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bikaneritiger

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मजेदार और रसीले चुटकले भाग 3
Posted: 27/09/2007 14:49:42
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एक बार अटलबिहारी, मुशर्रफ़, मल्लिका शेरावत और मार्गरेट थेचर, एक साथ ट्रेन मे सफ़र कर रहे थे। ट्रेन एक सुरंग के अन्दर से गुजरी, घना अन्धेरा छा गया। अटल को पता नही क्या सूझी, उसने अपने हाथ को चूमकर एक जोरदार आवाज निकाली और एक जोरदार झापड़ मुशर्रफ़ के रसीद कर दिया। सभी ने झापड़ की आवाज को सुना। ट्रेन जब सुरंग से बाहर निकली, सबने देखा, मुशर्रफ़ अपने गाल को सहला रहा था, सभी ने अलग अलग सोचा:
मुशर्रफ़ सोच रहा था, अटल ने मल्लिका को किस किया होगा, गलती से झापड़ मुझे पड़ गया। मल्लिका सोच रही थी, हो सकता है मुशर्रफ़ ने मेरे को किस करने के चक्कर मे मार्गरेट थैचर को किस कर दिया हो इसलिए पिटा। मार्गरेट सोच रही थी, ये मुशर्रफ़ भी ना, गलत जगह हाथ डाल देता है, मुझे किस करता तो, कम से कम, झापड़ तो ना पड़ता । अटल सोच रहा था : अबकि बार सुरंग आएगी तो फिर से करूंगा।”
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संतासिंह ट्रेन के लाइनमैन की नौकरी के लिए इन्टरव्यू देने गया। उससे पूछा गया: इन्टरव्यूवर : संतासिंह मान लो तुम्हे पता चलता है कि तुम्हारे ट्रेक पर दो रेलगाडियां विपरीत दिशा से आ रही है और उनमे टक्कर होने वाली है तो तुम क्या करोगे? संतासिंह: मै किसी एक ट्रेन को दूसरी लाइन पर स्विच कर दूंगा। इन्टरव्यूवर : अगर लीवर काम नही कर रहा हो तो? संतासिंह: तो मै हाथ से लीवर को खींचने की कोशिश करूंगा। इन्टरव्यूवर :अगर वो भी काम नही किया तो? संतासिंह: मै दोनो तरफ़ के स्टेशन मास्टर को खबर करूंगा। इन्टरव्यूवर :अगर फोन भी काम नही कर रहा हो तो? संतासिंह: मै लाल कपड़ा लेकर ट्रेक पर खड़ा हो जाऊंगा। इन्टरव्यूवर : अगर उस समय कोई लाल कपड़ा नही मिला तो? संतासिंह: फिर मै अपनी बीबी प्रीतो, को बुलाऊंगा। इन्टरव्यूवर :क्यों क्या वो कोई इन्जीनियर है? संतासिंह: नही, उसने कभी रेलगाड़ियों की टक्कर नही देखी ना। ....................................................................
रेल के डिब्बे में एक सज्जन ने अपने सामने वाले व्यक्ति को चुपचाप बैठे देखकर बातचीत करने के इरादे से कहा- भाई साहब आपका रूमाल नीचे गिर गया है। इस पर उस व्यक्ति ने कहा- मेरा रूमाल गिर गया है, इससे आपको क्या मतलब? आपका कोट सिगरेट से जल रहा है, पर मैंने तो कुछ नहीं कहा।
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एक यात्री ने ट्रेन मे दारू पीते पीते, सामने बैठे सरदार यात्री से पूछा, आप दारू पीते है? सरदारजी बोले, “ये सवाल है या निमन्त्रण?” अगर सवाल है तो मै नही पीता, और यदि निमन्त्रण है तो लगाओ गिलास”
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बांकेलाल (प्यारेलाल से)- यार मैं सोचता था कि इस दुनिया में सिर्फ मैं ही उल्लू हूं। प्यारेलाल (बांकेलाल से)- क्यों क्या हुआ? बांकेलाल (प्यारेलाल से)- कल मैंने अपनी पत्नी को कश्मीरी सेब लाने को कहा था। प्यारेलाल (बांकेलाल से)- तो क्या हुआ? बांकेलाल (प्यारेलाल से)- आज कश्मीर से फोन आया कि उसने सेब खरीद लिए है। .................................................................
एक बार एक रेलगाड़ी सुनसान इलाके से रात को जा रही थी। जिसमें जीतू भैया और पंडित जी सफर कर रहे थे। अचानक जोर का ब्रेक लगा और गाड़ी रुक गई। पंडित जी ने कहा भैया लगता है गाड़ी का टायर पँक्चर हो गया है। जीतू भैया बोले मैं देख कर आता हूँ। जीतू नीचे उतरे और दौड़ कर वापस आये अरे पंडित जी कोई गाड़ी के सारे टायर ही चुरा कर ले गया।
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