एक कट्टर धार्मिक संस्था ने गांधीजी को मोटी रकम दान में देनी चाही। लेकिन शर्त यह रखी कि वह यह रकम हरिजन व मुसिलमो के लिये खर्च नही करेगे।
गांधीजी बोले, भई यह राशि मै नही ले सकता क्योकि मै तो खर्च ही इन वर्गो के लिए करता हूं। इस राशि के लिए आप किसी अन्य गांधी की तलाश करे। |