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Vartmaan Sahitya ::May, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner नैतिकता, मानवाधिकार और शिक्षा बीना सिद्धेश्वर
फतुहा (पटना) फतुहा की साहित्यिक संस्था जन साहित्य परिशद के तत्त्वावधान में आदिलपुर स्थित बाल कल्याण सहयोगी कॉन्वेंट के प्रांगण में विचार गोश्ठी एवं कवि गोश्ठी का आयोजन किया गया।
समारोह का उद्घाटन लब्ध प्रतिश्ठित कवि कथाकार श्री सिद्धेष्वर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। ’अवसर‘ के संपादक- प्रकाषक श्री सिद्धेष्वर ने ’नैतिकता, मानवाधिकार और आज की षिक्षा‘‘ विशयक संगोश्ठी में अपने उद्घाटन भाशण में कहा कि आज की षिक्षा में नैतिकता और मानवाधिकार के प्रति छात्रों को सजग किया जाना आवष्यक है। उन्होंने गांधीजी के विचारों से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए कहा कि षिक्षा का मतलब सिर्फ साक्षर होना नहीं होता। हमें अपने नैतिक मूल्यों के प्रति भी जागरूक होने की आवष्यकता है। समारोह की अध्यक्षता चर्चित लघुकथाकार श्री रामयतन यादव ने की। उन्होंने कहा कि आज हम जिस समाज में जी रहे हैं उसमें मानवाधिकार के प्रति छात्रों में प्रारम्भ से ही ज्ञान होना चाहिए।
इस संगोश्ठी एवं कवि गोश्ठी में हिस्सा लेने वालों में प्रमुख थे सर्व श्री कैलाष चौधरी, राजकुमार, सुधीर कुमार सिंह, संजय कुमार चौधरी, अमरेन्द्र, ए. के. सुमन, राणा राजेन्द्र आदि।
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