में बहुदलीय पद्धति है। भारत, पकिस्तान, बंगलादेश, श्रीलंका, नेपाल आदि विश्व के ऐसे बहुत से लोकतन्त्रात्मक देश हैं जहाँ बहुदलीय व्यवस्था है। भारत में राष्ट्रीय दल व क्षेत्रीय दल के रुप में दलों का विभाजन भी किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय जनत पार्टी, जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल जैसे कई राष्ट्रीय दल है तो तृणमूल कांग्रेस, डी एम के,...

सुसुप्तावस्था में है हमारा गणतंत्रा

लोकतन्त्र य गणतन्त्र एक् ऐसी व्यवस्था है। जो वर्तमान में पूरे विश्व पर छाई हुई है। इसी क्रम में भारत विश्व का सबसे बडा लोकतांत्रीक देश है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें 'लोक' या 'गण' ही 'तन्त्र' क निर्माण करता है। वास्तव में तो यह व्यवस्था राजतंत्र या तानाशाही की अपेक्षा एक श्रेष्ठ व्यवस्था सिद्घ् हुई है परन्तु वर्तमान सन्दर्भ में लोकतन्त्र की चरमराई हालत देखकर यह तथ्य सिद्घ करने में मुश्किलें पैदा हो सकती है। वर्तमान लोकतंत्र की हालत यह है 'लोक' भटक गया है तथा 'तंत्र' तार-तार हो...

भंवरी के भंवर में उळजियों राजस्थान
सम्प्रेषण दक्षता व युवा नेतृत्व कौशल पर दो दिवसीय कार्यशाला
श्रमिक वर्ग सरकारी शोषण का शिकार - सिंह
दूरसंचार सलाहकार समिति में सदस्य मनोनीत
Three days International Congress on Canine Practice begains at RAJUVAS
सीबीआई के विरोध में अम्बेडकर सर्किल पर लगाया जाम
जिंदादिल वालीबॉल ट्राफी गुरूमण्डल को
कोचर स्मृति 15वां साहित्य पुरस्कार डॉ. कलानाथ शास्त्री को
सीबीआई के विरोध में उतरा बिश्नोई समाज
सडक दुर्घटना में एक की मौत
सडक दुघर्टना में घायल की मौत
डेयरी कर्मचारियो ने दिया कलेक्ट्रेट पर धरना
पेट से निकाली 25 किलो वजनी गांठ
जुलूस -ए- मुहम्मदी निकाला
पत्थर मंडी में मिलेगें रियायती पर भूखण्ड

All right reserved by Khabarexpress.com
Contact Us | Archives | Sitemap | Can't see Hindi ? | News Ticker
Special Edition: Lakshchandi Mahayagya, Camel Festival 2007, Vartmaan Sahitya, Nagar Ek - Nazaare Anek, Bikaner Udyog Craft Mela
Our Network rajb2b.com | khabarexpress.com | uniqueidea.net | PelagianDictionary.com | hindinotes.com
Developed & Designed by Pelagian Softwares