Thursday, 01 October 2020

KhabarExpress.com : Local To Global News
  1896 view   Add Comment

काली फिल्मों के साथ ही दौड़ रहे वाहन

आदेश के बाद भी शहर में काले शीशे वाले वाहन बेधडक़ दौड़ रहे

आचार संहिता और कोर्ट के आदेश के बाद भी शहर में काले शीशे वाले वाहन बेधडक़ दौड़ रहे हैं। कुछ वाहनों पर तो ये काली फिल्में इतनी गहरी हैं कि दिन में भी उनके भीतर देख पाना संभव नहीं है। ऐसे वाहनों में कौन बैठा है, कितने लोग बैठे हैं अंदर कहीं हथियार या अवांछित सामग्री तो नहीं रखी है ये देखना संभव नहीं होता। ऐसे में इन काली फिल्मों से खतरा है। फिर भी पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। शहर में ऐसे वाहनों की तादाद काफी ज्यादा है जिन पर काली फिल्में लगी हैं। गत साल दिसंबर में दिल्ली गैंग रेप मामले के बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेशानुसार कई वाहनों से काली फिल्में उतारी। कुछ दिनों तक तो ये कार्रवाई लगातार चली लेकिन फिर पुलिस कर्मचारियों के तबादले और लापरवाही से धीरे धीरे ऐसे वाहनों की सं यां में फिर से इजाफा होने लगा। जानकारी के अनुसार वाहनों के शीशों पर काली फिल्में चढ़ी होने से अंदर बैठे व्यक्ति नजर नहीं आते। वाहन के भीतर ना तो आम लोग देख पाते हैं और ना ही पुलिसकर्मियों को कुछ दिखता है। पुलिस सिर्फ नाकाबंदी या चैकिंग के दौरान ही वाहनों के शीशे उतरवा के देखती है। आम दिनों में ऐसे वाहन बेधडक़ शहर में दौड़ते रहते 

 

Tag

Share this news

Post your comment