Friday, 20 October 2017

3752 करोड़ रूपये की मिशन अमृत योजना केन्द्र से हुई मंजूर

योजना मे केन्द्र से मिलेंगें राजस्थान को 1876 करोड़ रूपये

नई दिल्ली,  नई दिल्ली के निर्माण भवन में बुधवार को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित, ‘मिशन अमृत’ (अटल मिशन फॉर रिज्यूवेनेशन एण्ड अरबन ट्रांसफॉरमेशन) के लिए ‘स्टेट एनुअल एक्शन प्लान’ की बैठक में राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत करीब 3752 करोड़ रूपये की परियोजना को कंेद्रीय मंत्रालय से मंजूरी मिल गई। इस रकम में आगामी पांच वर्षो (2015-20) के दौरान राज्य के 29 शहरों में आधारभूत सुविधाओं के सुधार एवं विकास कार्य किये जायेगे। बैठक के दौरान ‘मिशन अमृत’ के अंतर्गत प्रथम चरण के सुधार कार्यो के लिए चयनित 12 शहरों को वर्ष  2015-2016 के लिए करीब 934 करोड़ रूपये की कार्ययोजना को भी मंजूरी मिल गई है। 

 
राजस्थान के स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. मंजीत सिंह ने बैठक के बाद बताया कि आगामी पांच वर्षो के दौरान इस मिशन के अन्तर्गत मंजूर 3752 करोड़ रूपये की परियोजना राशि में करीब 1876 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार, 1126 करोड़ रूपये राज्य सरकार एवं करीब 750 करोड़ रूपये शहरी स्थानीय निकायों द्वारा खर्च किया जायेगा साथ ही उक्त कुल राशि का करीब 49 प्रतिशत सीवरेज प्रबंधन, 22 प्रतिशत जलापूर्ति, 13 प्रतिशत नालीकरण, 12 प्रतिशत शहरी परिवहन एवं 4 प्रतिशत ऑपन स्पेश सुविधा विकसित करने के लिए राज्य के चयनित 29 शहरों के कार्याकल्प पर खर्च किया जायेगा। 
 
उन्होने बताया कि प्रथम चरण में राज्य के 12 शहरों में इस मिशन के तहत करीब 934 करोड़ रूपये से स्वच्छ जल आपूर्ति एवं गंदे पानी के निकास के लिए सीवरेज सुविधाओं का कार्य किये जायेगें। इन शहरों में गंगापुर सिटी, धौलपुर, चित्तौड़गढ, बारां, अलवर, सुजानगढ़, नागौर, भीलवाड़ा, ब्यावर, भिवाड़ी, सीकर एवं जोधपुर शहरों को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि ‘मिशन अमृत’ के तहत् केन्द्र सरकार से मंजूरित उक्त परियोजना राशि में 50 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र का 30 प्रतिशत राजस्थान सरकार का एवं 20 प्रतिशत शहरी स्थानीय निकायों का होगा।
 
IAS Manjeet Singh and other official during the meeting
सिंह ने बताया कि अमृत मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ जलापूर्ति, सीवरेज कनेक्शन, पार्क एवं पार्किंग सुविधा प्रदान करना साथ ही नॉन मोटराइज्ड व्हीकलों को बढ़ावा देना हैं। इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों केा विश्वस्तरीय सुविधाएं भी प्रदान की जा सकेगी।
 
सिंह ने बताया कि अमृत योजना के तहत् राजस्थान के जिन 29 शहरों को शामिल किया गया है। उनमें जयपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, सीकर, गंगानगर, पाली, टोंक, हनुमानगढ़, किशनगढ़, ब्यावर, धौलपुर, गंगापुर सिटी, सवाईमाधोपुर, चूरू, झुंझुनु, बांरा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, नागौर, हिण्डौन सिटी, भिवाड़ी, सुझानगढ़ एवं झालावाड़ शामिल है। पांच वर्षो के दौरान प्रत्येक शहर में सीवरेज, जलापूर्ति, पार्क, पार्किंग, स्थानीय परिवहन, बच्चों के लिए मनोरंजन के स्थान जैसी सुविधाओं के विकास के लिए करीब 160 करोड़ रूपये प्रति शहर खर्च किये जाने की योजना है।
 
उन्होने बताया कि अमृत योजना के अंतर्गत कार्ययोजना की मंजूरी प्राप्त करने वाला राजस्थान देश का प्रथम राज्य है। जिसकी प्रस्तुत कार्ययोजना को बिना फेरबदल के केन्द्र से मंजूरी मिली है। साथ ही राजस्थान द्वारा मिशन के कार्यान्वयन के लिए बैठक में प्रस्तुत किये गये ‘स्मार्ट सुझावों’ को भी देशभर के लिए मॉडल सुझाव के तौर पर प्रशंसा मिली। राजस्थान द्वारा प्रस्तुत ‘स्टेट एनुअल एक्शन प्लान’ को भी मॉडल एक्शन प्लान के रूप में देशभर में अपनाने का सुझाव केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा दिया गया।  
 
सिंह ने बताया कि ‘मिशन अमृत’ मुख्य रूप से सुधारात्मक प्रकृति का है जिसमें मुख्य रूप से पहले से उपलब्ध सुविधाओं का उन्नयन किया जायेगा। उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2015-2016 के दौरान सुधार कार्यो के लिए राजस्थान के लिए 934 करोड़ रूपये की कार्य योजना की मंजूरी मिल चुकी है अब जल्द ही सभी शहरों की विस्तृत परियोजना रिर्पोट बना ली जायेगी तथा कार्यो को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। ताकि दूसरी किश्त का केंद्र सरकार से जल्द ही आवंटन हो सके। 

 

IAS Manjeet Singh   Mission Amrit Scheme   Atal Urban Transformation