सामाजिक कल्याण एवं बाल विकास मुत्रालय की पहल पर घोषणा की गई कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों से काम करवाने पर दुकान का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा, वहीं आर्थिक दंड के अलावा जेल की हवा भी खानी पड सकती है। पूरे राज्य में मुहिम चल रही थी। आज अधिकारियों के दल ने शहर के इंदिरा मार्केट पर धावा बोला। सारे सेठ- दुकानदार गिडगिडा रहे थे- ’साहब! गलती हो गई, अब कम उम्र के लडको को नौकरी पर कभी नहीं रखेंगे। गलती हो गई साहब! ’बाबू सबका नाम-पता नोट करते जा रहे थे। तभी बडे साहब की नजर एक बडी दुकान पर पडी जहां एक 12-13 साल की उम्र का लडका चाय बना रहा था। साहब ने पूछा- ’ए लडके, तेरी उम्र क्या है?‘ 15 साल! लडके ने तपाक से कहा। ’तू 15 साल का है?‘ बडे साहब ने उसे डपटा। लडके ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा-’जी, साब! 15 साल का ही हूं।‘ दुकान मालिक हाथ जोडकर खडा हो गया। ’चलो, आगे बढो‘, बडे साहब ने अमले से कहा।
जब अमला आगे बढ गया, तो दुकान मालिन ने लडके को हाथ पकडकर अपनी ओर खींचा- ’शाबाश! बेटे, क्या भरोसे के साथ झूठ बोला, तू तो कमाल का चतुर निकला।‘ 50 रूपए लडके के हाथ पर रखते हुए दुकानदार ने कहा-जा, आज तेरी छुट्टी, ऐश कर।‘ |