Wednesday, 13 December 2017

पांच दिवसीय प्रषिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन

मरू क्षेत्र में भेड़ उत्पादन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन विषय पर डॉ. एन वी पाटील ने किया संचालन

केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, मरू क्षेत्रीय परिसर, बीकानेर में आज पांच दिवसीय प्रषिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एन वी पाटील, निदेषक, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र ने कहा कि आज के परिवर्तनषील जलवायु मेें भेड़ पालन एक लाभदायक व्यवसाय है एवं मरू क्षेत्र के किसानों के लिये मुख्य आय का स्रोत है क्योंकि यह देखा जा रहा है कि मरू क्षेत्र की जलवायु में अधिक ठण्ड एवं अधिक गर्मी व वर्षा की कमी होने से फसल, फलदार पौधों व अनेक वनस्पति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है जिससे यह वनस्पति या तो नष्ट हो जाती है या फिर कम उत्पादन देती है। परन्तु इन विषम परिस्थितियों में भेड़ न केवल अपना बचाव करती है बल्कि अच्छी किस्म की ऊन, मांस व खाद देती है जिससे किसानों की आजिविका चलती है। 
कार्यक्रम के विषिष्ट अतिथि भुपेन्द्र कुमावत, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड बैंक ने इस अवसर पर किसानों को भेड़ बकरीं पालन पर नाबार्ड बैंक द्वारा वित्त पोषित अनेक योजनाओं के बारे जानकारी दी एवं कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर किसान ऋण सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।
मरू क्षेत्रीय परिसर के प्रभागाध्यक्ष एवं मगरा परियोजना के प्रभारी डॉ. ए. के. पटेल ने मुख्य अतिथि, विषिष्ट अतिथि एवं भेड़ पालकों का स्वागत किया एवं पांच दिवसीय प्रषिक्षण की विस्तृत जानकारी दी। यह प्रषिक्षण मगरा नेटवर्क परियोजना के अन्तर्गत दिया जा रहा है। यह परियोजना बीकानेर जिले के 12 गावों में चलाई जा रही है। इन गावों के लगभग 20 भेड़ पालक इस प्रषिक्षण में हिस्सा ले रहे है। डॉ. पटेल ने कहा कि इस प्रषिक्षण द्वारा भेड़ पालक नवीन तकनीकों के बारे में सिखेंगें एवं भेड़ों में होने वाले रोगों के उपचार के बारे में जान सकेंगे ताकि उनको स्वस्थ रखा जा सके। डॉ. आर के सावल प्रधान वैज्ञानिक ने कार्यक्रम का संचालन किया। अंत में उन्होने मुख्य अतिथि महोदय, विषिष्ट अतिथि एवं प्रषिक्षण हेतु पधारे किसानों को धन्यवाद ज्ञापित किया।