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RSS Wednesday, February 15, 2012



Vartmaan Sahitya ::March, 2007
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देशज पत्रिाका का लोकार्पण ओमप्रकाश मिश्र
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गोविन्द वल्लभ पंत समाज विज्ञान संस्थान इलाहाबाद एवं देशज पत्रिाका के सहयोग से आयोजित बिदेशिया अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला नागरी प्रचारिणी सभागार आरा, बिहार में गत दिनों १७-१८ जनवरी को संपन्न हुई। इस अवसर पर देशज पत्रिाका का लोकार्पण मुख्य अतिथि सूरीनामी कवि जीतनारायण द्वारा किया गया। देशज के संपादक एंव कवि अरूण शीतांश ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि यह पत्रिाका उपसंपादक ओमप्रकाश मिश्र एवं प्रबंध संपादक पूनम कुमारी के सहयोग के साथ-साथ देश के तमाम रचनाकारों के सहयोग से प्रकाशित हुई। सूरीनाम के वरिष्ठ कवि जीतनारायण ने लोकार्पण करते हुए कहा कि आरा आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि यहाँ का माहौल सूरीनाम के माहौल से मिलता जुलता है। ऐसे में देशज पत्रिाका का लोकार्पण करते हुए मैं अत्यंत भावुक होता जा रहा हूँ। ’देशज‘ पत्रिाका ग्लोबल होते समाज में अपनी पहचान कायम कर लेगी। कवि एवं इतिहासकार बद्री नारायण ने कहा कि इस पत्रिाका को देखकर हर्ष होता है। देशज वास्तव में देश के रचनाकारों को एक साथ लेकर चलने वाली हैं। उन्होंने संपादकीय टीम को शुभकामना देते हुए कहा कि आरा जैसी छोटी जगह से ऐसी पत्रिाका निकालना जीवट का कार्य है। कवयित्राी चित्राा गजाधीन ने कहा इ पत्रिाका हमनी का बहुत अच्छा लागत है। देशज में फेमस राइटर की कविताएँ हैं। अध्यक्षीय भाषण में वरिष्ठ आलोचक रामनिहाल गुंजन ने कहा कि आरा साहित्य का प्रमुख केन्द्र रहा है। देशज की पक्षधरता एवं प्रस्तुति उन्हीं पत्रिाकाओं की अगली कडी है। समीक्षक डॉ. रवीन्द्रनाथ राय ने कहा कि आज लघु पत्रिाका निकालना अत्यंत मुश्किल कार्य है। उन्होंने कहा कि देशज छोटे शहर से निकलते हुए राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों को साथ लेकर चलती है, यह संपादक की दूरदृष्टि का परिणाम है। साहित्यकार डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि पत्रिाका के प्रवेशांक को देखते हुए आशा बंधती है कि यह आने वाले समय में अपनी पहचान बनायेगी। फास्ट ट्रैक में जज एवं कवि दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि पूत के पाँव पालने में ही दिखाई पडने लगते हैं। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए डॉ. मीरा श्रीवास्तव ने कहा कि यह आयोजन देश के चर्चित आयोजनों में से एक है। उन्होंने हालैण्ड, सूरीनाम एवं स्थानीय साहित्यकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि देशज हर घर में रोशनी पैदा करेगी। कार्यक्रम में रामाज्ञा राम की टीम द्वारा विदेशिया नाटक की प्रस्तुति की गई।



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