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   मजेदार और रसीले चुटकले भाग 2

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मजेदार और रसीले चुटकले भाग 2
Posted: 26/09/2007 16:17:36
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संता और बंता एक होटल में खाना खाने गये। संता ने आर्डर दिया और बैरे ने उन्हें खाना लाकर दिया। जैसे ही बैरे ने बंता को देखा वह आ6चर्य से बोला - अरे बंताजी आप । फिर वह होटल में मौजूद अन्य लोगों से बोला - अरे देखो आज हमारे होटल में बंताजी खाना खाने आये हैं। होटल का मैनेजर भी बंता को देखकर बहुत खु6ा हुआ और उसने बंता से हाथ मिलाया। -तुम तो काफी म6ाहूर हो । संता ने खाना खाते खाते बंता के कान में फुसफुसाया। - मैं दुनिया का सबसे प्रसिद्ध आदमी हूं। बंता ने बताया । - नहीं यार । अब इतने भी मत बनो । ये कुछ लोग तुम्हें जानते हैं इसका मतलब यह नहीं कि तुम दुनिया के सबसे प्रसिद्ध व्यक्ति हो। संता ने कहा । - हां ये सच है। तुम सिर्फ नाम बताओ । ऐसा कौन है जो मुझे नहीं जानता हो। बंता ने जवाब दिया। - अच्छा । मैं दस हजार की शर्त लगाता हूं कि मुख्यमंत्री तुम्हें नहीं जानता होगा । संता ने कहा । - ठीक है चलो । बंता ने कहा और अगले ही दिन वे राजधानी पहुंच गये। वहां पहुंचने पर संता ने देखा कि मुख्यमंत्री ने बंता को देखते ही पहचान लिया और गले लगाया। फिर दो दिन मुख्यमंत्री के घर मेहमाननवाजी करने के बाद वे घर लौट आये। - मैंने कहा था न कि मैं दुनिया का सबसे प्रसिद्ध आदमी हूं। अब तो मानते हो। - नहीं । हिन्दुस्तान का प्रधानमंत्री तुम्हें बिलकुल नहीं जानता होगा । अगर वह जानता हो तो मैं दुगने पैसे दूंगा। अगले ही दिन वे दिल्ली में थे। प्रधानमंत्री बड़ी बेतकल्लुफी से बंता से मिले । बोले - -कहां रहते हो बंता यार । तुम्हें देखे हुये तो जमाना बीत गया। फिर तीन दिनों तक प्रधानमंत्री के साथ गोल्फ खेलकर वे घर लौट आये। संता हैरान था पर हार मानने को तैयार नहीं था। - मैं एक एक लाख रूपये देने को तैयार हूं अगर अमिताभ बच्चन तुम्हें पहचान ले तो। - ठीक है । जैसी तुम्हारी मर्जी । अगले दिन वे मुम्बई में अमिताभ बच्चन के घर पहुंचे। बंता ने संता से बाहर लॉन में खड़े रहने को कहा और खुद अंदर चला गया। थोड़ी देर बाद संता ने देखा कि अमिताभ बच्चन और बंता बाहों में बाहें डाले बालकनी में आ रहे हैं। बंता ने संता की ओर देखा और हाथ हिलाया। इसके बाद संता बेहो6ा होकर गिर पड़ा। बंता दौड़कर नीचे आया और पानी के छींटे देकर संता को हो6ा में लाने की को6ाि6ा करने लगा। - संता, संता तुम्हें क्या हुआ ? उठो। संता ने धीरे से आंखें खोलीं और कहा - बंता तुम सचमुच दुनिया के सबसे प्रसिद्ध आदमी हो। - मैंने तुमसे कहा था न पर तुम ही नहीं मानते थे। खैर ये बताओ कि जब मैं तुम्हें मुख्यमंत्री के घर ले गया तब तुम बेहो6ा नहीं हुये, प्रधानमंत्री के घर ले गया तब तुम्हें कुछ नहीं हुआ फिर अब ऐसा क्या हुआ कि तुम गिर पड़े। संता ने धीरे से बताया - जब तुम ऊपर अमिताभ बच्चन के साथ बालकनी में खड़े थे तो एक आदमी जो मेरे बगल में खड़ा था उसने मुझसे क्या कहा जानते हो ? क्या कहा ? - बंता ने पूछा उसने कहा - संता ने बताया - वह कौन है जो बंता जी के साथ ऊपर बालकनी में खड़ा है।

