Monday, 23 October 2017

खरीफ फसलों पर हुई तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

खरीफ फसलों के बीज उत्पादन, लाभ लागत आंकलन, बीज प्रसंस्करण एवं विपणन

बीकानेर, स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकोनर के अकादमिक कर्मचारी महाविद्यालय एवं दुरस्थ शिक्षा केन्द्र  एवं राष्ट्रीय बीज परियोजना (एन.एस.पी.) के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ’’खरीफ फसलों के बीज उत्पादन, लाभ लागत आंकलन, बीज प्रसंस्करण एवं विपणन’का बुधवार को समारोह पूर्वक समापन हुआ।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि विश्वविद्यायल के कुलपति  प्रो. ए. के. दाहमा ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये तथा उन्हें बीजों के उत्पादन व प्रंसस्करण के उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।  उन्होंने विशेष रूप से कह कि इस तरह के प्रशिक्षण समय-समय पर आयोजित किये जाने चाहिए। निदेशक, अकादमिक कर्मचारी महाविद्यालय एवं दूरस्थ शिक्षा केन्द्र डॉ. पी. एस. राठौड ने अतिथियों का स्वागत करते हुए  बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में कुल 16 व्याख्यान हुए।  जिनमें खरीफ फसलों की शस्य प्रबंधन तकनीक, खरीफ फसलों के कीट एवं बीमारीयों के प्रबंधन, भण्डाणन के समय लगने वाले कीटों, बीज प्रमाणीकरण तथा विभिन्न फसलों की बीज उत्पादन तकनीक पर विषय विशेषज्ञयों तथा इन फसलों पर कार्य करने वाले पौध प्रजन्नकों द्वारा जानकारी प्रदान की गई। उन्होने बताया की प्रशिक्षण में कुल 25 प्रतिभागियों ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थित कृषि अनुसंधान, उफषि अनुसंधान, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के फार्म प्रबन्धक, फार्म संचालक एवं कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

समारोह में विशिष्ठ अतिथि डा. आर. पी. जागीड, निदेशक अनुसंधान, ने प्रशिक्षाणियों को प्रोत्साहित कर बीज उत्पादन बढानें के लिये आव्हान किया। डा. पी. पुण्डीर, अतिरिक्त निदेशक अनुसंधान (बीज) ने कहां की बीज उत्पादन में जहां भी संसाधनों की कमी होगी उसे पूरा करने का आश्वासन और बीज की गुणवता बनाये रखने पर जोर दिया।डॉ. एस. एस. पारीक ने धन्यवाद, ज्ञापित किया तथा मंच का संचालन डॉ. अनिता सिंह ने किया।

 

Swami Keshwanand Rajasthan Agriculture University