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सतना। प्रगतिशील लेखक संघ, हिन्दी साहित्य सम्मेलन, इप्टा नाट्य मंच तथा पाठक मंच के संयुक्त तत्त्वावधान में सुप्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर के निधन पर शोक सभा आयोजित कर उन्हें शोक श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर एक शोक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गयाः ’’कमलेश्वर भाषा के दोआबे में अल्हड दरिया थे। वे हिन्दी कथा-साहित्य में नई कहानी के एक सूत्राधार थे और हिन्दी पत्राकारिता के सिरमौर भी। फिल्मी पटकथा लेखन में वे जैसे हुनरमंद थे, पत्राकारिता और पत्राों के संपादन में भी उतने ही दक्ष। उनके हिस्से में हिन्दी भाषी जनता का अपार प्यार था तो कंधों पर प्रादेशिक, देशिक पुरस्कारों के झिलमिल सितारे भी। वे हिन्दी साहित्य में एक ब्रांड बन चुके थे। वे हिन्दी के उन भाग्यशाली लेखकों में अव्वल थे जिनके पास बाजार एवं सत्ता का ग्लैमर था। जिसे उन्होंने तिकडम से नहीं, अपनी कलम की धार से जीता था। उनका जाना हिन्दी कथा-साहित्य की बहुत सी संभावनाओं का गुजर जाना है। जार्ज पंचम की नाक, मांस का दरिया, राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी (सभी कहानी संग्रह) कितने पाकिस्तान, एक सडक सत्तावन गलियां, काली आंधी, आगामी अतीत (सभी उपन्यास) नई कहानी की भूमिका (आलोचना) के साथ उन्होंने सैकडों यात्राा वृत्तांत, डायरी और लेख लिखे। उन्होंने नई कहानियां, सारिका, कथा, यात्राा आदि दर्जन भर पत्रिाकाओं का संपादन किया। दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर (राजस्थान संस्करण) के संपादन से भी जुडे रहे। ’आँधी‘ जैसी फिल्म की पटकथा और चंद्रकांता संतति सीरियल की पटकथा का लेखन किया। वे २००३ में साहित्य अकादमी पुरस्कार, शलाका सम्मान, भारत भारती पुरस्कार, बिहार राष्ट्रभाषा के शिखर सम्मान से सम्मानित हुए। हम सभी उपस्थित साहित्य प्रेमी उनके निधन पर साहित्य में उनके योगदान का स्मरण करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हैं। भाषा और विषय के नए तेवर के साथ साहित्य में पत्राकारिता के सुन्दर समन्वय के लिए वे सदा याद किए जाते रहेंगे। ’कितने पाकिस्तान‘ जैसे महाकाव्यात्मक कृति जिसकी मिसाल है। उनके अवसान पर हम उनकी कलम के साथ उनकी जिद और जिजीविषा को भी नमन करते हैं जो धर्मनिरपेक्षता और प्रगतिशील मूल्यों के लिए आम आदमी के संघर्ष को हौसला देती रहेगी।‘‘ डॉ. आर.ए.आर. तिवारी, रामनारायण सिंह राना, प्रहलाद अग्रवाल, शशिधर मिश्र, सुनील विश्वकर्मा, चिन्तामणि मिश्र,संतोष खरे, विनोद पयासी, डॉ. अजय तिवारी, सुरेश दहिया, गोरखनाथ अग्रवाल, विष्णुस्वरूप श्रीवास्तव, भरत कुमार जैन, छोटेलाल पाण्डेय, अरुण भारतीय, देवीशरण ग्रामीण, उमेश साहनी, रामभरोसे वैष्णव।
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