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पुलिस में सिपाहियों की भर्ती के लिये साक्षात्कार के दौरान अभ्यार्थियों को एक व्यक्ति की तस्वीर दिखाते हुये साक्षात्कारकर्ता ने कहा - ''एक पुलिसवाले में निरीक्षण करने की शक्ति का होना बहुत आवश्यक है। इस चित्रको ध्यान से देखो और बताओ कि इसमें तुम्हें क्या खास बात दिखाई देती है ?''
पहले आवेदक ने कहा - ''इस आदमी के सिर्फ एक कान है ?''
''तुम जा सकते हो'' - साक्षात्कारकर्ता ने असंतुष्टि का भाव प्रदर्शित करते कहा।
दूसरा आवेदक आया और बोला - ''यह एक कान वाला आदमी है।''
''बाहर निकल जाओ'' - साक्षात्कारकर्ता चिल्लाया।

अब तीसरे आवेदक की बारी थी। पहले दो आवेदकों ने उसे बताया कि साक्षात्कारकर्ता को यह सुनना पसंद नकि तस्वीर में जो आदमी है उसके एक ही कान है।
''इस जानकारी के लिये धन्यवाद''- तीसरे आवेदक ने कहा और साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश कर गया।
उसने पहले थोड़ी देर तक तस्वीर को घूरा फिर बोला - ''यह आदमी कान्टेक्ट लेस पहनता है।''
साक्षात्कारकर्ता इस नये निरीक्षण से प्रभावित हुआ । बोला - ''शाबाश ! लेकिन मुझे बताओ कि तुमने ये कैसे जाना ?''
''चूंकि इस आदमी के एक ही कान है इसलिये वह चश्मा तो पहन ही नहीं सकता न!'' - आवेदक ने कहा ।

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एक पति पत्नी अपनी शादी की पचासवीं सालगिरह मना रहे थे कि अचानक पति रोने लगा । पति को रोते देख पत्नी ने कारण पूछा ।
पत्नी की आंखों में देखते हुये पति बोला - ''प्रिये क्या तुम्हें याद है आज से पचास साल पहले तुम्हारे पिता ने हमें तुम्हारे घर के पीछे वाले बगीचे में छुपकर मिलते हुये रंगे हाथों पकड़ा था ?''
पत्नी के ''हां'' कहने पर पति ने पूछा कि क्या उसे याद है कि उस वक्त उसके पिता ने मुझसे क्या कहा था ?
क्या कहा था । मुझे याद नहीं आ रहा । - पत्नी ने जवाब दिया।
उन्होनें कहा था कि अगर मैंने तुमसे शादी नहीं की तो वे मुझे पचास सालों के लिये जेल में डलवा देंगे।
तो क्या हुआ । तुमने तो शादी कर ली ना । पत्नी ने पति की ओर देखते हुये कहा।
यही तो सोच रहा हूं कि अगर मैंने उनकी बात नहीं मानी होती तो कम से कम आज मैं आजाद हो गया होता ।

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एक आदमी को हाइवे के बीचोंबीच सफेद पट्टियां पोतने का काम दिया गया। पहले दिन उसने छ: मील तक पुताई की। अगले दिन तीन मील और उसके अगले दिन मात्र एक मील की ही पुताई की। जब उसके ठेकेदार ने उससे इसका कारण पूछा तो उसने जवाब दिया - ''मैं इससे ज्यादा और जल्दी काम नहीं कर सकता। हर अगले दिन मुझे अपनी रंग की बाल्टी तक आने के लिये ज्यादा दूरी तय करना पड़ती है।''

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एक लड़के को सुपर मार्केट में नौकरी पर रख लिया गया। नौकरी के पहले दिन जब वह पहुंचा तो मैनेजर ने मुस्कुराहट के साथ उसका स्वागत किया, उसके हाथ में एक झाड़ू थमाई और कहा - ''तुम्हारा पहला काम है स्टोर की सफाई करना।''
''लेकिन मैं एक कॉलेज ग्रेजुएट हूं'' - लड़के ने कहा।
''ओह, अच्छा! दरअसल मुझे पता नहीं था।'' मैनेजर ने कहा। ''लाओ ये झाड़ू मुझे दो। मैं तुम्हें बताता हूं कि कैसे करना है।''

