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जिला प्रगतिशील संघ, खगडया (बिहार) का प्रथम जिला सम्मेलन जननायक कर्पूरी ठाकुर इंटर विद्यालय के सभागार में दो सत्रों में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन प्रलेस के प्रांतीय अध्यक्ष एवं सुविख्यात विचारक-चिंतक डॉ. ब्रजकुमार पाण्डेय ने किया।
प्रथम सत्र में शहीद भगतसिंह जन्मशताब्दी समारोह में बोलते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि साहित्य का काम मशाल बनकर चलना होता है। उन्होंने भगत सिंह की चेतना पर सविस्तार प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युवा भगतसिंह की शहादत पर जागें, सोचें और विचार करें। परिचर्चा को आगे बढाते हुए प्रशिक्षु डी.एस.पी. श्री मनीष कुमार सिन्हा ने कहा कि साहित्य वह जज्बा होता है, जो जमाने से आगे की सोचता और करता है। भूतपूर्व प्राचार्य श्री बोढन प्र. सिंह ने कहा कि भगत सिंह उस चेतना के आदमी थे, जो सम्पूर्ण समाज को सुखी देखना चाहते थे। पूर्व विधायक एवं विचारक श्री सत्यनारायण सिंह ने कहा कि भगतसिंह आज भी प्रासंगिक हैं। यदि उनका सपना पूरा होता, तो भारत में किसानों और मजदूरों का राज होता। प्रलेस जिलाध्यक्ष श्री विश्वनाथ ने कहा कि भगत सिंह भारत को न केवल आजाद करवाना चाहते थे, वरन् वे आमूलचूल परिवर्तन के हिमायती थे। इस अवसर पर उपाध्यक्ष कमलेन्द्र मोहन पाठक और सचिव राजेन्द्र राजेश ने भगतसिंह के दो महत्त्वपूर्ण पत्रों का पाठ किया।
इसी क्रम में पूर्व विधायक एवं साहित्यकार श्री राजेन्द्र राजन ने प्रलेस जिला इकाई खगडया के अध्यक्ष श्री विश्वनाथ द्वारा संपादित काव्य-संग्रह ’सदी की नोंक पर‘ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. कपिल देव महतो ने कहा कि यह काव्य-संग्रह वर्तमान समय और समाज का चित्र प्रस्तुत करता है।
सम्मेलन के द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता मशहूर शायर श्री छन्दराज ने की। काव्यपाठ करने वाले कवियों में सर्वश्री छन्दराज, नरेन्द्र कुमार सिंह, कपिलेश्वर कपिल, लषण शर्मा, अमरनाथ, सुषमा प्रसाद, रामा मौसम, लक्ष्मीनारायण सिंह, विश्वनाथ, घनश्याम, गणेशराज, मणिभूषण पाण्डेय, आनंद सौमित्र, कमलेन्द्र मोहन पाठक, राजेन्द्र राजेश आदि थे। कार्यक्रम का संचालन श्री विश्वनाथ और धन्यवाद ज्ञापन श्री कमलेन्द्र मोहन पाठक ने किया।
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