श्रमदाताओं व विद्यार्थियों की मदद से इस मैदान को अपने मूल रूप में लाने के लिए दिनभर मशक्कत की और शाम को ही इसे अपना मूल स्वरूप प्रदान करवाया। प्रथम तस्वीर में प्रातः १० बजे की स्थिति और द्वितीय तस्वीर में सायं छः बजे की स्थिति दिखाई दे रही है।
फोटोः कमलेश शर्मा..........
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