Saturday, 23 February 2019
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एसकेआरएयू के कृषक मेले मे 3500 किसानों की भागीदारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय किसान मेले का आयोजन

एसकेआरएयू के कृषक मेले मे 3500 किसानों की भागीदारी

बीकानेर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय किसान मेले का आयोजन स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर परिसर में किया गया।  इस किसान मेले में जिले भर के करीब  3500 कृषकों व कृषक महिलाओं ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अर्जुनराम मेघवाल, सांसद बीकानेर ने कहा कि ये बीमा योजना पूर्व की सभी फसल बीमा योजनाओं से बेहतर है क्योंकि इसमें छोटा प्रीमीयम पर बडा लाभ कृषकों को प्राप्त होता है।  साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना में कृषक की फसल गोदाम तक पहुॅंचने के 14 दिन बाद तक सुरक्षित रहती है।  इस योजना का यह लाभ है कि इसमें खेत को एक इकाई माना गया है जबकि पूर्व की फसल बीमा योजना में एक तहसील को इकाई माना जाता था।  उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस बीमा योजना से देश के 70 प्रतिशत कृषकों को जोडने का है और आगे इसकों शत प्रतिशत करने का है।  उन्होनें कृषि व पशुपालन के आधुनिक अनुसंधान को किसानों तक पहुॅंचाने पर जोर दिया।  इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष माननीय कुलपति प्राफेसर बी. आर. छीपा ने कहा कि वर्तमान परिवेश में जलवायु परिवर्तन के कारण कृषकों को खेती मे बहुत अत्यधिक परेशानी  का सामना करना पड रहा है इसलिए कृषक भाई विश्वविद्यालय की नवीनतम तकनीकियों को अपनाकर अपनी खेती को सुरक्षित व उपयोगी बनाए साथ ही उन्होंने ने कृषकों को अपनी फसल का बीमा करवाकर इस बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए प्ररित किया। इस अवसर पर निदेशक, प्रसार शिक्षा डाॅ. पी. एल. नेहरा ने कहा कि कृषकों को ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में दलहनी फसलों को लगाना चाहिए जिससे कृषकों की भूमि में सुधार हो सके, उन्होंने दलहनी फसलों की विभिन्न रोगरोधी किस्मों के बारे में किसानों को जानकारी दी।  
कार्यक्रम के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. इन्द्रमोहन वर्मा ने पूरे जिले से आये किसानों को फलदार पौधों को लगाने हेतु प्रेरित किया साथ उन्होने शुष्क क्षेत्र के फलदार पौधों की किस्मों के बारे में बताया। इस अवसर पर कृषि व पशुपालन की नवीनतम तकनीकी का जीवन्त  इकाई के रूप में प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न निजी संस्थाओं, केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्स्थान, केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र एवं राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र एवं विष्वविद्यालय इकाइयों द्वारा जीवन्त प्रदर्षन इकाईयों का प्रदर्षन किया गया। कृषि में उपयोग होने वाले यन्त्रों का जीवन्त प्रदर्षन कर कृषकों को लाभान्वित किया गया। बैंकों एवं बीमा संस्थाओं द्वारा गई कृषक विकास में उपयोगी योजनाओं के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को खरपतवार प्रबन्धन, रोग व कीट प्रबन्धन, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम, सोलर संयत्र, शुष्क क्षेत्रों की फसलों की जानकारी दी। 
 किसान मेले में विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डाॅ. गोविन्द सिंह, क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. एस.एल. गोदारा, डाॅ. बी.आर. कडवा, उपनिदेशक आत्मा, आनन्द स्वरूप छींपा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग ने भी शिरकत की। इस समारोह में डाॅ. रामधन जाट, अतिरिक्त निदेशक, राष्ट्रीय बीज परियोजना, डाॅ. जे.पी. लखेरा, प्रसार शिक्षा विभाग, डाॅ. ए.के. नकवी, खजूर अनुसंधान केन्द्र, डाॅ. प्रकाश सिंह शेखावत, कृषि अनुसंधान केन्द्र एवं विवेक व्यास ने आगन्तुक किसानों से सम्पर्क कर उनकी जिज्ञासा को सम्बन्धित विषय विशेषज्ञों तक पहुंचाकर मंच से समाधान करवाया। विश्वविद्यालय के वित्त नियन्त्रक अरविन्द सिंह शेखावत ने भी इस किसान मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज की वहीं मंच का संचालन एटिक मैनेजर मीनाक्षी चैधरी ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कुलसचिव डाॅ. आई. जे. गुलाटी ने सभी आगुन्तकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। 

Indramohan Verma, Bikaner Agriculture, Farmer Fair, SKRAU, Arjunram Meghwal,

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