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एक कामगार अपने वेतन का चेक लेकर अपने मालिक के पास पहुंचा - ''यह चेक मेरे वेतन से दो सौ रूपये कम का है।'' उसने कहा।
''मुझे पता है'' - मालिक ने कहा। ''पिछले महीने जब मैंने तुम्हें दो सौ रूपये ज्यादा का चेक दिया था तब तो तुमने कोई शिकायत नहीं की थी।''
''ठीक है, वह आपकी पहली गलती थी इसलिये मैंने ध्यान नहीं दिया।'' - कामगार ने जवाब दिया। ''लेकिन अगर गलती करना आप अपनी आदत बना लेंगे तो मुझे कहना ही पड़ेगा न।''

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एक लुटेरे ने एक आदमी की कनपटी पर पिस्तौल टिकाई और बोला - ''जल्दी से अपना सारा पैसा मेरे हवाले करो ।''
भला आदमी, जो इस अचानक आक्रमण से घबरा गया था, बोला - ''तुम ऐसा नहीं कर सकते। तुम मुझे जानते नहीं हो। मैं रूलिंग पार्टी का लीडर हूं।''
''अच्छा ऐसी बात है। तो फिर मेरा पैसा मेरे हवाले करो।''

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एक आदमी मर गया और सीधा नरक में पहुंचा। वहां यमदूत ने उसका स्वागत किया और उसे नरक की सैर कराई। यमदूत ने कहा कि यहां तीन तरह के नरक-कक्ष है और उसे अपनी पसन्द का कक्ष चुनने की आजादी है।
पहला कक्ष आग की लपटों और गर्म हवाओं से इस कदर भरा हुआ था कि वहां सांस लेना भी दूभर था। आदमी ने कहा कि वह इस नरक में रहना नहीं चाहेगा।
यमदूत उसे दूसरे नरक कक्ष में ले गया । यह कक्ष सैंकड़ों आदमियों से भरा हुआ था और यमदूत बेरहमी से उनकी पिटाई कर रहे थे। चारों ओर चीखपुकार का माहौल था। आदमी यह सब देखकर घबरा गया और उसने यमदूत से अगला कक्ष दिखाने की प्रार्थना की।
तीसरा और अंतिम कक्ष ऐसे लोगों से भरा हुआ था जो बस आराम कर रहे थे और कॉफी पी रहे थे। यहां अन्य दो कक्षों जैसी कष्टदायक कोई बात उसे नहीं दिखी। उसने यमदूत से कहा कि वह इसी कक्ष में रहना चाहता है। यमदूत ने उसे उसी कक्ष में छोड़ा और चला गया। आदमी ने एक कॉफी ली और आराम से एक तरफ बैठ गया। कुछ मिनटों बाद लाउडस्पीकर पर एक आवाज गूंजी - ''ब्रेक टाइम खत्म हुआ। अब फिर से दस हजार घूंसे खाने के लिये तैयार हो जाओ !''

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इंटेलिजेंस ब्यूरो में एक उच्च पद हेतु भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। अंतिम तौर पर केवल तीन उम्मीदवार बचे थे जिनमें से किसी एक का चयन किया जाना था। इनमें दो पुरुष थे और एक महिला।
फाइनल परीक्षा के रूप में कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा की जांच की जानी थी। पहले आदमी को एक कमरे में ले जाकर परीक्षक ने कहा - ''हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।'' फिर उसने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा - ''उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।''
''मैं अपनी पत्नी को किसी भी हालत में गोली नहीं मार सकता''- आदमी ने कहा।
''तो फिर तुम हमारे किसी काम के नहीं हो। तुम जा सकते हो।'' - परीक्षक ने कहा।

अब दूसरे आदमी को बुलाया गया। ''हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।'' कहकर परीक्षक ने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा - ''उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।'' आदमी उस कमरे में गया और पांच मिनट बाद आंखों में आंसू लिये वापस आ गया। ''मैं अपनी प्यारी पत्नी को गोली नहीं मार सका। मुझे माफ कर दीजिये। मैं इस पद के योग्य नहीं हूं।''

