Thursday, 24 May 2018
khabarexpress:Local to Global NEWS

भारत अफ्रीका सहभागिता में बनेगा तकनीकी सहयोगी

विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का मौका

बीकानेर। वेटरनरी विश्वविद्यालय को भारत-अफ्रीका सहभागिता के अन्र्तगत पशुपालन के क्षेत्र में तकनीकी पाटर्नर के रूप में सहभागी बनाने का आग्रह किया है। कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कृषि व पशुपालन के क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवाएं अफ्रीकी देशों को प्रदान की जाएगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, अन्तर्राष्ट्रीय संस्था-एक्रिसेट एवं अन्तर्राष्ट्रीय कृषि परामर्शी समूह द्वारा 24 जून को नई दिल्ली में आयोजित गोल मेज सम्मेलन में यह निष्कर्ष निकला है। भारत-अफ्रीका सहभागिता के तहत कृषि व पशुपालन के क्षेत्र में अन्न उत्पादन खाद्य श्रृखला, व्यवसाय सम्बन्ध तथा उद्यमिता सम्बन्धी विशेषज्ञ सेवाएं भारत द्वारा अफ्रीकी देशों को प्रदान की जाएगी ताकि अफ्रीकी देशों में कृषि व पशुपालन के हालात को सुधारा जा सके तथा इसमें स्थिरता लायी जा सके। एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप के अध्यक्ष श्री डॉ. एम.जे. खान ने वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय को इसमें तकनीकी सहयोगी बनाने का आग्रह किया है। कुलपति प्रो. ने बताया कि आशा की जा रही है कि सम्पूर्ण कार्यक्रम का वित्त पोषण भारत सरकार एवं अन्तर्राष्ट्रीय वित्त संस्थाओं द्वारा किया जा सकता है। विश्वविद्यालय से यह भी आशा की जा रही है कि विभिन्न विषयों के वैज्ञानिक आवश्यकता अनुसार विभिन्न परियोजनाओं व कार्यक्रमों में भाग ले सकेगें। कुलपति प्रो. गहलोत ने आशा व्यक्त कि इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय की सहभागिता से अफ्रीकी देशों के वैज्ञानिकों से दीर्घकालिक रिश्ते कायम हो सकेगें तथा वेटरनरी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का भी मौका मिलेगा। कुलपति द्वारा संकाय अध्यक्ष, निदेशक अनुसंधान, निदेशक प्रसार शिक्षा से हुए विचार के अनुसार विश्वविद्यालय की ओर से तकनीकी पाटर्नर की स्वीकृति शीघ्र ही भेज दी जायेगी। मसौदे के अनुसार लघु, मध्यम व दीर्घ कालिक समायावधि हेतु इस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को भविष्य में भी उपरोक्त कार्यक्रम हेतु अफ्रीकी देशों में भेजा जा सकेगा। 

Ag University    India Afrika