Monday, 10 August 2020
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रोजमार्गदर्शन : बहुत जरूरी है रोजगार प्राप्ति हेतु तैयारी


वर्तमान परिवेश छात्रों व अभिभावकों की रोजगार जागरूकता तेजी से बढ़ी है। अब वे सैकण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करते करते ही रोजगार की दिशा में सोचने लगते हैं। वास्तव में रोजगार प्राप्ति हेतु पहले से ही मानस बनाना तथा उसके अनुरूप तैयारी करना बहुत जरूरी है, अन्यथा उन्हें रोजगार प्राप्ति हेतु अनावश्यक रूप से बुत समय, श्रम व धन का व्यय करना पड़ता है इतना सब कुछ करने के बाद भी वांछित रोजगार मिल ही जाये, इसकी कोई गारन्टी नहीं होती। इस दृष्टि से रोजगार प्राप्ति हेतु पूर्व तैयारी बुत जरूरी होती है। यह रोजगार नियोजन का महत्वपूर्ण अंग है।

यदि आपने चिकित्सक, इंजीनियर, सी.ए,, जैसे किसी पेशे को अपनाने का विचार किया है तो उसमंे प्रवेश आदि की तैयारी प्रारंभ करनी चाहिये। अधिकांश पेशेवर पाठ्यक्रमों में सीनियर सैकण्डरी या स्नातक परीक्षा में प्रविष्ट हो रहे प्रार्थी प्रवेश ले सकते हैं। जिस पेशेवर पाठ्यक्रम को अपनाना चाहते हैंे उससे संबंधित संस्थान, विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से प्रवेश संबंधी आवश्यक जानकारी मंगवानी चाहिए।

पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश विभिन्न संस्थाओं से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की योजना का निर्धारण किया जा सकता है। विभिन्न पेोवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये सामानयत तीन प्रकार की प्रक्रियाएं अपनायी जाती है। पहली सीधे प्रवेश, दूसरी प्रवेश परीक्षा तथा तीसरी प्राप्तांकांे के आधार पर।

सीधे प्रवेश:- बहुत सी पेशेवर संस्थाएं जैसे इंजीनियर आॅफ चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट़़स आॅफ इण्डिया, इंस्टीट्यूट आॅफ कम्पनी सक्रेट्रीज आॅफ इण्डिया आदि चार्टड एकाउन्टेट्स या कम्पनी सचिव पाठ्यक्रम करने के इच्छुक प्रार्थियों का पंजीयन कर सीधे ही प्रवेश देती है। सी.ए. तथा सी.एस. की संस्थाओं ने सीनियर सैकण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण प्रार्थियों के लिए फाउंडेशन पाठ्यक्रम प्रारंभ किये हैं। इसमें सीधे ही प्रवेश दिया जाता है। इस पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण होने पर इन्टरमीडियेट परीक्षा में प्रवेश दे दिया जाता है। इन संस्थाओं में स्नातक प्रार्थियों को निर्धारित न्यूनतम प्रतिशत अंक प्राप्त होने तथा कुछ शर्ते पूरी करने पर सीधे ही प्रवेश दे दिया जाता है।

इसमें प्रवेश हेतु संबंधित संस्था का सिलेबस तथा पंजीयन आवेदन पत्र आदि मंगवा कर निर्धारित फीस के साथ आवेदन पत्र भर कर प्रेषित करने पर प्रवेश मिल जाता है।

प्रवेश परीक्षा:- कुछ संस्थाएं तथा विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश नहीं देते ये संस्थाएं प्रवेश हेतु एक प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। उस परीक्षा में वरीयता अंकों तथा निर्धारित स्थानों के अनुसार प्रवेश दिया जाता है। चिकित्सक तथा पशु चिकित्सक बनने हेतु प्री मेडिकल टेस्ट (पी.एम.टी.), इंजीनियर बनने हेतु प्री इंजीनियरिंग टैस्ट, मास्टर आॅफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एम.बी.ए.) करने हेतु मेनेजमैन्ट एन्टरेन्स टैस्ट (नेट) आदि इसी प्रकार की प्रवेश परीक्षाएं है। इन परीक्षाओं हेतु समाचार पत्रों मंे विज्ञापन प्रकाशित होते है संस्थाओं में इनकी सूचना जाती है। जो विद्यार्थी इनमंे सम्मिलित होना चाहता है उसे संबंधित संस्थान से आवेदन पत्र मंगवा कर भरना होता है। प्रत्येक परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम निर्धारित होता है। पाठ़यक्रम तथा परीक्षा प्रणाली के अनुरूप तैयारी करके परीक्षा में प्रवष्टि होना होता है। परीक्षा में न्यूनतम निर्धारित अंक लाने तथा वरीयता में स्थान आने पर संबंधित पाठ्यक्रम में प्रवेश मिल जाता है। इस निर्धारित अवधि के पाठ्यक्रम के पश्चात् संबंधित पेशे की डिग्री प्राप्त होती है।