अब अंतिम उम्मीदवार के रूप में केवल महिला बची थी। उन्होंने उसे भी बंदूक पकड़ाई और उसी कमरे की तरफ इशारा करते हुये कहा - ''हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगी चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो। उस कमरे में तुम्हारा पति बैठा है। जाओ और जाकर उसे गोली से उड़ा दो।'' महिला ने बंदूक ली और कमरे के अंदर चली गई। कमरे के अंदर घुसते ही फायरिंग की आवाजें आने लगीं । लगभग 11 राउंड फायर के बाद कमरे से चीखपुकार, उठापटक की आवाजें आनी शुरू हो गईं। यह क्रम लगभग पन्द्रह मिनटों तक चला उसके बाद खामोशी छा गई।
लगभग पांच मिनट बाद कमरे का दरवाजा खुला और माथे से पसीना पोंछते हुये महिला बाहर आई। बोली - ''तुम लोगों ने मुझे बताया नहीं था कि बंदूक में कारतूस नकली हैं। मजबूरन मुझे उसे पीट-पीट कर मारना पड़ा।''

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एक ग्रामीण पिता-पुत्र अपने नजदीकी शहर में शॉपिंग मॉल देखने गये। यूं तो वहां की हर चीज देखकर वे चकित थे परन्तु एक जगह एक खुलने और बन्द होने वाली दीवाल (लिफ्ट) देखकर वे विशेष रूप से प्रभावित हुये। उन्होंने ऐसी दीवाल पहले कभी नहीं देखी थी ।
जिस समय वे पिता पुत्र आंखे फाड़ फाड़ कर उस दीवाल को देख रहे थे उसी समय एक बूढ़ी औरत उस दीवाल के पास पहुंची और दीवाल पर लगा एक बटन दबाया। बटन दबाते ही दीवाल खुल गई और बूढ़ी औरत उस दीवाल के अन्दर चली गई । दीवाल फिर बन्द हो गई। थोड़ी देर बाद दीवाल अपने आप खुली और उसमें एक पच्चीस साल की खूबसूरत लड़की बाहर निकली।
पिता यह सब देखकर लगभग चिल्लाते हुये पुत्र से बोला - ''बेटा, जल्दी घर जा और अपनी मां को लेकर आ।''

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एक आदमी ने अपने घर फोन किया तो उधर से एक अनजान महिला की आवाज आई।
''कौन ?'' - आदमी ने पूछा।
''मैं घर की नौकरानी बोल रही हूं ।'' - महिला ने उत्तर दिया।
''लेकिन हमारे घर में तो कोई नौकरानी नहीं है।'' - आदमी ने कहा।
''मुझे घर की मालकिन ने आज सुबह ही नौकरी पर रखा है ।'' नौकरानी ने जवाब दिया।
''अच्छा ठीक है, सुनो। इस वक्त तुम्हारी मालकिन कहां हैं ? मुझे उनसे बात करनी है।'' - आदमी ने कहा ।
''वह तो बेडरूम में हैं। अपने पति के साथ।'' - नौकरानी ने जवाब दिया।
''क्याऽऽऽ... ? पति के साथ...... ? पर उसका पति तो मैं हूं ........ '' - आदमी गुस्से से भन्ना गया। उसने एक मिनट कुछ सोचा फिर बोला - ''हैलो ..... सुनो क्या तुम पचास हजार रूपये कमाना चाहोगी?''
''हां... । पर मुझे करना क्या होगा ?'' - नौकरानी ने पूछा ।
''तुम मेरी अलमारी से बंदूक निकालो और उस कुतिया और उसके साथ जो आदमी है उसे गोली से उड़ा दो।''
नौकरानी ने फोन नीचे रख दिया। आदमी ने पहले कदमों की और फिर दो गोलियां चलने की आवाज फोन पर सुनी।
नौकरानी ने वापस फोन उठाया और पूछा - ''अब इन लाशों का क्या करूं ?''
''उन्हें स्वीमिंग पूल में डाल दो।'' - आदमी ने कहा ।
''पर आपके घर में तो स्वीमिंग पूल नहीं है।'' - नौकरानी ने जवाब दिया।
लगभग तीन चार मिनट तक दोनों तरफ खामोशी छाई रही फिर आदमी की आवाज आई - ''क्या ये नम्बर 7457965 ही है ?''

