Tuesday, 24 October 2017

वानिकी एवं जैव दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

जापान इंटरनेशनल कार्पोरेशन एजेन्सी द्वारा पोषित राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना

बीकानेर, जापान इंटरनेशनल कार्पोरेशन एजेन्सी द्वारा पोषित राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना -2 की दो दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार को स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविधालय परिसर में सम्पन्न हुई ।

कार्यशाला में  परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारीगणों के अतिरिक्त चयनित स्वयंसेवी संस्थाएं- मरू विकास एवं शोध संस्थान, नोखा, नवयुग विकास एवं अनुसंधान संस्थान, बीकानेर, कृषि ग्रामीण एवं पर्यावरण संस्थान, बीकानेर तथा सामाजिक आर्थिक एवं विकास समिति चाकसू, जयपुर के कॉर्डिनेटर, टीम लीडर, माइक्रोफाईनेंस एवं कम्प्युनिटी डवलपमेंट अधिकारीगणों सहित लगभग 115 पुरूष एवं महिलाओं ने  कार्यशाला में भाग लिया ।

अन्तर्राष्ट्रीय कन्सलटेंट  स्टेफिन डेवनिश (ग्रेट ब्रिटेन), रॉबर्ट मार्टलेण्ड (आयरलेण्ड) जो मरूस्थलीय वनारोपण विशेषज्ञ है ने भी इन्दिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र के भ्रमण के बाद अपने विचार कार्यशाला में प्रस्तुत किये ।  इनके साथ मनोज पटनायक और  शलभ भारद्वाज ने भी कार्यशाला में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यशाला के दूसरे दिन  एन.जी.ओ. द्वारा कराये जाने वाले अपेक्षित कार्यो पर विशेष चर्चा की गई ।  परियोजना निदेशक,  ए.के. उपाध्याय ने एन.जी.ओ. को आह्वान किया कि वे संबंधित ग्रामों में जाकर माईक्रोप्लान बनाने की कार्यवाही ग्राम्य वन सुरक्षा एवं प्रबन्ध समिति के सहयोग से सम्पन्न करायें । 

मुख्य वन संरक्षक, आर.एफ.बी.पी. श्री वेंकटेश शर्मा ने बताया कि राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता परियोजना में वृक्षारोपण, कृषि वानिकी एवं जैव विविधता संरक्षण के अतिरिक्त गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका सुधार, जल संरक्षण संरचनाएं और सामुदायिक संगठन के विकास कार्य सम्पन्न कराये जायेंगे ।  

संभागीय मुख्य वन संरक्षक ए.एस. गुरू साहब ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एन.जी.ओ. और वनकर्मियों को मिलकर कार्यस्थल की विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के विकास की योजना बनाकर उसको सफलता से क्रियान्वयन पर जोर दिया ।  स्वयंसेवी संस्थाओं और वनकर्मियों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।  कार्यशाला का संचालन मण्डल वन अधिकारी  अरुणकान्त सक्सेना  ने करते हुए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया ।

 

 

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