सदा भवानी दाहिनी गौरी पुत्र गणेश।
पांच देव रक्षा करे ब्रह्मा विष्णु महेश
।। आरती गणेश जी की ।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।। जय०।।
पान चढे फूल चढे और चढे मेवा
लड्डुअन का भोग लगे संत करे सेवा ।। जय०।।
एक दन्त दयावन्त चार भुजाधारी
मस्तक सिन्दूर सोहे मूसे की सवारी
अंधन को अंाख देत कोढिन को काया
बाझन को पुत्र देत निर्धन को माया ।। जय०।।
दीनन की लाज राखो शुभ सूत हमारी
कामना को पूरी करो, जाऊ बलिहारी ।। जय०।।
Discuss this article on KhabarExpress Forum
Comments to this Article hello friend mujhe job ki talaash hain.agar aap ki najar main koi job ho to aap mujhe is nomber per call kare 09460764765, laxman dewasi (20/11/2008 11:45:11) |