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तीन दोस्त मर गये और स्वर्ग में पहुंचे। पहले दोस्त को स्वर्ग की सबसे बदसूरत और भद्दी महिला के साथ रहने को कहा गया।
''क्यों ?'' - उसने सवाल किया।
''क्योंकि जब तुम नौ साल के थे तुमने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।'' - यमराज ने जवाब दिया।
ठीक यही दूसरे दोस्त के साथ भी हुआ। उसने भी पूछा कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। यमराज ने उसे भी वही जवाब दिया कि जब वह नौ साल का था उसने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।
तीसरा दोस्त यह सुनकर खुश हुआ और बोला - ''चलो अच्छा है कि मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया।'' उसे स्वर्ग की सबसे खूबसूरत महिला का साथ नसीब हुआ। बाकी दोनों दोस्तों ने पूछा - ''क्यों ?''
''क्योंकि जब वह महिला नौ साल की थी तब उसने एक चिड़िया को पत्थर से मारा था।'' - यमराज ने बताया।

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पति-पत्नी में झगड़ा हुआ और बात तलाक तक पहुंच गई। लेकिन पहले फैसला बच्चे के बारे में होना था कि वह किसके पास रहेगा।
न्यायाधीश ने पहले पत्नी से पूछा कि वह कोई एक वजह बताये जिस कारण बच्चा उसे दिया जाना उचित हो ।
पत्नी ने कहा - ''मैने उसे नौ महीने गर्भ में रखा है और बड़े कष्ट झेलकर उसे जन्म दिया है। यह बच्चा मेरे शरीर का हिस्सा है। उस पर सिर्फ और सिर्फ मेरा ही अधिकार है।''
न्यायाधीश हांलाकि उसकी बात से प्रभावित हुये लेकिन नियम के अनुसार पति से भी वही प्रश्न किया।
पति ने जवाब दिया - ''देखिये, यदि मैं कोला (शीतल पेय) की मशीन में एक सिक्का डालता हूं और एक गिलास कोला निकल कर बाहर आता है तो आप ही बताइये उस कोला पर मेरा अधिकार होगा या मशीन का ?''

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एक गली में दो दुकानदार थे, राम और श्याम। श्याम की दुकान पर एक तख्ती लगी थी - ''शक्कर मात्र 15 रु. किलो'' । एक औरत आई और उसने दो किलो शक्कर देने को कहा।
''माफ कीजिये, पर आज माल खत्म हो गया। आप सोमवार को आइये तब तक और आ जायेगा।''
औरत को शक्कर तुरंत चाहिये थी। वह राम की दुकान पर पहुंची। वहां पता चला कि शक्कर का भाव 20 रु. किलो है। औरत ने विरोध किया - ''श्याम की दुकान पर शक्कर केवल 15 रू. किलो है। आप के यहां इतनी मंहगी क्यों ?''
''जब हमारा माल खत्म हो जायेगा तो हमारे यहां भी 15 रु. किलो हो जायेगी'' दुकानदार ने जवाब दिया।

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एक जीवविज्ञानी मेंढ़कों के व्यवहार का अध्ययन कर रहा था। वह अपनी प्रयोगशाला में एक मेंढ़क लाया, उसे फर्श पर रखा और बोला - ''चलो कूदो !'' मेंढ़क उछला और कमरे के दूसरे कोने में पहुंच गया। वैज्ञानिक ने दूरी नापकर अपनी नोटबुक में लिखा - ''मेंढ़क चार टांगों के साथ आठ फीट तक उछलता है।''
फिर उसने मेंढ़क की अगली दो टांगें काट दी और बोला - ''चलो कूदो, चलो !'' मेंढ़क अपने स्थान से उचटकर थोड़ी दूर पर जा गिरा। वैज्ञानिक ने अपनी नोटबुक में लिखा - ''मेंढ़क दो टांगों के साथ तीन फीट तक उछलता है।''
इसके बाद वैज्ञानिक ने मेंढ़क की पीछे की भी दोनों टांगे काट दीं और मेंढ़क से बोला - ''चलो कूदो!''
मेंढ़क अपनी जगह पड़ा था। वैज्ञानिक ने फिर कहा - ''कूदो! कूदो! चलो कूदो!'' पर मेंढ़क टस से मस नहीं हुआ।
वैज्ञानिक ने बार बार आदेश दिया पर मेंढ़क जैसा पड़ा था वैसा ही पड़ा रहा ।
वैज्ञानिक ने अपनी नोटबुक में अंतिम निष्कर्ष लिखा - ''चारों टांगें काटने के बाद मेंढ़क बहरा हो जाता है।''

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