प्राप्तांकों के आधार पर:- कुछ परीक्षाओं तथा पेशेवर पाठ्यक्रमों में सीनियर सैकण्डरी या स्नातक परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। विभिन्न संस्थाओं की स्नातकोत्तर परीक्षाआंे व पेशेवर पाठ्यक्रमों में सामान्यत मैरिट के आधार पर ही प्रवेश दिया जाता है। यद्यपि प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश का प्रचलन काफी कम है फिर भी कई महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों तथा संस्थाआंे में इसे अपनाया जाता है।

नौकरी हेतु प्रयास:- यदि किसी पेशेवर पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लेकर सीधे ही किसी नौकरी में जाना है तो इस दिशा में प्रयास प्रारंभ कर देने चाहिए। अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित है। आप जिस प्रकार तथा जिस पद की नौकरी चाहते हैं आपको उसके अनुरूप शैक्षणिक योग्यता अर्जित करनी चाहिये। सामान्यतः चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों के लिये मीडिल या सैकण्डरी परीक्षा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होती है। लिपिक तृतीय श्रेणी शिक्षक, ग्राम सेवक, पटवारी आदि के पदों के लिये सीनियर सैकण्डरी परीक्षा न्यूनतम योग्यता निर्धारित होती है। राज्य प्रशासनिक सेवाओं, भारतीय प्रशासनिक सेवाओं, लेखा सेवा, आयकर सेवा, वरिष्ठ अध्यापक लेखाल तथा इसी प्रकार के अलग-अलग सैकड़ों पदों के लिये सामान्यतः न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक परीक्षा हांेती है। स्कूल व्याख्याता, काॅलेज व विश्वविद्यालय शिक्षकों शोर्धकत्र्ताओं, वैज्ञानिकों आदि के पदों के लिए स्नात्तकोतर परीक्षा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में होती है।

आप जिस नौकरी या रोजगार को प्राप्त करना चाहे उसके अनुरूप न्यूनतम शैसक्षणिक योग्यता को प्राप्त करने के लिए आपको प्रवेश लेना चाहिये। अध्ययन करते समय निर्धारित परीक्षा में अच्छे से अच्छे अंक लाने का प्रयास करना चाहिये क्योंकि कई स्थानों पर प्राप्तांकों को बहुत महत्व दिया जाता है। वैसे भी किसी भी प्रतियोगिती परीक्षा या प्रवेश परीक्षा में बैठना हो तभी से कुछ न कुछ न्यूनतम अंक अवश्य ही निर्धारित होते हैं। इन अंकों के अभाव में आप जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं उसके लिये न्यूनतम योग्यत ही नहीं रख पायेंगे।

इच्छित रोजगार क्षेत्र का अध्ययन आप जिस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करना चाहते है उसके बारे में विभिन्न स्त्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। उन व्यक्तियों से सम्पर्क करें जो पहले से ही उस क्षेत्र में है। उनकी योग्यता, क्षमता तथा कार्यपणाली का अध्ययन करें। उनसे उन सभी बातों की जानकारी प्राप्त करें जो इस क्षेत्र में रोजगार दिलाने मंे सहायक हो। इससे आपकी उस रोजगार में रूचि बढ़ेगी। आप इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उस क्षेत्र की विशेषताओं तथा रूचियों की आपको जानकारी प्राप्त होगी। इसका एक लाभ यह भी होगा कि आप यह भी निर्धारित कर सकेंगे कि आप जिस पद के लिये प्रयास कर रहे हैं, उसके अनुरूप है या नहीं ? क्या वह पद तथा कार्य वातावरण आपको अच्छा लगेगा ? कहीं आप स्वयं को इसके अनुपयुक्त तो नहीं पा रहे है ? यह अध्ययन आपको अपनी भावी रोजगार दिशा के निण्रय की समीक्षा करने में काफी सहायक होगा।

ये सभी बातें अपनी रोजगार तैयारी की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यदि आप इन बातों की तरफ ध्यान देकर रोजगार प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होते हैं तो भविष्य में आपको अधिक कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

                                                                                                                   डाॅ. अजय जोशी