सम्पादकीय
बांसवाडा समाचार बीकानेर समाचार डूंगरपुर समाचार हनुमानगढ समाचार अर्न्तराष्ट्रीय समाचार जयपुर समाचार मेड़ता समाचार मुम्बई समाचार राष्ट्रीय समाचार प्रादेशिक समाचार श्रीगंगानगर समाचार सूरतगढ समाचार फोटो दीर्घा
संग्रहण (new)
-------------------------- पुस्तक समीक्षा वर्तमान मुद्दे आर्थिक सम्पादकीय शिक्षा परीक्षा परिणाम प्रदर्शनी खाना खजाना हिन्दुओ के व्रत व त्यौहार इतिहास त्चरित टिप्पणी प्रेरक प्रसंग बातचीत पत्रकारिता व्यक्तित्व दर्शन राजनीति धार्मिक स्मरणांजलि लघु कथाऐं खेलकूद पर्यटन आने वाली फिल्म -------------------------- वर्तमान साहित्य --------------------------
मतदान कार्टून फोरम ई पत्र एस म एस वॉलपेपर स्क्रीनसेवर -------------------------- वर्घीकृत विज्ञापन Advertising With Us Online Advertising व्यापार निर्देशिका Rajasthan Webs Softwares Hosting Package Web Design |
Vartmaan Sahitya :: June, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner |
अभी समय है पर चर्चा डॉ. पंकज अनेजा
Add
comment
Mail
this Story
Write
to Editor
|
भारतीय साहित्य परिषद (रजि.) की ओर से डॉ. बलवेन्द्र के काव्य संग्रह ’अभी समय है‘ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा का आरम्भ डॉ. अशोक कुमार, डॉ. हरीन्द्र नेगी, डॉ. मनोज कुमार, अमित शर्मा और अरविन्द द्विवेदी द्वारा अध्यक्ष, मुख्य अतिथि और विशेष आमंत्रण पर पधारे आलोचकों को पुष्पगुच्छ भेंट करके किया गया। इसके पश्चात् कवि द्वारा रचना-पाठ किया गया।
पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ के गांधी भवन में सम्पन्न हुई इस संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. जयप्रकाश शर्मा जी द्वारा की गई। काव्य संग्रह की रचनाओं के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि ये कविताएं मूल रूप से गहरी प्रतिबद्धता से उपजी हुई हैं इनके रचनाकार के यहां अनुभव की प्रामाणिकता को उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डी.ए.वी. कॉलेज, जालन्धर के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. रामावतार शर्मा ने इस मौके पर रचनाकार को ’संभावनाशील रचनाकार‘ बताया। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि इस संग्रह का कवि अपने समय को पूरी जम्मेदारी के साथ वाणी प्रदान कर रहा है।
संगोष्ठी में अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए डॉ. योजना रावत ने कहा कि बलवेन्द्र की कविताओं में व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष का आह्वान, समाज में निरन्तर बढ रही असमानता व संघर्ष तथा बाजारवाद के खिलाफ विरोध प्रकट हुआ है। कवि अपने आसपास की दुनिया के बारे में जितना सचेत है, उतना ही आत्मसजग भी।
आर्य कॉलेज लुधियाना के पो. ग्रे. पंजाबी विभाग के अध्यापक प्रो. सुरेन्द्र खन्ना ने अपना पत्र पढते हुए कहा कि बलवेन्द्र का व्यक्तित्व व बलवेन्द्र का कवि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। इस रूप में कवि ने पूरी ईमानदारी के साथ रचनाकर्म किया है। प्रो. खन्ना की दृष्टि में ’अभी समय है‘ का रचनाकार ऑप्टीमिस्टिक है।
अपने विचारोत्तेजक तेवरों के लिए विख्यात गवर्नमेंट कॉलेज, लुधियाना से पधारे डॉ. राकेश कुमार ने अपने पत्र द्वारा ’अभी समय है‘ की रचनाओं का महीन विश्लेषण व मूल्यांकन प्रस्तुत किया। उनके अनुसार पंजाब में रहते हुए बलवेन्द्र भूषण सिंह का कवि जो रचनाएं दे रहा है, वे आज के वरिष्ठ हिन्दी कवियों की श्रेणी की रचनाएं ही हैं।
पुस्तक चर्चा में ए.एस. कॉलेज, खन्ना से आए वरिष्ठ प्राध्यापक एवं साहित्यकार डॉ. राजेन्द्र टोकी के अनुसार बलवेन्द्र भूषण सिंह की कविता ’सधी हुई कविताएँ‘ हैं। उसका रचनाकार जब बौद्धिक विमर्श को ऊर्जा दे रहा होता है, तो उसकी भाषा उसी के अनुरूप होती है। जब उसका कवि गहन संवेदना से अभिभूत होता है, तो कविताएं सहज-संवेदनापरक होती जाती*है।
पुस्तक-परिचर्चा में अपनी टिप्पणी देते हुए डॉ. हरेन्द्र नेगी का मत रहा कि, बलवेन्द्र भूषण सिंह की कविताएं बहस की कविताएं हैं। वे बहस को लाजिमी मानते हैं, लेकिन वह वाजिब सवालों को लेकर हो।
परिचर्चा में डॉ. सुभाष रस्तोगी ने कहा कि बलवेन्द्र भूषण सिंह की कविताओं में आंचलिकता सुरक्षित है। इस कवि ने भावी पीढी के लिए मूल्यों को सहेज कर रखा है। इस मौके पर डी.ए.वी. कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर राजेन्द्र पराशर तथा पंजाब वि.वि. चण्डीगढ के डॉ. बैजनाथ प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्वकथन के रूप में कवि बलवेन्द्र ने शालीनतापूर्वक नीर-क्षीर विवेकी आलोचकों और ईश्वर-तुल्य पाठकों एवं श्रोताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुहम्मद आरिफ खान ने किया, जबकि धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. पंकज अनेजा द्वारा व्यक्त किया गया।
Discuss this topic on KhabarExpress Forum
|
|
June, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | May, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | April, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | March, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | February, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | January, 2007 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | | October, 2006 Sponsered by : Decor Home, Bikaner | | |
|