सम्पादकीय
बांसवाडा समाचार बीकानेर समाचार डूंगरपुर समाचार हनुमानगढ समाचार अर्न्तराष्ट्रीय समाचार जयपुर समाचार मेड़ता समाचार मुम्बई समाचार राष्ट्रीय समाचार प्रादेशिक समाचार श्रीगंगानगर समाचार सूरतगढ समाचार फोटो दीर्घा
संग्रहण (new)
-------------------------- पुस्तक समीक्षा वर्तमान मुद्दे आर्थिक सम्पादकीय शिक्षा परीक्षा परिणाम प्रदर्शनी खाना खजाना हिन्दुओ के व्रत व त्यौहार इतिहास त्चरित टिप्पणी प्रेरक प्रसंग बातचीत पत्रकारिता व्यक्तित्व दर्शन राजनीति धार्मिक स्मरणांजलि लघु कथाऐं खेलकूद पर्यटन आने वाली फिल्म -------------------------- वर्तमान साहित्य --------------------------
मतदान कार्टून फोरम ई पत्र एस म एस वॉलपेपर स्क्रीनसेवर -------------------------- वर्घीकृत विज्ञापन Advertising With Us Online Advertising व्यापार निर्देशिका Rajasthan Webs Softwares Hosting Package Web Design |
Vartmaan Sahitya :: March, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner |
डॉ. हरिकृष्ण देवसरे के कृतित्व पर विमर्श-गोष्ठी
ओमप्रकाश कश्यप
Add
comment
Mail
this Story
Write
to Editor
|
१६ दिसंबर २००६ को पूर्व सांस्कृतिक केन्द्र, दिल्ली में नवगठित ’बालसाहित्यविमर्श‘ द्वारा पूर्व सांस्कृतिक केन्द्र लिटरेरी क्लब के सहयोग से हिन्दी के प्रख्यात बालसाहित्यकार डॉ. हरिकृष्ण देवसरे के कृतित्व पर केन्दि्रत एक विमर्श-गोष्ठी का आयोजन किया गया। सबसे पहले डॉ. देवसरे की पत्नी और चर्चित बालसाहित्यकार विभा देवसरे ने उनके व्यक्तित्व पर संक्षेप में प्रकाश डाला और कहा कि वे एक वैज्ञानिक बालसाहित्यकार ह। हिन्दी के सुपरिचित लेखक और बालसाहित्यकार राजेश जैन ने कहा, ’’अगर हम कहें कि राजा-रानियों, भूत-प्रेतों, परी, चुडैलों आदि की परंपरागत बेडयों से हिन्दी के बालसाहित्य को मुक्त कराने के लिए देवसरेजी ने स्वतंत्राता सेनानी जैसी भूमिका निभाई है तो अतिरंजना नहीं होगी।‘‘ डॉ. देवसरे की संपादन कला पर केन्दि्रत अपने आलेख में चर्चित बालसाहित्यकार रत्नप्रकाश शील ने उनकी आलोचना-दृष्टि और संपादकीय बारीकियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रतिष्ठित बालसाहित्यकार दामोदर अग्रवाल द्वारा लिखित आलेख शंभुनाथ तिवारी द्वारा विशेष रूप से पढा गया, जिसमें उनका मानना है कि डॉ. देवसरे बालसाहित्य के निर्माता तथा अद्वितीय समीक्षक हैं और वे बालसाहित्य को हर अर्थ में प्रासंगिक बनाने के अपने संकल्प में हर तरह से समर्पित हैं। युवा बालसाहित्यकार श्याम सुशील ने उनके द्वारा लिखित विज्ञानपरक बालसाहित्य को संदर्भित करते हुए यह रेखांकित किया कि उनके संपूर्ण लेखन के केन्द्र में विज्ञान और वैज्ञानिकता ही है। चर्चित बालसाहित्यकार और आलोचक डॉ. सुरेन्द्र विक्रम ने डॉ. देवसरे के नाट्यालोचन पर केन्दि्रत अपने आलेख में बताया कि उनका मानना रहा है कि नाटक बच्चों की झिझक ही नहीं मिटाते, बल्कि अनुशासन भी सिखाते हैं। गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि डॉ. हरदयाल ने डॉ. देवसरे के कृतित्व को महत्वपूर्ण और मानक बताते हुए इस बात पर चिन्ता जाहिर की कि वर्तमान समय में बाल-साहित्य के नाम पर छापा जानेवाला अधिकांश साहित्य बाल-मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर नहीं लिखा जा रहा और इसलिए वह बच्चों के अनुकूल नहीं हैं। इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा में राष्ट्रीय बालभवन की पूर्व निदेशक मधु पंत, नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक मानस रंजन महापात्रा, बाल-पत्रिाका नई पौध के संपादक रामकुमार कृषक, बाल-साहित्य लेखिका शकुंतला कालरा और युवा समीक्षक रघुवीर शर्मा ने अपनी टिप्पणियों के माध्यम से बालसाहित्य की रचना और विमर्श से जुडे अनेक महत्वपूर्ण सवाल उठाए। डॉ. हरिकृष्ण देवसरे ने परिचर्चा के दौरान उठाए गए सवालों के जवाब देते हुए बालसाहित्य संबंधी अपनी अवधारणा और रचना-प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों को आज के जीवन, समाज, संस्कृति, राजनीति, अपराध आदि से अनभिज्ञ नहीं समझा जाना चाहिए और हमारे बालसाहित्यकारों को बंदर-भालू के खेल से बाहर निकलकर वर्तमान समय-समाज की कडवी सच्चाइयों के समाधान बतानेवाली रचनाएँ देकर बालपाठकों से रू-ब-रू होना होगा, आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए बच्चों को दिशा देनी होगी-उपदेश से नहीं, उनके अपने जीवन और घटनाचक्रों के माध्यम से। सभाध्यक्ष बालस्वरूप राही ने विमर्श-गोष्ठी को अनूठा और हर दृष्टि से सार्थक बताते हुए कहा कि बालसाहित्य में सीख और पारंपरिक विश्वासों को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता, मनोरंजन और विज्ञान का इनसे समुचित सामंजस्य करते हुए ही बालसाहित्य की रचना की जानी चाहिए। आगत अतिथियों का औपचारिक धन्यवाद-ज्ञापन सुपरिचित बालसाहित्यकार राकेश चक्र ने किया तथा संचालन देवेन्द्र कुमार देवेश ने किया।
Discuss this topic on KhabarExpress Forum
|
|
June, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | May, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | April, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | March, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | February, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | January, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | October, 2006 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | |
|