यह समय भारतीय रियल एस्टेट सैक्टर की समृद्धी, उन्नति और विकास का समय है। रियल एस्टेट सैक्टर के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट में देशी-विदेशी निवेशक अधिक आकर्षित होंगे। इन संभावनाओं को डायरेक्ट विदेशी निवेश (एफडीआई) बढावा दे रहा है। एफडीआई पॉलिसी में बदलाव के क्षेत्र में भारत सरकार की सकारात्मक पहल ने ही विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है। भारत के प्रमुख षहर विश्वस्तरीय सुलभताओं, बेहतर इंफ्रास्ट्रकर्च, सुविधाओं से परिपूर्ण षहर हैं, जिनके के लिए आने वाले समय में हाय तौबा मचेगी। इस बात पर कोई आश्चर्य भी नहीं होना चाहिए कि बहुत जल्द भारत विश्व का एक ऐसा देश बन जाएगा जहां पर आधुनिक रिटेल, रिजिडेंशियल तथा कमर्शियल जगहों की भरमार होगी। यह एक सफल और उन्नत देश के रूप में उदित होगा।
रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट के परिप्रेक्ष्य से अगर देखा जाए तो हम पाएंगे की मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलोर, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद, पूणे, गुडगांव, चंडीगढ, तथा जयपुर भारत के ऐसे षहर हैं, जो कमर्शियल प्रोपर्टी में इंवेस्ट करने के लिए हॉट स्पॉट माने जाते हैं। बहुत सारे माने हुए डेवलपर्ज जैसे डीएलएफ, हिरानंदानी, रहेजा, वाटिका, पर्ल्स तथा बेस्ट ग्रुप काफी बडी राशि रियल एस्टेट के विकास में लगा रहे ह। भारत अपनी विरासत से अपने बेहतर भविष्य का निर्माण करने की क्षमता रखता है। इस वक्त भारत की जनसंख्या बढ तो रही है लेकिन इसका एक पक्ष यह भी है कि इसकी ५४ प्रतिशत जनसंख्या की उम्र २५ साल से कम है। इन युवाओं में कठोर मेहनत कर बाजार से ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं अर्जित करने तथा ज्यादा मांग को बढावा देने की ताकत है। यह भारत के विकास की दौड के लिए लंबी रेस के घोडे साबित होंगे।
आईटी तथा बीपीओ सैक्टर सिर्फ ऑफिस स्पेस को सजाने-संवारने तथा बेहतरीन जॉब अपॉर्चुनिटिज देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों या गांवों से पलायन करने वालें के लिए यह रिजिडेंश्यिल प्रॉपर्टीज में भी संभावनाओं को बढा रहे हैं। और फिर बढती आमदनी तथा रिटेल और मॉल कल्चर के फैलते चलन ने भी रियल एस्टेट के क्षेत्र को विस्तार दिया है।
बेस्ट ग्रुप के एमडी श्री हरजीत सिंह अरोड का कहना है कि ’भारतीय अर्थव्यवस्था तथा रियल एस्टेट सैक्टर आज के दौर में काफी समृद्ध माना जा रहा है। भारतीय रियल एस्टेट सैक्टर भारतीय व विदेशी निवेशकों को काफी आकर्षित कर रहा है। इस क्षेत्र को देशी तथा विदेशी निवेशक एक रसदार फल मान कर उसमें अधिक से अधिक निवेश करना चाह रहे हैं। यह क्षेत्र निवेश के लिए एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है। वैसे तो रियल एस्टेट की हर क्षेत्र में मांग है लेकिन खासतौर पर कमर्शियल, रेजिडेंशियल, रिटेल, इंडस्ट्रीयल, हॉपिटैलिटी तथा हेल्थ केयर के निर्माण में इसकी मांग काफी है। इस उद्योग में हुए विकास का श्रेय काफी हद तक आईटी सैक्टर को जाता है एक अनुमान के अनुसार ७० फीसदी नई कंस्ट्रक्शन आईटी सैक्टर के लिए हुई है। भारत में प्रॉपर्टी की मांग निरंतर तेजी से ऊपर उठ रही है, इसलिए यह समय भारतीय प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए बेहतर वक्त है।‘
प्रॉपर्टी की खरीदारी और बेचना, दोनों ही सूरतों में हालिया भारतीय रियल एस्टेट एक मुनाफे का आकर्षक बिजनेस है। प्रॉपर्टी मार्केट में इस समय कमर्शियल, रेजिडेंशियल तथा रिटेल सैक्टर में बहुत मांग बढ रही है। लेकिन डिमांड के साथ ही साथ प्रॉपर्टी की कीमतों में भी भरी उछाल आया है। तेजी से बढते रेट के बावजूद भी यह क्षेत्र इंट्रस्ट और डिमांड का क्षेत्र बना हुआ है। जिसमें निवेश करना सब की पहली पसंद है क्योंकि स्टोक मार्केट में या किसी और पॉलिसी में निवेश करने पर उनकी पॉलियों में बदलाव आने की षंका बनी रहती है, जबकि रियल एस्टेट में निवेश हर तरह से फायदे का सौदा है।
देखा जाए तो लो इंट्रस्ट रेट्स, आसानी से मिल जाने वाला होम लोन, आय में बढोतरी तथा बेहतरीन जॉब व एकल परिवारों के बढते प्रचलन ने रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज को काफी बूस्ट किया है। आउटगोइंग के बाद नेट उत्पादन से सालाना ४-६ प्रतिशत तक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी से मिल सकता है। यही कारण है कि रेजिडेंशियल संपत्ति की वैल्यू में इजाफा हुआ है। यानि की निवेशक बहुत कम समय में अपनी लगाई हुई रकम वापस पा सकते हैं। रेजिडेंशियल सैक्टर में पिछले २ वर्षों में २५-४० प्रतिशत तक की कैपिटल वैल्यू में उछाल आया है।
भारत में क्यों किया जाए निवेश
जब से भारत सरकार ने एफडीआई में इजाफा किया है तब से भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी अच्छे बदलाव आए हैं। एफडीआई में आए लचीलेपन ने लगभग १५ बिलियन डालर के फॉरन फंड्स को लाइनअप किया है। इसमें कोई षक नहीं है कि आने वाले दस सालों में रियल एस्टेट में १४ बिलियन से १०२ बिलियन डॉलर तक की वृद्धि होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि यह समय एक आदर्श समय है भारत में निवेश करने का। जबरदस्त रिर्टन और जल्दी मुनाफे का भारतीय रियल एस्टेट सैक्टर भारतीय तथा विदेशी निवेशकों के लिए काफी आकर्षक सैक्टर बन जाएगा।
विदेशी निवेशक आज एक गंभीर खिलाडी के रूप में उभर रहे हैं, वह भारतीय रियल एस्टेट को एक फलदार बिजनेस के तौर पर देख रहे हैं। एफडीआई ने मार्केट में काफी जबरदस्त कॉम्पीटिशन को जन्म है। भारत सरकार द्वारा एफडीआई में दिए गए लचीलेपन ने भारतीयों के सामने जबरदस्त कॉम्पीटिशन की भावना को जगाया है। जिसके अंर्तगत वह अपने उत्पाद को ग्लोबल स्तर का बनाने में लगे हैं, जिसके लिए वह विश्वस्तरीय सुविधाओं और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। फॉरन इंवेस्टर्ज ने भारतीयों के लिए जहां नए अवसरों का ढेर लगाया है वहीं उनमें प्रतिस्पर्धा को जगाया भी है।
एफडीआई से भारत को न सिर्फ धन राशि की आमद का लाभ मिला है, बल्कि इसने भारतीय बिजनेस की एथीक्स, टैक्नोलॉजी, डिजाइन, कंस्ट्रक्शन के ढंग और खासतौर पर उपभोक्ता की मांग को भी बदल दिया है। अब हर चीज में, हर निर्माण में विश्वस्तरीय सुविधाओं और आधुनिक तकनीक को महत्त्व दिया जाता है।
तलतखान - rahicom@gmail.com